तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बह गया। उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। वह घर पर आए दोस्तों को ओंकारेश्वर घुमाने लाया था। दोस्तों के साथ ही नाविकों ने भी उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण किसी ने रिस्क नहीं लिया। सूचना के बाद पहुंचे गोताखोरों ने सर्चिंग शुरू की, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली। गोताखोरों ने भी मना कर दिया।
युवक की पहचान खरगोन जिले के भूलगांव के रामकृष्ण बिरला(23) के रूप में हुई है। जनवरी में उसकी शादी होनी है। फिलहाल वह लापता है। स्थानीय पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना देकर बुलाया है।
हादसे से जुड़ी तस्वीरें

रामकृष्ण पहले दोस्तों के साथ घाट पर ही स्नान करने वाला था। लेकिन वे चट्टानों की ओर चले गए।

चट्टानों की ओर पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। तेज बहाव में बह गया।

घर पर राजस्थान से आए थे दोस्त रामकृष्ण बिरला मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टेवयर इंजीनियर हैं। फिलहाल, वर्क फ्रॉम होम पर था। जन्माष्टमी पर रामकृष्ण के खरगोन और राजस्थान के रहने वाले दोस्त उसके घर आए थे। ओंकारेश्वर घर के नजदीक होने के कारण वह दोस्तों को घुमाने लाया था।
घाट की बजाय चट्टानों पर नहाने पहुंचे रविवार सुबह रामकृष्ण और उसके दोस्तों ने नर्मदा स्नान के लिए नागर घाट को चुना। लेकिन रामकृष्ण और उसके दोस्त नागर घाट पर स्नान न करते हुए अभय घाट की ओर चट्टानों तरफ चले गए। यहां नर्मदा नदी का बहाव तेज था। इसी दौरान ये हादसा हो गया।

3 बहनों का इकलौता भाई है रामकृष्ण रामकृष्ण के पिता शांतिलाल बिरला की चार संतानें हैं, इनमें रामकृष्ण इकलौता बेटा हैं, वहीं उसकी तीन बहनें हैं। परिजन के मुताबिक, रामकृष्ण पढ़ाई पूरी होने के बाद पिछले साल से ही जॉब करने लगा था। शादी के लिए रिश्ता भी तय हो चुका है। जनवरी 2026 में शादी तय की है। परिवार के लोग बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं।