
डकैती की योजना बना रहे दो बदमाशों को पुलिस टीम ने पकड़ा
इंदौर, बड़वानी सहित अन्य जिलों से चोरी हुई 12 बाइक भी की जप्त
अंधेरे का फायदा उठाकर चार बदमाश जंगल की ओर भागे
धार ( डाँ. अशोक शास्त्री ) रात के अंधेरे में कपास के खेतों के बीच बैठकर डकैती की योजना बना रहे बदमाशों को सूचना मिलने पर बाग पुलिस ने कल देर रात्रि में कार्रवाई की हैं, साथ ही सभी बदमाश क्षेत्र से निकलने वाले लोगों को धमकी देकर लूट की घटना को भी अंजाम देने की फिरा· में थे। इसके पहले ही पुलिस टीम ने घेराबंदी करके पकडऩे की कोशिश की, हालांकि कुल 6 में से पुलिस दो ही बदमाशों को पकड़ पाई। तथा शेष चार बदमाश अंधेरा होने का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। पूरे मामले की जानकारी बाग थाने पर शुक्रवार को एसडीओपी कुक्षी एव्ही सिंह व बाग टीआई रोहित कछावा द्वारा दी गई।
जंगल की ओर भागे चार बदमाश
बाग टीआई श्री कछावा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर के द्वारा सुचना मिली कि बाग टाण्डा रोड़ पर बाकी घाट, बाकी पर कुछ अज्ञात बदमाशो के द्वारा आने जाने वाले वाहनो को रोककर लुट/डकैती करने की योजना बना रहे हैं। जिसकी सुचना पर पुलिस बल रवाना किया गया व दबिश दी गई। तथा झाड़ियो में छुपकर बैठे बदमाशो को पुलिस बल कि मदद से दोनो तरफ से घेराबंदी कर बदमाशो को पकङने का प्रयास किया तो वह भाग कर अपनी अपनी मोटर सायकल लेकर भागने लगे जिन्हे बमुश्किल से घेराबन्दी कर दो बदमाशो को पकङे तभी चार बदमाश अंधेरे के कारण बबूल कि कंटीली झाड़ियो व जंगल पहाड़ी का फायदा उठाकर भागने मे सफल हो गए है। श्री कछावा ने बताया कि उक्त बदमाशो के नाम पता पुछते अपना नाम समीर पिता बहादुरसिंह व छोटु पिता केलसिंह तथा फरार हुए बदमाशो के नाम महेन्द्र पिता रामसिंह, संतोष उर्फ संजय पिता हिन्दु, रविन्द्र उर्फ टेटिया पिता गटलिया व जगदीश उर्फ जगदीया पिता विजयसिंह बताया है।
चोरी की 10 बाइक की जप्त
पुलिस ने दोनों बदमाशों से दो बाइक, 12 बोर का देशी कटटा, जिंदा कारतूस व फालिया जप्त किया। श्री कछावा के अनुसार आरोपी समीर पिता बहादुरसिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर जिला धार, बड़वानी, आलीराजपुर, इन्दौर से भी मोटर सायकले चौरी कर लाकर अपने – अपने घरो में छुपाकर रखना बताया। जिसके बाद पुलिस ने कुल 12 बाइक जप्त की है। उक्त आरोपी सहित चोरी की बाइक जप्त करने में उनि सुरेन्द्र कनेश, उनि मानिम टोप्पो, सउनि दशरथसिंह चौहान, सउनि. निलेश कुमार, प्र.आर. 248 मोहन बोडाना, आर.821 रामसिंह, आर. 830 भावसिंह रावत, आर. 528 सीताराम, आर.713 राजु कनेश, आर. 588 कैलाश गेहलोत का महत्वपूर्ण योगदान रहा.