हम ऊंची-ऊंची इमारतों और पॉश सोसायटियों में घर क्यों खरीदते हैं? सिर्फ इसलिए ताकि हमारा परिवार सुरक्षित रहे। लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्टसे सामने आया एक वीडियो इस भरोसे को चकनाचूर करने के लिए काफी है। यहां की एक नामी सोसायटी की लिफ्ट के अंदर जो हुआ, उसे देखकर हर उस शख्स की रूह कांप जाएगी जो फ्लैट्स में रहता है।

ग्रेटर नोएडा की लिफ्ट में बुजुर्ग महिला से लूट की कोशिश, वीडियो वायरल
मामला बिसरख थाना क्षेत्र की ला रेजिडेंशिया सोसायटी का बताया जा रहा है, जहां दिनदहाड़े सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बदमाश लिफ्ट तक पहुंच गया।
क्या हुआ लिफ्ट के अंदर?
घटना सोसायटी के टावर B-1 की है। वहां रहने वाली बुजुर्ग महिला किसी काम से नीचे जाने के लिए लिफ्ट में चढ़ी थीं। उनके साथ एक बच्ची भी वीडियो में नजर आ रही है। जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला वह अंदर गई, तभी पीछे से एक युवक हेलमेट पहनकर आया और लिफ्ट में चढ़ गया।
बुजुर्ग महिला को लगा कि शायद यह भी इसी टावर का कोई निवासी होगा। लिफ्ट का दरवाजा बंद होते ही उस युवक ने अपना असली चेहरा दिखाया। उसने झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने की चेन खींचने की कोशिश की। लेकिन दाद देनी होगी बुजुर्ग महिला की हिम्मत की। वह घबराई नहीं, बल्कि उन्होंने शोर मचा दिया और खुद को बचाने की कोशिश की। ऐसे में वह वहां से भाग खड़ा हुआ।
पहचान छिपाने की थी पूरी प्लानिंग
सीसीटीवी फुटेज देखने पर साफ पता चलता है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। आरोपी ने जानबूझकर हेलमेट पहन रखा था ताकि कैमरे में उसका चेहरा न आए। सवाल यह है कि एक हेलमेट पहना हुआ बाहरी शख्स गार्ड्स की नजरों से बचकर टावर की लॉबी और फिर लिफ्ट तक कैसे पहुंच गया?
‘हम पैसे सुरक्षा के देते हैं या तमाशबीन बनने के?’
इस घटना के बाद सोसायटी में रहने वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि वे हर महीने मेंटेनेंस के नाम पर मोटी रकम चुकाते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

एक यूजर ने कहा – गार्ड्स अक्सर मोबाइल में बिजी रहते हैं। कोई भी अंदर आ रहा है, कोई रोक-टोक नहीं है। वहीं कईयों ने कहा कि आजकल कोई ध्यान नहीं देता, सब मोबाइल स्क्रीन में घुसे रहते हैं।
पुलिस कर रही तलाश
रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्ग महिला के बेटे और अन्य परिजनों ने पुलिस को सूचना दी है। बिसरख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है। हेलमेट के बावजूद पुलिस हुलिए और कपड़ों के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
सोसायटियों में ‘विजिटर एंट्री एप’ और गार्ड्स की फौज होने के बावजूद अगर अपराधी बेडरूम और लिफ्ट तक पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदारी किसकी है