“Strait of Hormuz संकट: 60 देशों की बैठक में भारत की दोटूक—‘बातचीत ही समाधान’; 3 भारतीय नाविकों की मौत पर जताई चिंता, Donald Trump का दावा—ईरान पर जीत, 2-3 हफ्ते में बड़े हमले की चेतावनी

ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए।

बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।

इनसेट में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी की तस्वीर

भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।

इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। यह रास्ता तभी खुलेगा जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी।

ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा।

ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।

ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।

ट्रम्प के भाषण में कोई नई बात नहीं

ट्रम्प ने 19 मिनट का भाषण दिया। इसमें कोई नया ऐलान नहीं किया। वही बातें दुहराईं जो पिछले कुछ समय से कहते रहे हैं।

उन्होंने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें। उन्होंने इराक (8 साल) और वियतनाम (19 साल) जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है।

उन्होंने यह भी माना कि लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है, लेकिन कहा कि यह युद्ध जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह आपके बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है।”

ट्रम्प ने ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मांग की, जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें समझौते की जरूरत नहीं है।

उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को लेनी चाहिए। हालांकि, एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि होर्मुज खोले बिना कोई समझौता नहीं होगा।

ईरान जंग और ट्रम्प के भाषण से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

06:17 am 3 अप्रैल 2026

ईरान-अमेरिका/इजराइल जंग में अबतक मारे गए लोगों की संख्या

  • लेबनान: 1,345 लोग मारे गए, जिनमें 125 बच्चे शामिल हैं; 4,040 से ज़्यादा लोग घायल हुए
  • इजराइल: 28 लोग मारे गए (एक को छोड़कर बाकी सभी आम नागरिक थे), जिनमें लेबनान में मारे गए 10 इजराइली सैनिक शामिल हैं; 3,223 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • अमेरिका: लड़ाई में 13 लोग मारे गए और दो लोग गैर-लड़ाई से जुड़े कारणों से मारे गए; 200 से ज़्यादा लोग घायल हुए।
  • वेस्ट बैंक: चार लोग मारे गए।
  • UAE: 12 लोग मारे गए, 169 घायल हुए।
  • बहरीन: 3 लोग मारे गए।
  • सऊदी अरब: 2 लोग मारे गए, 20 घायल हुए।
  • कुवैत: 6 लोग मारे गए।
  • ओमान: 3 लोग मारे गए।
  • कतर: 16 लोग घायल हुए।
  • जॉर्डन: 20 लोग घायल हुए।
  • सीरिया: 4 लोग मारे गए।
  • इराक: 107 से ज़्यादा लोग मारे गए।
05:25 am 3 अप्रैल 2026

यूएस-इजराइली हमलों में ईरान के 600 स्कूलों को नुकसान

ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि 28 फरवरी से अब तक अमेरिका और इजराइल के हमलों में 600 से ज़्यादा स्कूल और शिक्षण केंद्र प्रभावित हुए हैं।

05:15 am 3 अप्रैल 2026

IRGC ने तेल अवीव और ईलात पर नए हमलों का दावा किया

IRGC का दावा है कि उसने तेल अवीव और ईलात स्थित ठिकानों पर नए हमले करके इजराइली सेना और सैन्य औद्योगिक कंपनियों को नष्ट कर दिया है।

04:07 am 3 अप्रैल 2026

UN सिक्योरिटी काउंसिल में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वोटिंग आज

UN सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे पर बहरीन के एक प्रस्ताव पर वोट निर्धारित किया है। यह प्रस्ताव होर्मुज स्ट्रेट मेंअंतरराष्ट्रीय नेविगेशन को सुरक्षित करने के लिए रक्षात्मक उपायों के इस्तेमाल की अनुमति देता है, लेकिन आक्रामक उपायों की नहीं। होर्मुज को ईरान ने ब्लॉक कर रखा है।

04:00 am 3 अप्रैल 2026

इजराइली सेना का दावा- ईरान का मिलिट्री इंडस्ट्री हेडक्वॉर्टर नष्ट

इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के सैन्य उद्योग मुख्यालय को लगभग पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। पहले ईरान ने रोजाना 100 मिसाइलें दागना शुरू कर दिया था, और अब उसकी अधिकतम क्षमता रोजाना 10 मिसाइलों की है।

03:24 am 3 अप्रैल 2026

ट्रम्प ने कहा- इजराइली वही करेंगे जो मैं उनसे करने को कहूंगा

अमेरिकी प्रेसिडेंट का कहना है कि इजराइल एक अच्छा टीम प्लेयर है और वे वही करेंगे जो मैं उनसे कहूंगा।

टाइम मैगजीन के साथ एक इंटरव्यू में, ट्रम्प ने कहा कि “वे तब रुकेंगे जब मैं रुकूंगा, वे तब तक रुकेंगे जब तक उन्हें उकसाया न जाए, ऐसे में उनके पास कोई ऑप्शन नहीं होगा, लेकिन वे तब रुकेंगे जब मैं रुकूंगा।”

03:21 am 3 अप्रैल 2026

आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज ने पद से इस्तीफा दिया

अमेरिका के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रैंडी रिटायर हो रहे हैं। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल का कहना है कि सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज तत्काल प्रभाव से अपने पद से रिटायर हो जाएंगे।

अमेरिकी विदेश सचिव पीट हेगसेथ ने उनके रिटायरमेंट की मांग की थी। रैंडी ने 2023 में यह पद संभाला था।

02:31 am 3 अप्रैल 2026

ईरान के करज में बने सबसे बड़े पुल B1 पर हमले का वीडियो

इजराइल-अमेरिका ने ओजेमी करज में B1 पुल पर बमबारी की है। यह एक विशाल परियोजना थी जो तेहरान को देश के उत्तरी क्षेत्रों, जिसमें कैस्पियन सागर भी शामिल है, से जोड़ती थी। यह परिवहन का एक प्रमुख मार्ग था।

