
मुख्यमंत्री ने भूमाफिया पर नकेल कसने के संकेत दिए! । मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भोपाल में कहा कि सरकार किसी माफिया को नहीं छोड़ेगी। कमलनाथ सरकार ने भूमाफिया पर खली नकेल कसने के लिए पूरे प्रदेश में कड़ी कार्यवाही की थी। उसके बाद सरकार बदलने पर सभी कार्रवाई ठंडी पड़ गई! किंतु, आज मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं कालाबाजारी करने वालों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के संकेत दिए! इससे एक बार फिर माफियाओं में हड़कंप मच गया!
इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले लोगों को नवंबर तक मुफ्त राशन दिए जाने की घोषणा का प्राथमिक चरण में ही बंटाढार हो गया था! गरीबों को दिया जाने वाला चांवल इतना ख़राब था कि उसे मवेशी भी नहीं खाएं! जब इस राशन के वीडियो वायरल हुए और कांग्रेस में इसे मुद्दा बनाया तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने तत्काल स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्ता विहीन चांवल प्रदाय करने का मामला गंभीर है। इसमें विभिन्न स्तर पर सांठ-गांठ की भी आशंका है। इसकी ईओडब्ल्यू से जांच करवाई जाएगी। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। शुरू में भाजपा नेताओं ने इस चांवल की खरीद के मुद्दे को कांग्रेस पाले में डालने की कोशिश की थी! पर, जब बात उलटी पड़ने लगी, तो मामले को सरकारी स्तर पर संभाला गया। मुख्यमंत्री ने खाद-बीज और राशन की कालाबाजारी करने वालों, भूमाफियाओं, अतिक्रमणकारियों समेत विभिन्न अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। उन्होंने ट्वीट किया कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिस चावल का वितरण किया गया, वो मनुष्य के खाने के योग्य नहीं था! यह केन्द्र सरकार के जाँच के उपरांत लिखे एक पत्र के माध्यम से सामने आया है। यह इंसानियत व मानवता को तार- तार करने वाला होकर एक आपराधिक कृत्य भी है। इसके दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो व सरकार इसके लिए प्रदेश की जनता से माफ़ी माँगे।