राजनीति में तेजी से आगे बढ़त रहीं नागपुर की भाजपा नेत्री सना खान की कहानी खत्म हो गई। उनकी हत्या की वजह होटल में पार्टनरशिप के लिए कथित पति को दिए 50 लाख रुपए बने। उनके कथित पति अमित उर्फ पप्पू साहू ने सिर में डंडा मारकर हत्या कर दी। उसी शाम शव जबलपुर की हिरन नदी में फेंक दिया।
ये खुलासा आरोपी अमित ने पुलिस पूछताछ में किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 2 अगस्त के दिन ही सना को मार डाला था। पुलिस का कहना है कि अब शव मिलना मुश्किल है, क्योंकि घटना वाले दिन तेज बारिश हो रही थी। नदी में पानी का बहाव भी तेज था। नागपुर पुलिस 24 घंटे की रिमांड पर आरोपी को लेकर रवाना हो चुकी है। शनिवार को दोबारा उसे जबलपुर लेकर आएगी।
भारतीय जनता पार्टी नागपुर की अल्प संख्यक मोर्चा की सक्रिय कार्यकर्ता सना खान 2 अगस्त को जबलपुर आई थीं। इसके बाद से वह लापता हो गई थीं। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में भी सना खान नजर हा रही हैं। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को गौरीघाट से आरोपी अमित साहू को गिरफ्तार किया है। जानते हैं इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की कहानी…

रुपए वापस मांगे, तो डंडे से पीटकर मार डाला
एडिशनल एसपी जबलपुर कमल मौर्य ने बताया कि आरोपी अमित ने गोरा बाजार स्थित घर पर डंडे से पीटकर सना की हत्या की है। घटना 2 अगस्त की शाम उस वक्त हुई, जब सना नागपुर से जबलपुर पहुंचीं। यहां से वह सीधे अमित के घर गईं। अमित से उसे दी हुई रकम लौटाने को कह रही थीं। इस बात पर करीब दो घंटे तक दोनों के बीच विवाद हुआ। सना ने अमित से कुछ अपशब्द कहे। आरोपी अमित उर्फ पप्पू ने गुस्से में सना के सिर में डंडा मार दिया। अमित ने हत्या के बाद सना के शव को साथी से मदद से हिरन नदी में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक शव को नदी में उस वक्त फेंका, जब पानी का बहाव बहुत तेज था।

हत्या के बाद सना की मां को बरगलाता रहा आरोपी
सना ने 2 अगस्त को जबलपुर पहुंचकर अपनी मां मेहरून्निसा को कॉल किया था। उन्होंने कहा था कि अमित गुस्से में है, लेकिन वह उसे मना लेगी। इसके बाद उनके तीनों मोबाइल फोन बंद हो गए। मेहरून्निसा ने पुलिस को बताया कि कई बार सना के मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद शाम को अमित को कॉल किया। पहले वह सना के जबलपुर आने से मना करने लगा। उसने कहा कि सना यहां नहीं आई। बाद में बोला कि वह आई थी। उसने झगड़ा किया। मेरा मोबाइल भी तोड़ दिया। इसके बाद यहां से चली गई। मेहरून्निसा से उसने परेशान होने की बात कही। 3 अगस्त को मेहरून्निसा ने नागपुर के मानकापुर थाने में शिकायत कर दी।
पुलिस ने आरोपी के घर का ताला तोड़कर ली तलाशी
मेहरून्निसा की शिकायत के बाद नागपुर पुलिस तुरंत एक्टिव हुई। 4 अगस्त को नागपुर पुलिस जबलपुर पहुंची। यहां पूछताछ शुरू की। पता चला कि अमित गोरा बाजार इलाके में किराए के मकान में रहता है। नागपुर से सना का भाई मोहसिन खान और दोस्त कुणाल यादव भी यहां आए। वे जबलपुर पुलिस के साथ गोरा बाजार अपार्टमेंट गए। यहां अमित के घर पर ताला लगा मिला।
पुलिस को आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि सना 2 अगस्त को यहां आई थी। दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद पुलिस ने 5 अगस्त को कलेक्टर के निर्देश पर घर का ताला तोड़कर तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान यहां कुछ नहीं मिला। आसपास का सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो उसमें सना दिखाई दीं। करीब तीन दिनों तक नागपुर पुलिस जबलपुर में रही, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। इधर, परिजन ने अमित पर हत्या का आरोप लगाया।

ढाबे पर नौकर से मिला क्लू, फिर आरोपी को दबोचा
जबलपुर पुलिस जांच के दौरान अमित के ढाबे पर पहुंची। यहां पूछताछ के दौरान एक नौकर ने बताया कि अमित 2 अगस्त के दिन कार लेकर आया था। कार की डिक्की को साफ करने के लिए कहा था। डिक्की खोलकर देखा, तो उसमें खून लगा था। नौकर ने अमित से खून के बारे में पूछा तो उसने डांट दिया। नौकर के बयान के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि अमित ने सना की हत्या कर दी है। इसके बाद तलाश और तेज कर दी। शुक्रवार को पुलिस को अमित के गोरा घाट पर होने की सूचना मिली। नागपुर और जबलपुर पुलिस ने उसे वहीं पर दबोच लिया।
राजनीति में तेजी से बढ़ रहा था सना का कद
सना खान ने 10 साल पहले राजनीति पारी की शुरूआत की थी। पिछले चार साल से महाराष्ट्र भाजपा में उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ रहा था। एक साल पहले तक भाजपा के महिला मोर्चा में बतौर सामान्य कार्यकर्ता थीं। हाल में उनको अल्पसंख्यक मोर्चा में शहर महामंत्री बनाया गया था। जानकारों के मुताबिक महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक से वह बिना औपचारिकता पूरी किए सीधे मिलती थीं।