हमला ईरान के स्थानीय समय के अनुसार शाम लगभग 5:30 बजे हुआ। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक यह पुल ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और अटैक ड्रोन फोर्स को बनाए रखने के लिए प्लान किए गए मिलिट्री सप्लाई रूट का हिस्सा था।

02:17 am 3 अप्रैल 2026

ट्रम्प की ईरान को चेतावनी- देर होने से पहले एक डील कर लेनी चाहिए

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने तेहरान और करज को जोड़ने वाले पुल पर हमले का फुटेज पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी- “”ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है, अब इसका दोबारा कभी इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है, ईरान को बहुत देर होने से पहले एक डील कर लेनी चाहिए। वरना उस देश का कुछ भी नहीं बचेगा जो अभी भी एक महान देश बन सकता है!”

ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में वीडियो क्लिप भी शेयर किया, जिसमें एक पुल को गिरते हुए दिखाया गया था।

ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, इस पुल पर हुए हमले में, जो उस प्रांत को तेहरान से जोड़ता है, कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह जानकारी ‘द हिल’ ने दी है।

01:30 am 3 अप्रैल 2026

इजराइली शहर पेटाह टिकवा पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले का वीडियो

ईरानी विदेश मंत्री बोले- हमले ईरानियों को हथियार डालने मजबूर नहीं कर सकते

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि “सिविलियन स्ट्रक्चर पर हमला, ईरानियों को हथियार डालने पर मजबूर नहीं करेगा। यह बात उन्होंने तब कही जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान का सबसे ऊंचा पुल नष्ट कर दिया है।

आज और पाषाण युग में एक बड़ा फर्क है, उस समय मिडिल ईस्ट में तेल या गैस पंप नहीं किया जाता था।

क्या POTUS और उन्हें ऑफिस में बिठाने वाले अमेरिकियों को पक्का यकीन है कि वे समय को पीछे ले जाना चाहते हैं?

12:40 am 3 अप्रैल 2026

ईरानी मीडिया की पुष्टि- जंजन की बमबारी में IRGC कर्नल रूहुल्लाह की मौत

ईरानी सरकार की समाचार एजेंसी तस्नीम ने पुष्टि की है कि जंजन में कल हुई बमबारी में IRGC कर्नल रुहोल्लाह मीना खानी की मौत हो गई है।

12:10 am 3 अप्रैल 2026

इजराइल का दावा- ईरान में कुद्स फोर्स की मिसाइल कमांड के 3 नेता मारे

इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में कुद्स फोर्स की मिसाइल कमांड के 3 नेताओं को मार गिराया है। इनमें पश्चिमी ईरान में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल यूनिट के कमांडर मोकरम अजीमी और ईरानी शासन के ऑइल हेडक्वॉर्टर के कमांडर जमशीद एशाघी शामिल है।

11:57 pm 2 अप्रैल 2026

UN महासचिव एंटोनियो की अपील- जंग रोकें अमेरिका और इजराइल

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से जंग रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है और दुनिया को बड़े संकट की ओर धकेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

11:34 pm 2 अप्रैल 2026

चीन बोला- ईरान जंग का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि जब तक ईरान की जंग जारी रहेगी, तब तक होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से बातचीत में जल्द से जल्द सीजफायर की जरूरत बताई। चीन का मानना है कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

11:07 pm 2 अप्रैल 2026

भारत बोला- होर्मुज संकट का हल बातचीत से निकलेगा

ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए।

बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।

भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।

10:54 pm 2 अप्रैल 2026

बहरीन ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जयानी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईरान लगातार खाड़ी देशों और जॉर्डन को निशाना बना रहा है और आम लोगों की जान ले रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल दिया है। बहरीन ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव भी पेश किया है और जल्द ही इस पर वोटिंग हो सकती है।

10:47 pm 2 अप्रैल 2026

पाकिस्तान बोला- ईरान जंग में सीजफायर की कोशिशें जारी रखेंगे

पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदरबी ने कहा कि कुछ चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन पाकिस्तान शांति के लिए अपनी कोशिश नहीं छोड़ेगा।

10:40 pm 2 अप्रैल 2026

खाड़ी देश बोले- हम जंग नहीं चाहते, बातचीत बेहतर रास्ता

GCC (खाड़ी सहयोग परिषद) के महासचिव जासिम अल-बुदैवी ने साफ कहा कि खाड़ी देश जंग नहीं चाहते और वे शांति के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सभी देश स्थिरता चाहते हैं और बातचीत ही समस्याओं का सबसे बेहतर समाधान है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तनाव बढ़ता रहा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

10:12 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान ने बहरीन में अमेजन डेटा सेंटर पर हमले का वीडियो जारी किया

ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आज बहरीन में मौजूद अमेरिकी कंपनी अमेजन के डेटा सेंटर पर हमले का वीडियो जारी किया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह वीडियो कल हुए हमले का है या आज फिर से हमला किया गया है।

 

 

होर्मुज संकट से अफ्रीका में खाने-पीने का संकट आ सकता है

संयुक्त राष्ट्र, अफ्रीकी यूनियन और अफ्रीकी विकास बैंक की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर ईरान की जंग लंबी चलती है तो इसका असर अफ्रीकी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर यह संघर्ष 6 महीने से ज्यादा चलता है तो 2026 में अफ्रीका की आर्थिक विकास दर कम हो सकती है। इसके अलावा तेल, खाद और जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित होने से महंगाई बढ़ सकती है और कई देशों में खाने-पीने का संकट भी पैदा हो सकता है।

वहीं, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में खाद और जरूरी सामान ले जाने के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अफ्रीका में खाद्य संकट आ सकता है। इस पर यूएन के साथ मिलकर काम करने की बात कही गई है।

