भोपाल। कांग्रेस विधायक के बंगले में छात्र ने फांसी लगाई।

कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम के भोपाल स्थित बंगले में एक युवक ने खुदकुशी कर ली। युवक का शव बंगले के एक कमरे में फांसी पर लटका मिला है।मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें बीमारी से परेशान होने का जिक्र है। विवार को छात्र के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। परिजन शव लेकर डिंडौरी रवाना हो गए हैं।

घटना की जानकारी लगने के बाद विधायक मरकाम भी बंगले पर पहुंचे। मरकाम डिंडौरी से विधायक हैं। कमलनाथ सरकार में जनजातीय विभाग में मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं।उनका एक बंगला भोपाल में श्यामला हिल्स इलाके में भी है।

श्यामला हिल्स थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि डिंडौरी के पुंडी गांव का तीरथ सिंह (22) पुत्र श्याम सिंह एमएससी का स्टूडेंट था। चार साल से वह श्यामला हिल्स स्थित कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम के बंगले में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात वह बंगले में अपने साथी के साथ था। खाना खाने के बाद दोनों अपने-अपने कमरे में चले गए। रात 11 बजे उसका फ्रेंड टॉयलेट के लिए उठा। देखा तो तीरथ के कमरे की लाइट जल रही थी। कमरे में देखने पहुंचा, तो तीरथ नहीं दिखा। हॉल की तरफ नजर पड़ी, तो तीरथ फांसी के फंदे पर लटका मिला। यह देख वह डर गया। उसने तुरंत ही विधायक और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। तब तक काफी देर हो चुकी थी। तलाशी लेने पर तीरथ के पास एक पेज का सुसाइड नोट मिला।

कैंसर अस्पताल में चल रहा था इलाज
टीआई यादव ने बताया कि तीरथ का जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल में गले के कैंसर का इलाज चल रहा था। टीआई ने दावा किया कि घटना के दिन विधायक बंगले में नहीं थे। उन्होंने बताया कि बंगले में पढ़ने वाले दो लड़के वर्तमान में रह रहे थे। सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग भी मिला ली गई है। शुरुआती जांच में हैंडराइटिंग छात्र की ही पाई गई है।

विधायक बोले- गांव और परिवार की वजह से बंगले में रखा
विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने बताया कि गांव और परिवार का होने की वजह से तीरथ सिंह को बंगले पर पढ़ाई करने के लिए रखा था। वह बीएससी पूरी करने के बाद एमएससी कर रहा था। प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था। 2019 में तीरथ की तबियत खराब हुई, तो पता चला कि उसे कैंसर हो गया है। हमने इलाज शुरू करवा दिया। कीमो वगैरह के बाद 9 महीने पहले काफी हद तक ठीक हो गया था। लेकिन, फिर साइड इफेक्ट दिखने लगे थे। हमने उसे समझाया था कि परेशान होने की जरूरत नहीं है।

पुलिस के मुताबिक छात्र ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें लिखा- मैं बीमारी से परेशान हो चुका हूं। मम्मी-पापा, दादा-दादी आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया। दोस्तों ने भी बहुत साथ दिया। मेरा हमेशा हौसला बढ़ाया, लेकिन मैं बहुत परेशान हो चुका हूं। सुसाइड कर रहा हूं। कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करें। एटीएम, मोबाइल का यह पासवर्ड है। एफआईआर भी नहीं कराएं। मैं अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहा हूं।

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