
कहते हैं कि अगर भगवान विष्णु और कृष्ण के भक्त तुलसी की माला को धारण कर लें तो उन्हें काफी फायदा होता है। तुलसी की माला पहनने से मन शांत होता है और आत्मा पवित्र होती है।हृदय पर झूलने वाली तुलसी माला हृदय व फेफड़े को रोगों से बचाती है। इसे पहनने वाले के स्वभाव में सात्विकता बढ़ती है। तुलसी की माला पहनने से व्यक्तित्व आकर्षक होता है।
ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने एक जर्नल में लिखा है कि मेडिटेशन के दौरान आत्मा, शरीर और दिमाग को आपस में जोड़े रखने के लिए तुलसी की माला बहुत खास है। ऑस्ट्रेलियन प्रोफेसर ने एक जर्नल में लिखा है कि तुलसी का पौधा वायु प्रदूषण को भी कम करने में मदद करता है।
शरीर में बढ़ता है विद्युतशक्ति का प्रवाह
तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं जो इसे वैज्ञानिक तौर पर विशिष्ट महत्व देते हैं। इसे पहनने से जरूरी एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव पड़ता है, जिससे मानसिक तनाव से बाहर निकलने में मदद मिलती है और सेहत में सुधार होता है। इसको पहनने से शरीर में विद्युतशक्ति का प्रवाह बढ़ता है तथा जीव-कोशों का विद्युतशक्ति धारण करने का सामर्थ्य बढ़ता है। गले में तुलसी माला पहनने से विद्युत तरंगे निकलती हैं जो रक्त संचार में रुकावट नहीं आने देतीं।
तुलसी की लकड़ी से बनी माला में एक खास तरह का द्रव्य होता है। जिससे मानसिक तनाव दूर होता है। मन में उत्साह बढ़ता है। तुलसी की लकड़ियों से बनी माला शरीर से लगी रहती है तो ये कफ और वात दोष को दूर करने में मददगार होती है। इससे शारीरिक और मानसिक संतुलित बना रहता है।