09:49 pm 2 अप्रैल 2026

लेबनान पर इजराइली हमले में अब तक 1,345 लोगों की मौत

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 1,345 लोगों की मौत हो चुकी है और 4,040 लोग घायल हुए हैं।

मृतकों में 125 बच्चे और 91 महिलाएं भी शामिल हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही 27 लोगों की मौत हुई और 105 लोग घायल हुए हैं।

इजराइल ने कुछ दिन पहले लेबनान की राजधानी बेरुत में एक बिल्डिंग पर हमला करके उसे पूरी तरह तबाह कर दिया था।
09:45 pm 2 अप्रैल 2026

UN सिक्योरिटी काउंसिल में ईरान जंग पर बैठक जारी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान जंग पर बैठक चल रही है। इसका मकसद मिडिल ईस्ट में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए UN और खाड़ी देशों के सहयोग पर चर्चा हो रही है।

09:22 pm 2 अप्रैल 2026

ऑस्ट्रिया ने अमेरिका को एयरस्पेस देने से मना किया

ऑस्ट्रिया ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके देश की तटस्थ रहने की नीति है, इसलिए वे किसी युद्ध में सीधे शामिल नहीं हो सकते।

मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका की तरफ से कई बार ऐसी मांग आई थी, लेकिन हर बार उसे अलग-अलग तरीके से देखा गया। ऑस्ट्रिया ने पूरी तरह बैन नहीं लगाया है, लेकिन हर केस को अलग से जांचकर ही फैसला लेगा।

इसी तरह स्पेन और इटली ने भी अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों और एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है।

09:10 pm 2 अप्रैल 2026

हमलों से ईरान के दो बड़े स्टील प्लांट ठप, भारी नुकसान

अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान के दो बड़े स्टील प्लांट बंद हो गए हैं। इनमें खुजेस्तान स्टील कंपनी और मोबारकेह स्टील कंपनी शामिल हैं।

मोबारकेह कंपनी ने कहा कि लगातार हमलों की वजह से उनका पूरा प्रोडक्शन रुक गया है। वहीं, ऑपरेशन हेड मेहरान पाकबिन के मुताबिक, कम से कम 6 महीने तक प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद नहीं है।

08:56 pm 2 अप्रैल 2026

अमेरिका का ईरान के ₹3,800 करोड़ के ब्रिज पर हमला

ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ने वाले एक ‘बी1 हाईवे ब्रिज’ पर गुरुवार को हवाई हमला किया गया। ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और आसपास के इलाकों में भी नुकसान हुआ है।

यह पुल इसी साल शुरू हुआ था और इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। करीब 1050 मीटर लंबा और 136 मीटर ऊंचे पिलर वाला यह प्रोजेक्ट करीब 400 मिलियन डॉलर में बना था।

इसका मकसद तेहरान को उत्तरी इलाकों से जोड़ना और व्यापार को आसान बनाना था। रिपोर्ट के मुताबिक कराज के अजीमियेह इलाके और कराज नॉर्दर्न बायपास पर इस पुल को निशाना बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला अमेरिका और इजराइल की तरफ से किया गया है। यह पुल ईरान बहुत अहम इंफ्रास्ट्रक्चर माना जाता है, इसलिए इसके नुकसान से ट्रैफिक और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

 

फ्रांस बोला- ईरान के एटमी प्रोग्राम का हल जंग से नहीं निकलेगा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान के परमाणु मुद्दे का हल जंग से नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य ताकत से खोलने के प्रस्ताव को भी अव्यावहारिक बताया।

ईरान के 300 से ज्यादा अस्पताल और हेल्थ सेंटर तबाह

ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी के मुताबिक, इजराइली और अमेरिकी हमले में अब तक देश के 316 अस्पताल और मेडिकल सेंटर या तो पूरी तरह तबाह हो चुके हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इनमें गांधी हॉस्पिटल, फाराबी मेडिकल सेंटर और पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं।

08:24 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान बोला- हमने कोई सीजफायर प्रस्ताव नहीं दिया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि ईरान ने अमेरिका के सामने कोई सीजफायर प्रस्ताव नहीं रखा है।

उन्होंने कहा कि मीडिया में जो 5-पॉइंट प्लान की बातें चल रही हैं, वो सिर्फ अटकलें हैं। ईरान का रुख साफ है कि जब तक हमला करने वालों को सजा नहीं मिलती और पूरा मुआवजा नहीं मिलता, तब तक जंग जारी रहेगी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तस्वीर।
08:13 pm 2 अप्रैल 2026

नेपाल में जेट फ्यूल महंगा, फ्लाइट टिकट के दाम बढ़े

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से नेपाल में जेट फ्यूल के दाम करीब 85% तक बढ़ गए हैं। पोखरा और भैरहवा से उड़ान भरने वाले विमानों के लिए यह बढ़ोतरी 100% से भी ज्यादा है। घरेलू उड़ानों के लिए भी ईंधन करीब 98% महंगा कर दिया गया है।

इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा है। नेपाल के सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, घरेलू फ्लाइट टिकट 50% तक महंगे हो गए हैं।

UAE ने आज 19 मिसाइल और 26 ड्रोन गिराए

UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने आज ईरान के 19 बैलिस्टिक मिसाइल और 26 ड्रोन को मार गिराया।

जंग शुरू होने के बाद से अब तक UAE 457 मिसाइल और 2000 से ज्यादा ड्रोन इंटरसेप्ट कर चुका है।

07:50 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान जंग से पाकिस्तान के पोर्ट्स को फायदा, ट्रैफिक बढ़ा

