
काम इतना करवाते हैं की निजी जिंदगी तबाह कर दी..!
पूर्व मंत्री के सामने फूटा हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का दर्द
इंदौर नगर प्रतिनिधि
पंद्रह बरस से लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं अपना निजी जीवन भी इस नौकरी के नाम कर दिया लेकिन ना तो कोई परमानेंट करने की बात करता है और ना ही सरकारी लाभ मिलते हैं अब तो यह हड़ताल तभी खत्म करेंगे जब हमारी बात मान ली जाए यह हम में से किसी की जान चली जाए..
कुछ इसी तरह के संवाद कल अनिश्चितकालीन कलम कार्यालय बंद हड़ताल में पहुंचे पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के सामने पंचायत सचिवों ने रख दिए एक मध्य प्रदेश ग्रामीण विकास की कर्मचारी ने तो यहां तक कह दिया कि इस नौकरी के पीछे पूरा जीवन लगा दिया लेकिन सरकार है कि हमारी सुनने को तैयार नहीं अब तो यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि किया तो हमारी मांगे ना मांग ली जाए कल जिला पंचायत कार्यालय में 20 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी संगठन की हड़ताल में विधायक जीतू पटवारी पहुंचे थे जहां कर्मचारियों का दर्द खुलकर उनके सामने आ गया यहां हड़ताल पर बैठी महिला कर्मचारियों ने कहा कि समान वेतन की मांग को लेकर कई बार भोपाल में भी प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन कोई हमारी सुनने वाला नहीं और अफसर काम का दबाव भी इतना ज्यादा डालते हैं कि कई बार तो पारिवारिक विवादों का भी सामना करना पड़ता है रात 11 बजे व्हाट्सएप करते हैं और सुबह 6बजे तक यदि उसे ना देखो तो तनख्वाह काट ली जाती है इस पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मैं आपके साथ हूं और आपकी बात विधानसभा में भी रखूंगा अगले महीने के पहले हफ्ते में विधानसभा शुरू होने वाली है बस आप मैदान पकड़े रहना मैं आपकी लड़ाई मुख्यमंत्री के घर तक लेकर जाऊंगा ईश्वर कर्मचारियों ने कहा कि अब हम तो प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे हैं जिसमें हमारे साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास के कर्मचारी मनरेगा अधिकारी ग्राम पंचायत के सचिव जिला पंचायत जनपद पंचायत के कर्मचारी और स्वच्छ भारत मिशन के कई लोग जुड़े हुए हैं हम में से किसी को बीते 15 बरस से परमानेंट नहीं किया गया जबकि हमारे साथ दूसरे विभागों में लगे कई कर्मचारी हर सरकारी सुविधा ले रहे हैं कई विभागों में तो बरसों से भर्ती ही नहीं हुई है जिसके कारण काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है अफसर हमें काम बता कर रवाना हो जाते हैं और हर रोज नौकरी से निकालने की धमकी भी देते हैं यह सब शिकायत इंदौर जिला पंचायत कार्यालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों ने की हालांकि इस प्रदेश व्यापी आंदोलन में सबसे ज्यादा भीड़ इंदौर के मंच पर ही नजर आ रही है बाकी जगहों पर इक्का-दुक्का लोग भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं पूर्व मंत्री पटवारी ने कहा कि मैं और भी कई जिलों का दौरा कर वहां के कर्मचारियों की पीड़ा भी सुन लूंगा उसके बाद ही विधानसभा में इस मामले को उठा लूंगा पंचायत सचिवों ने पूर्व मंत्री को यह जानकारी दी कि हमें केंद्र सरकार से पैसा मिलना है जिसके लिए राज्य सरकार कि हम ही जरूरी है बस उसी कारण से बीते कई बरस से हमारे साथ प्राइवेट कर्मचारियों की तरह बर्ताव किया जाता है कई बार तो ऐसा लगता है कि इतने पढ़े लिखे होने के बावजूद अफसर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तरह काम करवाते हैं
विधायक पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में मैं पार्टी को एक तरफ रख कर्मचारियों के साथ पहले भी कई बार खड़ा हुआ हूं और इस बार भी मजबूती से बात को उठाऊंगा.