
ग्वालियर में सिंधिया समर्थकों के बीच जमकर लात घुसे चले हैं। इस दौरान दलित भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट और जाति सूचक गालियां भी दी गई। पुरानी रंजिश को लेकर पहले स्टेशन फिर थाने के सामने सड़क पर हंगामा चलता रहा। पुलिस को हालात काबू में लेने के लिए हल्का सख्त लहजा भी अपनाना पड़ा। मामला शुक्रवार देर रात का बताया जा रहा है। सीनियर नेताओ के हस्तक्षेप के बाद थाने पर ही मामले में राजीनामा कराया गया। जिसके चलते पुलिस ने कोई भी मामला दर्ज नही किया।
यह है पूरा मामला
बता दें कि शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जयोतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर प्रवास पर आए हुए थे। ऐसे में सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता भिंड मेहगांव जिले से भी उनका स्वागत करने पहुंचे थे। इस दौरान भिंड जिले के ही रहने वाले प्रदीप दंडोतिया और सोनू करोसिया के बीच विवाद हो गया। देर रात ग्वालियर रेलवे स्टेशन के बाहर जमकर लात घूंसे चले और मामला पड़ाव थाने तक आ पहुंचा, जहां एक बार फिर विवाद शुरू हुआ और फिर से लात घूंसे चले, हालात को कंट्रोल में करने पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और पुलिस ने विवाद कर रहे कार्यकर्ताओ पर लाठियां चलाई।
दोनों ही गुटों के बीच सड़क होता हंगामा
आपको बता दे कि पूरा विवाद पुरानी रंजिश का बताया गया है, जहां दलित कार्यकर्ता सोनू करोसिया का आरोप है कि भिंड जिले का ही रहने वाला प्रदीप दंडोतिया पहले भी कई बार उन्हें जातिसूचक गालियां देता रहा है। एक बार फिर उसने सार्वजनिक रूप से ग्वालियर में गालियां दी। जब उसे ऐसा करने से मना किया तो स्टेशन के बाहर धक्का मुक्की के साथ मारपीट कर दी। थाने पर शिकायत के लिए पहुंचने पर अपने साथियों को बुलाकर फिर मारपीट की कोशिश की है। इस दौरान सीनियर नेताओ ने हस्तक्षेप किया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ, और सभी की समझाइश पर राजीनामा हुआ।
इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है
पड़ाव थाने के एसआई संतोष भदौरिया का कहना है कि किसी बात को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के दो घुटनों में विवाद हो गया था दोनों ही गुटों के लोग थाने पहुंचे थे, जहां दोनों में आपसी समझौते के बाद राजीनामा होने के कारण कोई भी कानूनी कार्रवाई नही की गई।