ईरान जंग की वजह से खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिसका फायदा पाकिस्तान को मिल रहा है। पाकिस्तान के मंत्री मुहम्मद जुनैद अनवर चौधरी ने कहा कि कराची और ग्वादर पोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया है। कई देश अब इन पोर्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि शिपिंग खर्च 5000 डॉलर प्रति कंटेनर से ज्यादा हो गया है।

07:19 pm 2 अप्रैल 2026

कतर ने UN में शिकायत की, ईरान पर हमला करने का आरोप

कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कतर का आरोप है कि ईरान ने उसके इलाके पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कई हमले हुए, जिनमें एक तेल टैंकर भी निशाना बना। कतर ने इन हमलों को गैरकानूनी बताया और नुकसान की भरपाई की मांग की है।

06:50 pm 2 अप्रैल 2026

तेहरान-कराज ब्रिज पर हमला, कई लोग घायल

ईरान की राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाले बड़े पुल पर हमला किया गया। यह पुल मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे पुलों में से एक माना जाता है। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। इसके अलावा कराज के अन्य इलाकों पर भी हमले हुए।

 

होर्मुज को लेकर ब्रिटेन में 35 देशों की बैठक, भारत भी शामिल होगा

ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है।

ब्रिटेन ने इस बैठक के लिए भारत को आमंत्रित किया है। इस बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल होंगे। इसमें दुनिया के और भी कई बड़े देशों के शामिल होने की संभावना है।

06:23 pm 2 अप्रैल 2026

मलेशिया में वर्क फ्रॉम होम, ईंधन बचाने की कोशिश

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने घोषणा की है कि 15 अप्रैल से सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा।

इसका मकसद ईंधन की खपत कम करना और ऊर्जा बचाना है। सरकार हर महीने करीब 1 अरब डॉलर खर्च करके आम लोगों को सस्ता पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी दे रही है।

06:04 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान जंग में ट्रम्प अपने 5 मकसद से कितने दूर

अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया। इसके कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने 8 मिनट का वीडियो जारी करके जंग के टारगेट बताए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद अमेरिकी लोगों की रक्षा करना और ईरान से आने वाले खतरों को खत्म करना है।

अब ट्रम्प के बताए टारगेट्स के मुताबिक समझते हैं कि अमेरिका को जंग में अब तक कितनी कामयाबी मिली है। उसे क्या हासिल हुआ है और क्या अब भी अधूरा है

 

ईरान बोला- हॉलीवुड ने अमेरिका के दिमाग में भ्रम पैदा कर दिया

ईरान की सेना के एयरस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान को धमकी दे रहे हैं, वे असल में अपने ही सैनिकों को मौत की तरफ धकेल रहे हैं।

माजिद मौसवी ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि ईरान को टस्टोन एज’ (पाषाण युग) में भेजने की बात सिर्फ कल्पना है और ऐसा करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि हॉलीवुड ने आपके दिमाग में भ्रम पैदा कर रहा है। अमेरिका सिर्फ 250 साल पुराना देश है, जबकि ईरान की सभ्यता 6,000 साल पुरानी है और वो हमें डाराने की कोशिश कर रहा है।

ईरान की मिलिट्री यूनिट इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिका के राष्ट्रपति की बेतुकी बातों से नहीं खोला जाएगा।

IRGC ने साफ कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ हैं, उनके लिए इस रास्ते को खोलने का कोई सवाल ही नहीं

 

ईरानी सेना के एयरस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी की तस्वीर।
05:04 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान बोला- अमेरिका-इजराइल ने हमारी ताकत को कम आंका

ईरान की सेना ने कहा है कि वह इस जंग को तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका और इजराइल को हमेशा के लिए पछतावा नहीं हो जाता।

ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जाल्फगारी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की ताकत को कम आंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में और ज्यादा बड़े और खतरनाक हमले किए जाएंगे

जंग में अब तक ईरान के 2000 से ज्यादा लोगों की मौत

इस जंग में अब तक ईरान के 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजराइल में 24 लोगों की जान गई है और क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।

बुधवार को ईरान के मिसाइल हमले में बनेई बराक (तेल अवीव के पास) में 4 लोग घायल हो गए। इसके बाद इजराइल ने लोगों को रॉकेट हमलों से बचने के लिए सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।

04:39 pm 2 अप्रैल 2026

ईरानी सुप्रीम लीडर से सलाहकार पर जानलेवा हमला

ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी पर जानलेवा हमला हुआ है, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गई और वे खुद गंभीर रूप से घायल हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान में उनके घर पर एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। ईरानी मीडिया और स्थानीय रिपोर्ट्स में इसे ‘हत्या की कोशिश’ बताया गया।

खराजी अभी ईरान की स्ट्रैटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के चेयरमैन हैं। यह संस्था सीधे देश के सर्वोच्च नेता को सलाह देती है और विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।

04:24 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान का आरोप- इजराइल की गलती से अमेरिका जंग में कूदा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने कहा है कि इजराइल की गलत कैलकुलेशन और उकसावे की वजह से अमेरिका इस युद्ध में शामिल हुआ।

उन्होंने कहा कि अब दुनिया में कोई भी अमेरिका की कूटनीति पर भरोसा नहीं करता। अमेरिका बातचीत और समझौते का इस्तेमाल सिर्फ अपनी शर्तें थोपने या फिर ताकत इस्तेमाल करने के लिए करता है।

बघाई ने यह भी कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं। वे युद्ध की वजह से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की जनता अब अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत या समझौते के पक्ष में नहीं है, क्योंकि पहले भी अमेरिका ने बातचीत के बाद दबाव बनाने की कोशिश की थी।

04:10 pm 2 अप्रैल 2026

इजराइल ने 24 घंटे में हिजबुल्लाह के 40 लड़ाके मारे

इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में हिजबुल्लाह के 40 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया है।

