
शीर्षासन, मोहन और मध्य प्रदेश…
वैसे तो देश में कई मुख्यमंत्री हैं जिनकी दिनचर्या में योग शामिल होगा, लेकिन
सार्वजनिक तौर पर कठिन आसनों का प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 फरवरी 2026 को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। इस योगाभ्यास में
बाबा रामदेव के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव का शीर्षासन करना सभी के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण माना जा सकता है। क्योंकि अनुलोम-विलोम, प्राणायाम
और सामान्य तौर पर कुछ सरल आसन करना सबकी दिनचर्या में शामिल हो सकता है, लेकिन शीर्षासन की बात करें तो सबके वश की बात नहीं है। और कोई भी मुख्यमंत्री इस मामले में डॉ. मोहन यादव की बराबरी शायद ही कर पाए। और राजनीति में भी देखा जाए तो मंच पर शीर्षासन कर रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के राजनैतिक अखाड़े में अच्छों-अच्छों को शीर्षासन कराते नजर आ रहे हैं।
हालांकि हरिद्वार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह साबित कर दिया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर योग का ब्रांड एम्बेसडर तो बनाया ही जा सकता है। और कोई बड़ी बात नहीं कि मुख्यमंत्री डॉ यादव यदि हर सुबह योग करते हुए पूरे मध्य प्रदेश के नागरिकों को योग करने की प्रेरणा देने का काम तो कर ही सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है।
तो इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ का जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया।
जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें। पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर शायद सभी ने चुप्पी साधना ही बेहतर समझा।
चलो हम यह देखते हैं कि कठिन योगाभ्यास के अभ्यासी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव समय-समय पर योग कर सब को चौंका देते हैं। और जब योग गुरु बाबा रामदेव के साथ योग करते हुए बराबरी से शीर्षासन कर रहे हों तो चर्चा होना तो स्वाभाविक ही है। पर बात फिर वही कि मोहन यादव की जितनी महारथ योग और ध्यान में है, उतनी ही महारथ राजनीति के अखाड़े में औरों को शीर्षासन कराने में भी है। और इसका अंदाजा भी अब मध्य प्रदेश के राजनेता कर ही रहे हैं। और पारखी नजरों को राजनेताओं के साथ-साथ नौकरशाह भी शीर्षासन की पंक्ति में खड़े नजर आ रहे होंगे…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं