
भूरिया से रावत परिवार का हो जाएगा जोबट…!
कलावती के जाने के बाद हुई जगह खाली
अलीराजपुर और झाबुआ इलाके में जब भी कांग्रेसी सियासत की बात होती है तो कांतिलाल भूरिया के परिवार को पहले नंबर पर ही देखा गया है फिर चाहे वह झाबुआ उपचुनाव में जेवियर मेडा को समझा कर खुद कांतिलाल का मैदान पकड़ना हो या अलीराजपुर में महेश पटेल की जगह मुकेश पटेल को मैदान में उतारना हूं अब चार बार की जिला पंचायत अध्यक्ष रही जोबट विधायक कलावती भूरिया का कोरोना निधन हो गया उनकी जगह अब भूरिया परिवार को अपना दावा पीछे कर बरसों से जोबट की सियासत पर काबिज रहे रावत परिवार को आगे करना होगा कलावती जोबट से एक बार विधायक रहे उसके पहले यहां रावत परिवार का ही कब्जा था विशाल रावत और सुलोचना रावत ने पिछली बार भी यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ा था और लगभग 35000 से ज्यादा वोट उन्हें मिले थे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भी नजदीकी नजदीकी रावत परिवार पर इस बार कांग्रेस दांव लगाने में पीछे नहीं हटेगी इसके पीछे एक बड़ा कारण कांतिलाल भूरिया की साइलेंट हमी को भी देखा जा रहा है बीते विधानसभा चुनाव में जब कलावती को जोबट भेजा गया था लेकिन वह झाबुआ से चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन कांतिलाल भूरिया अपने बेटे विक्रांत को झाबुआ से चुनाव लड़ जाना चाहते थे इसी कारण रावत परिवार को समझा-बुझाकर कलावती को जोबट से चुनाव लड़ वाया गया लेकिन फिर भी रावत परिवार निर्दलीय चुनाव लड़ मैदान में उतर गया हालांकि विक्रांत भी चुनाव हार गए और रावत परिवार के विशाल रावत जी इतने वोट नहीं जुगाड़ पाए कि कलावती की राह में रोड़ा बन पाए लेकिन अब कलावती के जाने के बाद 6 महीने के भीतर होने वाले जोबट चुनाव में रावत परिवार का दावा कमलनाथ के जरिए भी मजबूत नजर आ रहा है बीती बार अपने बेटे के कारण कांतिलाल भूरिया गए थे इस बार वह विक्रांत के लिए जोबट से दावा करने के मूड में भी नजर नहीं आ रहे हैं विक्रांता युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं और महज डेढ़ साल के लिए विक्रांत को यहां से चुनाव लड़ा कर वह उनकी सियासी उड़ान को कम नहीं करना चाहते रावत परिवार जोबट में अब एक्टिव भी नजर आने लगा है कोरोनावायरस के कारण संक्रमित लोगों के परिवारों को अस्पताल में दाखिला दिलवाने से लेकर उन्हें रेमदेसीविर इंजेक्शन और दूसरी सुविधाओं के लिए रावत परिवार लगातार मेहनत कर रहा है आजादी के बाद से जब जोबट में चुनाव हुए तब लगभग 85 फ़ीसदी यह सीट रावत परिवार के कब्जे में ही रही है जैसे ही कोरोना का असर कमजोर होगा तत्काल जोबट उप चुनाव का बिगुल बजने की उम्मीद है हालांकि भाजपा की तरफ से भी जोबट में कई दावेदार सामने देखे जा सकते हैं लेकिन अभी जो माहौल चल रहा है उससे भाजपा को चौतरफा नुकसान हो सकता है दमोह उपचुनाव में भी यही हुआ जिस तरह से कमलनाथ ने सारे प्रोटोकॉल तोड़कर विशेष विमान के जरिए इंदौर पहुंचकर वहां से सीधे हेलीकॉप्टर में जोबट के लिए उड़ान भरी तभी इस बात का अंदाजा लग गया था कि इस उपचुनाव को कांग्रेस किसी भी तरह से छोड़ने के मूड में नजर नहीं आ रही पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल हनी को अपने साथ लेकर कमलनाथ भूरिया के पुश्तैनी गांव पहुंचे थे और वही से अपने अजीज रावत को भी इशारा कर गए अब देखना यह होगा कि कांतिलाल भूरिया ने जिस तरह बीते विधानसभा चुनाव में कलावती भूरिया के लिए जोबट में अपनी ताकत लगाई थी वह रावत परिवार के लिए भी क्या उसी शिद्दत से काम करते हैं हालाकी विक्रांत के युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बन जाने के बाद इस बात की उम्मीद लग रही है कि भूरिया परिवार इस बार विशाल रावत और सुलोचना रावत के लिए पूरी मुस्तैदी से मैदान पकड़ लेगा क्योंकि आने वाले वक्त में विक्रांत को कांतिलाल भूरिया झाबुआ से ही चुनाव लड़ जाना चाहते हैं