सेना के मुताबिक, इस दौरान उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में हथियार रखने की जगहें (डिपो) और मिसाइल लॉन्च करने वाले ठिकाने भी निशाने पर थे।

इजराइल ने यह भी कहा कि उसकी जमीनी सेना ने हिजबुल्लाहह के एक ग्रुप को खत्म कर दिया और उनके कई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।

03:37 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान में 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला

ईरान की राजधानी तेहरान में 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ को निशाना बनाया गया, जिससे इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश के मेडिकल रिसर्च और दवा विकास में इसकी अहम भूमिका रही है।

हमले के बाद तस्वीरों में इमारत के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए, जबकि कुछ हिस्से मलबे में बदल गए हैं। ईरान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिक ढांचे पर हमला बताया है।

रिसर्च सेंटर पर हमले के बाद की 3 तस्वीरें

 

ईरान युद्ध पर रूस-मिस्र की बैठक आज

ईरान युद्ध को लेकर आज रूस और मिस्र के बीच अहम बैठक होने जा रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअट्टी से मुलाकात करेंगे, जिसमें मिडिल ईस्ट के हालात और ईरान संघर्ष पर चर्चा होगी।

क्रेमलिन के मुताबिक, इस बैठक में क्षेत्रीय तनाव, युद्ध के हालात और कूटनीतिक समाधान के विकल्पों पर विस्तार से बातचीत की जाएगी। साथ ही दोनों देशों के आपसी संबंध भी एजेंडे में शामिल हैं।

03:14 pm 2 अप्रैल 2026

रूस बोला- ईरान युद्ध खत्म कराने को तैयार

ईरान युद्ध के बीच रूस ने कहा है कि वह इस संघर्ष को खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन क्षेत्रीय नेताओं के संपर्क में हैं।

पेसकोव ने कहा कि रूस ऐसी किसी भी पहल में योगदान देने को तैयार है, जिससे मौजूदा सैन्य टकराव को जल्द शांति की दिशा में बदला जा सके।

उन्होंने बताया कि रूस स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा सकता है। रूस की इस पेशकश को क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

03:04 pm 2 अप्रैल 2026

नॉर्वे में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन

ईरान युद्ध के बीच नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारी US एम्बेसी के बाहर जुटे और युद्ध के खिलाफ नारे लगाए। लोग अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं

 

ईरान बोला- अमेरिका हमारे एडवांस हथियारों को छू भी नहीं पाया

अमेरिका और इजराइल के हमलों के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके एडवांस हथियार अब भी सुरक्षित हैं और दुश्मन उन्हें छू भी नहीं पाया है।

ईरान की खातम अल-अनबिया हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं थे। असली सैन्य उत्पादन और एडवांस हथियारों के केंद्र ऐसी जगहों पर हैं, जिनकी जानकारी दुश्मन को नहीं है।

ईरान ने कहा कि उसकी सैन्य क्षमता अभी सामने नहीं आई है और वह जरूरत पड़ने पर अपनी असली ताकत दिखा सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर दिया है।

 

ब्रिटेन ने होर्मुज पर 35 देशों की बैठक बुलाई, भारत-पाकिस्तान शामिल नहीं

ब्रिटेन ने आज होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर 35 देशों की बैठक बुलाई है। यह समिट वर्चुअली आयोजित हो रही है, जिसमें अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर चर्चा करेंगे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक में पहली बार इतने देशों को एक साथ लाकर समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है। बैठक में अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों के साझेदार शामिल हैं।

हालांकि, इस सूची में भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे देशों को शामिल नहीं किया गया।

02:17 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान बोला- दुश्मन पर नजर, जमीनी हमला किया तो बच नहीं पाएगा

ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी जमीनी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातामी ने कहा कि दुश्मन की हर मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है और सेना तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर जमीनी हमला हुआ तो हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा।

हातामी ने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दुश्मन की रणनीति समझकर पहले से जवाबी योजना तैयार रखी जाए, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से जमीनी ऑपरेशन की आशंका जताई जा रही है।

01:52 pm 2 अप्रैल 2026

ईरान बोला- इजराइल का हर्मीस-900 ड्रोन मार गिराया

ईरान ने कहा है कि उसने इजराइल के एक एडवांस हर्मीस-900 ड्रोन को मार गिराया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, शिराज शहर के ऊपर इस ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह ड्रोन निगरानी और सैन्य ऑपरेशन्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे समय रहते ट्रैक कर गिरा दिया गया। हालांकि, इजराइल की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तस्वीर के इजराइल के एडवांस हर्मीस-900 ड्रोन की है। (फाइल-फोटो)
01:37 pm 2 अप्रैल 2026

चीन ने युद्ध रोकने की अपील की, कहा- तुरंत सीजफायर लागू हो

ईरान युद्ध को लेकर चीन ने सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

माओ निंग ने कहा कि संघर्ष बढ़ाना किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को तुरंत सैन्य ऑपरेशन रोक देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव की जड़ गैरकानूनी सैन्य कार्रवाई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

चीन ने चेतावनी दी कि अगर हालात बिगड़ते रहे तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। इसलिए सभी देशों को संयम बरतते हुए बातचीत से समाधान निकालना

तस्वीर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग की है।
01:19 pm 2 अप्रैल 2026

लेबनान के जेबदीन में इजराइल की एयरस्ट्राइक, कई घर जमींदोज

लेबनान के जेबदीन इलाके में इजराइल की एयरस्ट्राइक में कई रिहायशी घर जमींदोज हो गए। हमले के बाद इलाके में भारी तबाही का मंजर देखने को मिला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे इमारतें ढह गईं और मलबा चारों तरफ फैल गया। घटना के बाद स्थानीय बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।

फिलहाल हताहतों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं आई है, लेकिन नुकसान बड़ा बताया जा रहा है

