
फांसी की सजा पा चुकी शबनम का डेथ वारंट कभी भी आ सकता है. इसके बाद उसे फांसी दे दी जायेगी. उसकी दया याचिका को राष्ट्रपति ने भी खारिज कर दिया है. शबनम के साथ साथ उसके प्रेमी सलीम की भी दया याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया है. मथुरा जेल में शबनम को फांसी देने की तैयारी की जा रही है बस उसके डेथ वारंट का इंतजार है. इस बीच शबनम के बेटे ताज ने राष्ट्रपति से अपने मां को माफ करने की गुहार लगायी है. पर अब इस केस में एक नया मोड़ आ सकता है. क्योंकि ताज की गुहार के बाद शबनम का प्रेमी सलीम उसके लिए उम्मीद की किरण बन सकता है. बताया जा रहा है कि सलीम की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.उसे आधार बनाकर शबनम हाईकोर्ट की शरण ले सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है पुनर्विचार याचिका
शबनम के वकील शमशेर सैफी के मुताबिक, शबनम और सलीम की फाइलें सेशन कोर्ट से ही साथ चल रही हैं। अदालत ने दोनों को साथ फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी दोनों की फाइलें साथ चलीं। राष्ट्रपति ने भी दोनों की दया याचिका साथ खारिज की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अभी सिर्फ शबनम की पुनर्विचार याचिका में याचिका खारिज की है, सलीम की विचाराधीन है।
डेथ वारंट जारी होने पर हाई कोर्ट जा सकती है शबनम
वकीलों का कहना है कि सलीम की पुनर्विचार याचिका विचाराधीन रहते शबनम डेथ वारंट जारी होने पर हाईकोर्ट जा सकती हैं, क्योंकि दोनों को एक जुर्म में साथ फांसी की सजा सुनाई गई है। ऐसे में सजा भी समान रूप से मिलनी चाहिए।