
प्रदेश में अब हर नए कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के सैंपल का जीनोम टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट के लिए सैंपल भोपाल के एम्स और ग्वालियर स्थित रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला (डीआरडीओ) भेजे जाएंगे। राज्य सरकार ने यह फैसला बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से देशभर में कोविड के संक्रमण का अलर्ट जारी होने के बाद लिया है। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य संचालनालय के एक सीनियर अफसर ने की है।
स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि चीन में कोविड का संक्रमण जिस वैरिएंट BF.7 के कारण बढ़ा है। उस वैरिएंट का एक भी केस अब तक मध्यप्रदेश में नहीं है। मप्र में इसके संक्रमण को बढ़ने से पहले नियंत्रित करने के लिए कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सैंपल्स की शत-प्रतिशत जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी। जीनोम टेस्ट की रिपोर्ट आने तक कोविड संक्रमित मरीज को आइसोलेशन में रहना होगा। ताकि संबंधित संक्रमित मरीज से स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित न हो। बता दें केंद्र सरकार ने चीन में बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर राज्यों को अलर्ट किया है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ जनता को भीड़भाड़ वाली जगह पर मॉस्क पहन कर जाने की सलाह दी गई हैं। बता दें बीएफ. 7 वेरिएंट 10 से 18 लोगों को संक्रमित करने में सक्षम है। बताया जा रहा है कि बीएफ.7 के भारत में भी चार केस मिल चुके है। इससे संक्रमित दो-दो मरीज गुजरात और ओडिसा में मिले है। बीएफ.7 को ओमिक्रान के वेरिएंट बीए.5 का ही सब वेरिएंट बताया जा रहा है। इसकी संक्रमण क्षमता के कारण भारत की भी चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक बीएफ.7 वेरिएंट कोरोना की वैक्सीन लगा चुके लोगों को भी संक्रमित करता है। यह श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता हैं। इसके बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, कमजोरी, थकावट जैसे लक्ष्ण हैं।
कोविड के नए वेरियंट को लेकर मुख्यमंत्री ने सदन से दिए निर्देश:-
सभी CMHO को निर्देश दे दिए है
CM ने जनता से अपील की मास्क पहने
भीड़ वाली जगह में ना जाये
बूस्टर डोज लगवाने के लिए कहा
कोविड की हर सप्ताह मुख्यमंत्री करेगे समीक्षा बैठक