
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को महेश्वर में लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेत्री और पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने महेश्वर में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया तो पुलिस के साथ जोर-आजमाइश हो गई। इस दौरान का एक फोटो वायरल हो गया है। कथित तौर पर इसमें पुलिसकर्मी ने पूर्व मंत्री का गला दबाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब महू से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगू भाई पटेल महेश्वर पहुंचे। पूर्व मंत्री साधौ का आरोप है कि महेश्वर में मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। इसके बाद इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया। इसी मांग को लेकर वह प्रदर्शन कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें पुलिस वाहन में बिठाया। मध्यप्रदेश कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से फोटो ट्वीट किए गए हैं। इसमें लिखा है कि शिव’राज की करतूत देखिए। महेश्वर में पूर्व मंत्री एवं विधायक विजयलक्ष्मी साधौ जी का महिला पुलिसकर्मी ने गला दबाया। “शर्म करो शवराज”।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी शिवराज सरकार की खिंचाई की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आज बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती पर अस्पताल निर्माण की मांग करने पर जिस तरह दलित समाज से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री डॉ विजयलक्ष्मी साधौ को महेश्वर में गिरफ़्तार किया गया, उससे शिवराज सरकार का दलित विरोधी और जनविरोधी चेहरा उजागर हो गया है। मैं इस गिरफ्तारी की निंदा करता हूं।
हालांकि, भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया कि यह कांग्रेस का झूठ है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि कांग्रेस किस तरह से झूठ फैलाती है, यह है उसका उदाहरण। पूरी कांग्रेस एक फेब्रिकेटेड फोटो लेकर चालू हो गई कि एक दलित पूर्व मंत्री का एक महिला पुलिसकर्मी ने गला दबाया। भाजपा द्वारा जारी इस वीडियो में सच देखिए। कितने हंसते-हंसते पूर्व मंत्री पुलिस की गाड़ी में बैठ रही है।