बाघेई ने कहा कि देश के पास जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं है। (फाइल फोटो)
12:42 pm 2 अप्रैल 2026

इराक बोला- अमेरिका-इजराइल ने 24 घंटे में 2 बार हमला किया

इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने पिछले 24 घंटों में उस पर दो बार हमले किए हैं।

PMF के अनुसार, ताजा हमला आज सुबह करीब 5:20 बजे हुआ, जिसमें नीनवेह ऑपरेशंस कमांड के तहत आने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने बताया कि दोनों हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ।

PMF ने कहा कि यह हमले ऐसे समय में किए गए हैं जब क्षेत्र में ईरान युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है। संगठन का आरोप है कि उसे लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

12:18 pm 2 अप्रैल 2026

अमेरिका-इजराइल के हमलों बीच ईरान में सेना के समर्थन में रैली

अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों के बीच बुधवार रात ईरान में लोगों ने सड़कों पर उतरकर सेना के समर्थन में प्रदर्शन किया। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग रैलियों में शामिल हुए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये रैलियां हमलों के 30 से ज्यादा दिनों के बाद भी जारी हैं, जहां लोग झंडे लहराते हुए और नारे लगाते हुए सेना के साथ खड़े होने का संदेश दे रहे हैं। वीडियो में इन रैलियों में उमड़ी भारी भीड़ साफ दिखाई दी।

लेबनान से इजराइल पर एक घंटे में दूसरा रॉकेट हमला

लेबनान से उत्तरी इजराइल पर एक घंटे के भीतर दूसरा बड़ा रॉकेट हमला हुआ है। गैलीली क्षेत्र में रॉकेट गिरने के बाद एक रिहायशी इलाके के पास धुआं उठता देखा गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान कुछ ही मिनटों में 30 से ज्यादा रॉकेट दागे गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

11:42 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प के बयान पर ईरानी सेना बोली- भीषण हमले करेंगे

ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजराइल पर भीषण हमले करेगी। ईरान की सैन्य कमान खातम अल-अनबिया ने कहा कि युद्ध जारी रहेगा और दुश्मनों को करारा जवाब दिया जाएगा।

सेना ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ और ज्यादा व्यापक हमले किए जाएंगे।

यह बयान ट्रम्प की स्टोन एज वाली धमकी के बाद आया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा।

11:21 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प के बयान पर नाराज हुईं अमेरिकी सांसद

1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यासमीन अंसारी का परिवार ईरान से अमेरिका आकर बस गया था।

अमेरिकी सांसद यासमीन अंसारी ने ईरान को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प के स्टोन एज वाले बयान की कड़ी आलोचना की है।

ट्रम्प ने अपने भाषण में कहा था कि अमेरिका ईरान को फिर से स्टोन एज (पाषाण युग) में पहुंचा सकता है।

इसके जवाब में अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “वह 9 करोड़ लोगों वाले देश की बात कर रहे हैं। यह घृणित, डरावना और गलत है।”

यासमीन अंसारी अमेरिका में एरिजोना से प्रतिनिधित्व करने वाली पहली डेमोक्रेटिक सांसद हैं, जिनकी जड़ें ईरान से जुड़ी हैं।

11:04 am 2 अप्रैल 2026

अमेरिका ने नागरिकों से इराक छोड़ने को कहा

अमेरिका के बगदाद स्थित दूतावास ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ईरान से जुड़े मिलिशिया ग्रुप अगले 24 से 48 घंटों के अंदर बगदाद के सेंट्रल इलाके में हमले कर सकते हैं।

दूतावास ने खास तौर पर अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत इराक छोड़ दें, क्योंकि हालात तेजी से खराब हो सकते हैं।

यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग का असर इराक तक फैल चुका है। ईरान समर्थित मिलिशिया पहले भी इराक में अमेरिकी ठिकानों, दूतावास और दूसरे ठिकानों को निशाना बना चुके हैं, और अब नए हमलों का खतरा फिर से बढ़ गया है।

10:52 am 2 अप्रैल 2026

ईरान जंग में ट्रम्प के 5 मकसद कितने कामयाब

अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इसके कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक 8 मिनट का वीडियो जारी करके इस जंग के कुछ टारगेट बताए थे।

उन्होंने कहा था कि उनका मकसद अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है और ईरान से आने वाले खतरों को खत्म करना है। अब उन्हीं टारगेट्स के मुताबिक समझते हैं कि अमेरिका को जंग में अब तक कितनी कामयाबी मिली है। क्या हासिल हुआ है और क्या अब भी अधूरा रह गया है

 

 

ट्रम्प के बयान से चीन और हांगकांग के शेयर बाजार गिरे

डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान पर हमले जारी रखने के बयान के बाद चीन और हांगकांग के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। युद्ध लंबा खिंचने की आशंका से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।

शंघाई कंपोजिट इंडेक्स करीब 0.53% गिर गया, जबकि CSI300 इंडेक्स में 0.74% की कमजोरी देखी गई। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.1% नीचे आया और टेक शेयरों में ज्यादा दबाव रहा, HSTECH इंडेक्स 2.2% तक गिर गया।

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों तक ईरान पर कड़े हमले जारी रखेगा, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका असर पूरे एशियाई बाजारों पर पड़ा, जहां जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार भी गिरावट में रहे।

तेल की कीमतों में तेजी और युद्ध के बढ़ते खतरे ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

10:22 am 2 अप्रैल 2026

ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं

ईरान ने एक बार इजराइल पर मिसाइल हमला किया है। इसके बाद उत्तरी इजराइल में सायरन बजने लगे। इजराइली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए अलर्ट जारी किया है।

सेना के मुताबिक, ईरान की ओर से मिसाइल लॉन्च की गई हैं और खतरे को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है।

