हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के शव का आज चंडीगढ़ के सेक्टर 16 अस्पताल में डॉक्टरों का बोर्ड पोस्टमॉर्टम करेगा। पूरन ने कल, मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित कोठी में अपने सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था।
हरियाणा के IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ में अपनी कोठी पर गोली मारकर सुसाइड किया था।-फाइल फोटो
उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार भी चंडीगढ़ लौट रही हैं। सुसाइड के वक्त वह CM नायब सैनी के साथ जापान के ऑफिशियल दौरे पर थीं। पोस्टमॉर्टम के बाद पूरन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पूरन कुमार की सुसाइड के पीछे की वजह रोहतक में उनके गनमैन सुशील पर दर्ज रिश्वत केस को माना जा रहा है। गनमैन को शराब ठेकेदार से ढाई लाख रुपए मंथली रिश्वत मांगने पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। रोहतक के SP नरेंद्र बिजारणिया ने पुष्टि की कि सुशील ने पूछताछ में IG पूरन कुमार का नाम लिया था।
वहीं पूरन को कुछ दिन पहले रोहतक रेंज IG की फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भेजा गया था, जिसे विभाग में पनिशमेंट पोस्ट के तौर पर माना जाता है।
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक अभी सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस प्रवक्ता ने इतना जरूर कहा कि पूरन कुमार के शव के पास से पुलिस को वसीयत और फाइनल नोट (आखिरी लेटर) मिला है। हालांकि सुसाइड से पहले IG ने उसमें क्या लिखा, इसके बारे में पुलिस ने डिटेल्स शेयर नहीं की हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 8 पेज के लेटर में पूरन कुमार ने 30 से 35 IPS अफसर और कुछ IAS अफसरों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। गोली मारने से पहले उन्होंने लेटर अपनी पत्नी और 2 IPS अफसरों को भेजा था।

रोहतक का वह केस, जिससे सुसाइड कनेक्शन जुड़ा रोहतक के सेक्टर 2 के रहने वाले शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने शिकायत की थी कि IG पूरन कुमार का गनमैन सुशील कुमार ढाई लाख की मंथली रिश्वत मांग रहा है। सबूत के तौर पर उसने सीसीटीवी और कॉल की रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। उसने इस बारे में कई बार शिकायत की। उस वक्त वाई पूरन कुमार रोहतक रेंज के IG थे। लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई।
इसी बीच 29 सितंबर को पूरन को रोहतक IG से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC), सुनारिया में लगा दिया गया। इसके बाद रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में यमुनानगर के रहने वाले गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ करप्शन के मामले में FIR नंबर 319 दर्ज कर ली गई। रोहतक SP का दावा है कि सुशील ने पूछताछ में वाई पूरन कुमार का नाम लिया था।

रसोइए ने बताई सुसाइड की पूरी कहानी….
नीचे बेसमेंट में जाने की बात कही: वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में कोठी नंबर 116 में रहते थे। उनके रसोइए प्रेम सिंह ने बताया कि मैं 6 साल से वाई पूरन कुमार के पास कोठी में खाना बनाने का काम करता हूं। मंगलवार को सुबह 10 बजे सर मेरे पास आए और कहा कि वह नीचे बेसमेंट में जा रहे हैं। बेसमेंट में हॉल रूम के साथ 2 रूम बनाए हुए हैं जिनमें से एक में साउंड प्रूफ थिएटर है।किसी को नीचे न आने देना: प्रेम ने आगे कहा कि साहब ने कहा कि वह जरूरी काम करने के लिए नीचे जा रहे हैं और वह आज अपने डॉग को भी घुमाने नहीं ले जाएंगे। इसलिए मैं किसी को भी नीचे न आने दूं। उनकी बेटी अमूल्या कुछ सामान लेने के लिए बाजार गई थी। 11 बजे सर आए और मुझे कहा कि दोपहर का खाना बना लूं, क्योंकि वह फिर से अभी नीचे ही जा रहे हैं। इस दौरान उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार ने 12 से 15 फोन किए हुए थे लेकिन वह रिसीव नहीं कर रहे थे। इसी कारण पत्नी ने बेटी को फोन किया।बेसमेंट में कनपटी से खून बह रहा था: रसोइए ने कहा कि अमूल्या ने तुरंत मुझे फोन करके कहा कि सर को फोन रिसीव करने के लिए कहो। इस पर मैंने बताया कि सर नीचे कमरे में हैं और उन्हें डिस्टर्ब न करने को कहा गया है। पौने 1 बजे अमूल्या बाजार से आईं और बेसमेंट वाले कमरे में गईं तो सोफे पर बैठे साहब की कनपटी से खून बह रहा था। उसने तुरंत अपने मामा अमित रतन को फोन पर सूचना दी। अमित रतन बठिंडा ग्रामीण से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं।

चंडीगढ़ पुलिस बोली- हमें डेढ़ बजे कॉल आया चंडीगढ़ पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे सुसाइड की सूचना आई। पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई गई। मौके से पिस्टल भी जब्त की गई। शव कब्जे में लेकर सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
संपत्ति पत्नी के नाम की चंडीगढ़ पुलिस सूत्रों के अनुसार, वाई पूरण कुमार की जेब से 8 पेज का लेटर और एक पेज की वसीयत मिली। उन्होंने सारी संपत्ति अपनी पत्नी के नाम कर दी। लेटर में उन्होंने एक DGP रैंक के अधिकारी पर बेवजह नोटिस भेजकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने 30 से 35 IPS और कुछ IAS अफसरों पर प्रशासनिक दखल और भेदभाव के आरोप भी लगाए।
उन्होंने जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, एसीआर में गड़बड़ी, सरकारी आवास न मिलने और प्रशासनिक शिकायतों और मुकदमेबाजी के चलते परेशान होने की बात लिखी है। वसीयत पर 6 अक्टूबर और फाइनल नोट पर 7 अक्टूबर की डेट लिखी हुई है।
