सोना कॉमस्टार के चेयरमैन संजय जे. कपूर की बहन मंधीरा कपूर ने अपने भाई के असमय मौत के बाद अपनी मां के साथ खड़े रहने का फैसला लिया. वह परिवार की विरासत को छिनने से बचाने की लड़ाई में अपनी 80 वर्षीय मां के साथ हैं

मेरे नाना ने सोना से शुरुआत की. मेरे पिताजी उनके साथ काम करते थे. मेरे नाना ने सब कुछ छोड़ दिया. हमारा परिवार दिल्ली आ गया. हमें दिल्ली जाना बिल्कुल पसंद नहीं था, लेकिन हमें फैमिली थेरेपी के लिए जाना पड़ा. हम इसी दौर से गुज़रे हैं. और आज आप इस 80 साल की महिला, जिसने अपना सब कुछ खो दिया है, उससे कह रहे हैं कि उसका इस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है? मेरा मतलब है, ज़रा सोचिए. क्या यह उचित है? यह वह विरासत है जो मेरे पिता ने बनाई थी. आज, हमें बताया जा रहा है कि हमें यह विरासत नहीं मिल सकती.”
मंदिरा कपूर ने कहा कि उन्हें पोस्टमॉर्टम की जानकारी भी मीडिया रिपोर्टों से टुकड़ों-टुकड़ों में मिली. उन्होंने कहा कि पहले दावा किया गया था कि संजय कपूर के गले में मधुमक्खी ने डंक मारा था, जिससे जटिलताएं पैदा हुईं और बाद में अधिकारियों ने कहा कि यह हृदय संबंधी समस्या थी. “हमारे लिए सब कुछ एक आश्चर्य और सदमा रहा है. हमें जो कुछ भी पता चल रहा है, वह बेहद परेशान करने वाला है. जैसा कि मैंने कहा, हमें बहुत कुछ पता चल रहा है, मीडिया के माध्यम से, हमारे शुभचिंतकों के माध्यम से जो आकर हमें बता रहे हैं कि क्या हो रहा है. 12 जून से सब कुछ चौंकाने वाला रहा है. हमारी ज़िंदगी एक बड़ा सदमा रही है. यह एक बुरे सपने जैसा लगता है जिससे हम जागना चाहते हैं.