09:48 am 2 अप्रैल 2026

हिजबुल्लाह का इजराइल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला

लेबनान के हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है। उत्तरी इलाकों में तैनात इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया गया।

हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रॉकेट दागे, वहीं ड्रोन के जरिए भी कई ठिकानों पर हमला किया गया।

ट्रम्प के भाषण के बाद जापान का शेयर बाजार गिरा

ट्रम्प के भाषण के बाद जापान का शेयर बाजार गिर गया है। ईरान युद्ध खत्म होने के साफ संकेत न मिलने से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।

1% तक चढ़ने के बाद निक्केई इंडेक्स गिरकर 1.6% नुकसान के साथ 52,867 पर आ गया। वहीं, टॉपिक्स इंडेक्स भी अपनी बढ़त गंवाकर करीब 1% नीचे आ गया।

निवेशक इस उम्मीद में खरीदारी कर रहे थे कि ट्रम्प युद्ध खत्म करने का संकेत देंगे, लेकिन भाषण में ऐसा कोई साफ संकेत नहीं मिला। इस हफ्ते बाजार में तेजी का माहौल था, खासकर मार्च के खराब प्रदर्शन के बाद, लेकिन ट्रम्प के बयान के बाद यह रुख बदल गया।

09:06 am 2 अप्रैल 2026

ईरान जंग में ट्रम्प के 5 टारगेट, कई मोर्चों पर काम अधूरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध की शुरुआत में 5 बड़े टारगेट तय किए थे। एक महीने से ज्यादा समय बाद इनमें कुछ पर प्रगति दिख रही है, लेकिन कई अहम मोर्चों पर टारगेट अभी अधूरे हैं।

1. मिसाइल और ड्रोन क्षमता खत्म करने का टारगेट

अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई मिसाइल ठिकानों और फैक्ट्रियों को तबाह किया है।

लेकिन ईरान अभी भी मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, यानी यह टारगेट पूरी तरह हासिल नहीं हुआ।

2. नौसेना खत्म करने का दावा

ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है और कई जहाज तबाह हुए हैं।

हालांकि, पूरी तरह खत्म होने का दावा अभी भी सवालों के घेरे में है।

3. प्रॉक्सी मिलिशिया को खत्म करना

ट्रम्प का टारगेट था कि ईरान समर्थित समूहों को कमजोर किया जाए।

हकीकत: इराक और लेबनान में मिलिशिया अब भी सक्रिय हैं और हमले कर रहे हैं।

4. परमाणु कार्यक्रम रोकना

अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले किए।

लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पास अभी भी उच्च स्तर का यूरेनियम मौजूद है। यानी परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

5. सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज)

ट्रम्प ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कही थी।

हकीकत: मौजूदा शासन अभी भी कायम है और नई लीडरशिप भी सख्त रुख वाली मानी जा रही है।

08:50 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प के भाषण के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं

ट्रम्प के संबोधन के कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका ईरान पर हमले और तेज कर सकता है। उन्होंने ईरान के बिजली संयंत्रों और तेल कारोबार को निशाना बनाने की धमकी दोहराई थी।

बाजार को उम्मीद थी कि ट्रम्प के भाषण से तनाव कम होने के संकेत मिलेंगे, लेकिन इसके उलट ट्रम्प ने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से कहा कि वे खुद ही होर्मुज संकट को संभालें और फिलहाल अमेरिकी तेल खरीदें।

इस भाषण के बाद अमेरिका का बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल भाषण से पहले करीब 98 डॉलर प्रति बैरल था, जो रात 10 बजे (अमेरिकी समय) तक बढ़कर लगभग 104 डॉलर पहुंच गया।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी इसी दौरान करीब 100 डॉलर से बढ़कर लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

08:26 am 2 अप्रैल 2026

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ट्रम्प के भाषण की तारीफ की

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के भाषण में साफ बताया गया है कि अमेरिका ईरान में क्या करना चाहता है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका के तीन बड़े मकसद हैं- ईरान के हथियार बनाने वाले कारखानों को खत्म करना, उसकी नौसेना और वायुसेना को कमजोर या खत्म करना और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प का संदेश दुनिया के लिए साफ है। अमेरिका अपने लोगों और अपने हितों की रक्षा करेगा और ताकत के जरिए शांति बनाए रखने की कोशिश करेगा।

08:13 am 2 अप्रैल 2026

ब्रिटेन होर्मुज संकट पर 35 देशों की बैठक बुलाएगा, अमेरिका शामिल नहीं

ब्रिटेन 35 देशों की बैठक बुलाने जा रहा है, जिसमें अमेरिका शामिल नहीं होगा। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के रास्ते तलाशना है। यह तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी समुद्री रास्ता है, जिसे ईरान ने बंद कर दिया है।

PM कीर स्टार्मर ने कहा कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर जो कोशिशें कर रहे हैं, उनका अगला चरण गुरुवार को शुरू होगा। इस बैठक में विदेश मंत्री यवेट कूपर और कई अन्य देशों के नेता भी शामिल होंगे।

स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक में 35 देश मिलकर यह तय करेंगे कि कौन-कौन से कूटनीतिक और राजनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि समुद्री रास्ते को फिर से खोला जा सके, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जरूरी सामानों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।

08:13 am 2 अप्रैल 2026

ईरान बोला- दुश्मन को पछताने पर मजबूर कर देंगे

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा है कि ईरान तब तक युद्ध नहीं रोकेगा, जब तक वह अपना हक हासिल नहीं कर लेता।

रेजाई ने कहा, “जब तक हम दुश्मन को पछताने पर मजबूर नहीं कर देते और अपने पक्के अधिकार हासिल नहीं कर लेते, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, यह फैसला सुप्रीम लीडर और ईरान की जनता पर निर्भर करेगा। साथ ही उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह यह न सोचे कि वह जब जाहे इस क्षेत्र से निकल सकता है।

