
प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया नाराज हो गए हैं। दरअसल उनकी नाराजगी की वजह बनी है शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल द्वारा की गई कुछ थाना प्रभारियों की नई पदस्थापना। दरअसल प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से शिवपुरी के एसपी राजेश चंदेल ने कुछ थाना प्रभारीयो के प्रभार में परिवर्तन किया और कुछ थाना प्रभारियों को नई पोस्टिंग दे दी।
महेंद्र सिंह सिसोदिया शिवपुरी जिले के प्रभारी हैं और उन्होंने इसे गलत माना और एसपी से पूछा कि बिना जिला योजना समिति की बैठक के तबादले कैसे कर दिए गए। इस पर एसपी ने प्रशासनिक सुविधा का हवाला दिया लेकिन मंत्री जी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सीधे कलेक्टर को पत्र लिख दिया। पत्र में सिसोदिया ने लिखा कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी द्वारा बिना मेरे अनुमोदन के थाना प्रभारियों की पदस्थापना विभिन्न थानों में की गई है जो नियमों के विपरीत होकर स्वेच्छाचारिता का प्रतीक है और संबंधित के खिलाफ यानी एसपी के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित कर इस कार्यालय को अवगत कराएं। उन्होंने इस पत्र की प्रति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सचिव और अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की और भेज दी।

महेंद्र सिंह सिसोदिया ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं और उन्हीं के समर्थन में भाजपा का दामन थामा है। इसके बाद जब गुना में शुक्रवार देर शाम पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा- सीएम अच्छे हैं, लेकिन मुख्य सचिव बैंस जैसे अधिकारी के बारे में मेरे पास शब्द नहीं हैं। इतना निरंकुश प्रशासक और पूरा निरंकुश प्रशासन। इस निरंकुशता का आधार मुख्य सचिव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नाराजगी मुख्य सचिव को लेकर है और हर उस व्यक्ति के साथ है जो हमारी पार्टी और संगठन के साथ काम नहीं करता। जो डुप्लीकेसी के साथ काम करते हैं, वो ही मेरे सबसे बड़े शत्रु हैं। सिसोदिया यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि ऐसे सीएस हैं जो मंत्रियों के फोन तक नहीं उठाते।
