हंगामा क्यों है बरपा हनुमान चालीसा ही तो पढ़ ली है…!

हंगामा क्यों है बरपा हनुमान चालीसा ही तो पढ़ ली है…!

बीते बरस जब युवा कांग्रेस के चुनाव हुए थे शहर और जिला इकाई में मुस्लिम समाज से अध्यक्ष चुने गए थे तब कई सांप्रदायिक सोच रखने वाले लोगों ने इनकी नियुक्ति से कांग्रेस को नुकसान होने की बात कही थी उसके बाद से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का दौरा आ गया और सियासत दूसरों की मदद में लग गई अब जैसे ही लहर कमजोर हुई है राम मंदिर जमीन घोटाले में केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए दोनों ही मुस्लिम अध्यक्षों ने पहली प्राथमिकता हनुमान चालीसा के पाठ को दी जिसका कई जगह मुस्लिम समाज में विरोध हो रहा है इनके अध्यक्ष बनने से पहले इस तरह के लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे थे और अब अध्यक्ष बन जाने के बाद दूसरी तरफ से भी धर्म की सियासत को गर्म करने की कोशिश की जा रही है
लगभग साल भर पहले शहर अध्यक्ष के रूप में रमीज़ खान और जिला अध्यक्ष के रूप में दौलत पटेल को युवा कांग्रेस के चुनाव में सबसे ज्यादा वोट मिले थे दोनों ही युवा नेता एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के छोटे पदों पर रहकर यहां तक पहुंचे हैं युवा कांग्रेस का इतिहास रहा है कि जिला और शहर अध्यक्ष बाद में जाकर विधायक और सांसद तक के पदों पर पहुंचे हैं ऐसे में इन दोनों युवाओं से सियासत की समझ रखने वाले लोगों को तो काफी उम्मीदें हैं लेकिन जिन लोगों को दोनों का हनुमान चालीसा पढ़ना गले नहीं उतर रहा वह तरह-तरह की बात कही थी,हालांकि रमीज़ खान को तो हनुमान चालीसा पढ़ते वीडियो में नहीं देखा जा रहा है लेकिन जिला अध्यक्ष दौलत पटेल बाईपास के एक मंदिर में तेज आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं बस यही बात मुस्लिम समाज के कई लोगों को गले नहीं उतर रही उन्होंने दौलत के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है लेकिन कांग्रेस अपने ही नेता के बीच बचाव में अब तक सामने नहीं आई है कई कांग्रेस के नेता भी दबी जुबान से यह बात कह रहे हैं कि दौलत को इस तरह सार्वजनिक मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए हालांकि उन नेताओं को यह बात भी समझनी चाहिए कि जब हिंदू नेता सार्वजनिक रोजा इफ्तार पार्टियों और ईद मिलने जाते हैं तो इस तरह का कोई विरोध नहीं होता इन्हीं सब बातों में युवा कांग्रेस की सियासत बीते 2 दिन से उलझ रही है दोनों अध्यक्षों ने अपने ढंग से युवा कांग्रेस को संभाला है बीते कई वक्त से युवा कांग्रेस शहर और जिला इकाई में कोई हलचल नहीं थी दोनों के अध्यक्ष बनने के बाद लगातार युवा कांग्रेस मैदान में नजर आती है फिर चाहे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की बात हो या फिर सोयाबीन के महंगे बीच का मसला हो सभी जगह अध्यक्ष अपनी टीम के साथ मैदान में जुट जाते हैं प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया भी कई बार अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इन दोनों की तारीफ कर चुके हैं जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवासन भी दोनों की तारीफ करने में कसर नहीं छोड़ते जब लोगों में युवा कांग्रेस मुक्त राशन बांट रही थी तब भी खान और पटेल दोनों ही सबसे आगे नजर आए थे राहुल गांधी के जन्मदिन पर भूखे और जरूरतमंद लोगों को अपनी महंगी कार में बिठाकर शहर अध्यक्ष खान महंगी होटल में खाना खिलाने भी ले गए थे लेकिन इस और ध्यान देने वाला कोई नहीं लोगों ने तो सिर्फ उनकी हनुमान चालीसा पढ़ने की बात को तवज्जो देते हुए विरोध शुरू कर दिया है हालांकि दोनों की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन सामाजिक दबाव मजबूती से बढ़ता जा रहा है
अभिषेक कानूनगो

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