23 अगस्त को इंदौर से लापता हुई 22 साल की श्रद्धा तिवारी लौट आई है। शुक्रवार सुबह वह अपने पति के साथ इंदौर के एमआईजी थाने पहुंची। फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।
श्रद्धा तिवारी शुक्रवार सुबह अपने पति के साथ इंदौर के एमआईजी थाने पहुंची
पुलिस को गुरुवार देर रात पता चला था कि श्रद्धा मंदसौर में है और उसका अपने माता-पिता से संपर्क हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि परिजन द्वारा डांट-फटकार लगाए जाने से वह नाराज थी। इसी नाराजगी में वह घर छोड़कर निकल गई थी।
गुजराती कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा श्रद्धा की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में परिजन ने घर के बाहर उसकी उल्टी तस्वीर टांग दी थी। यह भी घोषणा की थी कि जो व्यक्ति उसे ढूंढकर लाएगा, उसे 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
श्रद्धा के परिवार का मानना है कि घर के बाहर तस्वीर उल्टी टांगने से गुम हुआ व्यक्ति वापस लौट आता है। इसी विश्वास के चलते परिजन ने यह कदम उठाया था। यह वही टोटका है, जिसे कुछ समय पहले राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी के पिता ने भी अपनाया था।

मोबाइल घर पर छोड़कर गई थी श्रद्धा ने घर से निकलते समय अपना मोबाइल वहीं छोड़ दिया था। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा पहले अपने घर के पास से जाती हुई दिखी थी। इसके बाद वह गली से निकलकर लोटस शोरूम के सामने से होते हुए एमआर-4 की ओर जाती नजर आई थी।
इन फुटेज के आधार पर पुलिस को आशंका थी कि वह उज्जैन की ओर गई हो सकती है।

सार्थक नाम के युवक पर शक जताया था परिजन ने शक जाहिर किया था कि श्रद्धा एक इंजीनियर युवक सार्थक के संपर्क में थी और शायद वह उसे अपने साथ ले गया हो। इस आधार पर पुलिस ने सार्थक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पूछताछ में सार्थक ने बताया था कि पिछले 15 दिन से दोनों की कोई बातचीत नहीं हुई थी, क्योंकि परिवार की नाराजगी के चलते श्रद्धा डर गई थी