दोनों के बीच 1 अगस्त को हुआ था विवाद
अमित साहू उर्फ पप्पू के संपर्क में सना खान करीब डेढ़-दो साल से थीं। वह पप्पू के होटल में पार्टनरशिप करना चाहती थीं। इसके लिए सना ने पप्पू को करीब 50 लाख रुपए और करीब दो लाख रुपए कीमत की सोने की चेन भी दी थी। 1 अगस्त को अमित साहू और सना के बीच फोन पर विवाद हुआ था। सना ने पप्पू से बिजनेस में पार्टनरशिप के लिए दिए गए 50 लाख रुपए और सोने की चेन की बात की थी। इस टेलीफोनिक बातचीत को सना की मां मेहरून्निसा ने सुन लिया था।
50 लाख रुपए और सोने की चेन वापस लेने आई थीं सना
सना खान ने अपने परिजन की सहमति के बिना पप्पू को कारोबार में पार्टनरशिप के लिए 50 लाख रुपए और सोने की चेन दी, तो ये उनकी मां मेहरून्निसा को नागवार गुजरा। मेहरून्निसा ने अमित को दी गई रकम वापस लाने के लिए सना से कहा था। उसी रकम को वापस लेने के लिए सना 2 अगस्त को जबलपुर गई थीं।
आठ से 10 सिम और तीन मोबाइल रखती थीं भाजपा नेत्री
भाजपा नेत्री सना खान अपने पास तीन मोबाइल फोन रखती थीं। उनके पास 8 से 10 अलग-अलग सिम भी थीं। इन सिम से वह किससे और क्या बातें करती थीं, यह भी पुलिस जांच कर रही है। सना के साथ-साथ वह तीनों मोबाइल और सिम भी गायब हैं। 2 अगस्त से ही सना और अमित के मोबाइल स्विच ऑफ थे।
पुलिस बोली- अब डेडबॉडी मिलना मुश्किल
एडीएसपी कमल मोर्य के मुताबिक हिरन नदी में सना के शव की तलाश महाराष्ट्र पुलिस के साथ जबलपुर पुलिस कर रही है, लेकिन डेड बॉडी मिलना मुश्किल है। वजह- घटना वाले दिन (2 अगस्त) को जबलपुर में तेज बारिश के कारण हिरण नदी में पानी का बहाव तेज होना है। इस कारण सना का शव नदी से मिलने की उम्मीद कम है।
दूसरे के फोन से जानकारी लेता रहा आरोपी
वारदात के बाद से ही सना और अमित के फोन बंद हो गए थे। इसके बाद एक भी दिन अमित ने फोन चालू नहीं किया। वह इतना शातिर है कि दूसरे से फोन लेकर घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेता रहता था। उसने सिवनी, नरसिंहपुर और दमोह में फरारी काटी।
सना के पिता व्यापारी और मां कांग्रेस कार्यकर्ता
सना खान के पिता का खुद का कारोबार है। वह थोक का बिजनेस करते हैं, जबकि मां मेहरून्निसा कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में सोशल वर्क करती हैं। मां की राजनीतिक एक्टिविटी से प्रभावित होकर ही सना ने भाजयुमो के कार्यकर्ता के रूप में करीब 10 साल पहले पॉलिटिकल कॅरियर की शुरूआत की थी।
हत्या का आरोपी भी रहा है अमित
पुलिस के मुताबिक अमित मूल रूप से कटंगी थाना क्षेत्र के झगरा गांव का रहने वाला है। वह आदतन अपराधी है। साल 2011 में वह हत्या के एक मामले में आरोपी भी रह चुका है। इसी मामले में वह जमानत पर छूटकर आया था। इसके बाद झगरा गांव के पास ढाबा खोल लिया। ढाबे से वह अवैध शराब भी बेचता था।
आरोपी ने सना से की थी दूसरी शादी, पहली शादी पुलिसकर्मी से की थी
अमित साहू ने पहली शादी महिला पुलिसकर्मी से की थी, लेकिन अमित के अवैध कामों से परेशान होकर वह उसे छोड़कर चली गई। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 2021 में लॉकडाउन के समय अमित महाराष्ट्र से महंगी-महंगी शराब लाकर बेलखाडू स्थित ढाबे से बेचा करता था, जो उसे पसंद नहीं था।
अनबन के बाद अमित की पत्नी ने ही पुलिस को जानकारी देकर लाखों रुपए की शराब पकड़वाई थी। सूत्र बताते हैं कि सना और महिला पुलिसकर्मी की अक्सर आपस में बात होती थी। अमित उर्फ पप्पू साहू के बारे में सना को महिला ने अहम जानकारी भी दी थीं।