07:24 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- अगले 2-3 हफ्ते ईरान पर बड़े हमले करेंगे

ट्रम्प ने कहा है कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को जल्द हासिल कर लेगा। ट्रम्प के मुताबिक अमेरिका सभी उद्देश्यों को पूरा करने के करीब है और आने वाले हफ्तों में हमले और तेज किए जाएंगे।

07:09 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प का दावा- ईरान ने 45 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की

ट्रम्प ने ईरान पर 45 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप लगाया। ट्रम्प ने दावा किया कि जनवरी में ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 45,000 लोगों को मार दिया गया।

इससे पहले उन्होंने 28 फरवरी को यह आंकड़ा करीब 32,000 बताया था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।

07:04 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे

ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका तेहरान को ‘स्टोन एज (पाषाण काल)’ में भेज देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका धीरे-धीरे पूरी प्लानिंग के साथ ईरान की उस ताकत को खत्म कर रहा है, जिससे वह अमेरिका को खतरा पहुंचा सके या अपने देश के बाहर प्रभाव दिखा सके।

उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल बनाने की क्षमता को नष्ट कर दिया गया है। ट्रम्प ने कहा,

 

ट्रम्प बोले- होर्मुज को खोलने की जिम्मेदारी हमारी नहीं

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के अहम रणनीतिक मकसद लगभग पूरे हो चुके हैं और वह ईरान में ‘मिशन खत्म करने’ के करीब हैं। हालांकि यह काम पूरा होने में 2 से 3 हफ्ते और लग सकते हैं।

ट्रम्प ने एक बार फिर से सहयोगी देशों की आलोचना की, क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ इस लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया। ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की जिम्मेदारी अब उन्हीं देशों को लेनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी तेल जरूरतों के लिए इस रास्ते पर निर्भर नहीं है, इसलिए वह इसे खोलने की जिम्मेदारी नहीं लेगा।

06:56 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए

ट्रम्प ने अपने सहयोगी देशों (खासकर इजराइल और खाड़ी देशों) का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने बहुत अच्छा साथ दिया है, और हम उन्हें किसी भी हालत में नुकसान नहीं होने देंगे या असफल नहीं होने देंगे।”

ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने इन देशों पर कई बार हमले किए हैं, और यही वजह है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।

06:51 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- कसम खाई थी, ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से ही यह कसम खाई थी कि वह ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

ट्रम्प ने कहा, “अगर ऐसे आतंकवादी परमाणु हथियार हासिल कर लेते, तो यह बड़ा खतरा होता। दुनिया की सबसे हिंसक और दबंग सरकार परमाणु सुरक्षा के पीछे छिपकर आतंक, दबाव, कब्जा और सामूहिक हत्या जैसे अभियान चला सकती थी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं कभी ऐसा नहीं होने दूंगा, और हमारे पिछले किसी भी राष्ट्रपति को भी ऐसा नहीं होने देना चाहिए था। यह स्थिति 47 साल से चल रही है और इसे बहुत पहले ही संभाल लिया जाना चाहिए था।”

06:49 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- ईरान को परमाणु हथियार मिलता तो आज इजराइल नहीं होता

ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनकी सख्त नीति ने मिडिल ईस्ट और इजराइल को तबाही से बचाया। इस नीति में ईरान के साथ उनके पहले कार्यकाल में 2015 का परमाणु समझौता खत्म करना भी शामिल है।

ट्रम्प के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुआ यह समझौता अगर यह जारी रहता, तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का जखीरा हो जाता।

ट्रम्प ने दावा किया, “अगर यह समझौता चलता रहता, तो ईरान के पास कई साल पहले ही परमाणु हथियार आ जाते और वह उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। दुनिया पूरी तरह अलग होती। आज मिडिल ईस्ट और इजराइल शायद मौजूद ही नहीं होते।”

06:43 am 2 अप्रैल 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला ऑपरेशन की तारीफ की

ट्रम्प ने जनवरी में वेनेजुएला में हुए ऑपरेशन की भी तारीफ की, जिसमें निकोलस मादुरो को हटाया गया था। उन्होंने कहा, “हम वेनेजुएला के साथ काम कर रहे हैं… वे हमारे सच्चे साझेदार हैं और हमारे संबंध बहुत अच्छे चल रहे हैं।”

06:41 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- ईरान की नौसेना खत्म हुई

ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की नौसेना अब खत्म हो चुकी है और देश की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा, “उनकी मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता अब काफी हद तक घट गई है। उनके हथियार बनाने वाले कारखाने और रॉकेट लॉन्चर तबाह किए जा रहे हैं और अब बहुत कम बचे हैं।”

 

ट्रम्प बोले- दबदबा बनाने वाली जीत मिली

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर जबरदस्त हमले किए हैं। उन्होंने कहा, “अभी एक महीना ही हुआ है, जब अमेरिका की सेना ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था, जिसका निशाना दुनिया का नंबर-1 आतंकी समर्थन करने वाला देश ईरान है। इन चार हफ्तों में ईरान ने युद्ध के मैदान में पूरी तरह से दबदबा बनाने वाली जीत हासिल की है।”

06:36 am 2 अप्रैल 2026

नासा टीम को बधाई देकर भाषण की शुरुआत

ट्रम्प ने अपने संबोधन की शुरुआत नासा की टीम को आर्टेमिस-II के सफल लॉन्च के लिए बधाई देकर की। उन्होंने चांद की यात्रा पर जा रहे क्रू की भी तारीफ की।

06:34 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प ने राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से राष्ट्र को संबोधित करना शुरू कर दिया है। वह ईरान युद्ध को लेकर अहम अपडेट दे रहे हैं।

ट्रम्प व्हाइट हाउस के पहले फ्लोर पर स्थित क्रॉस हॉल से यह संबोधन दे रहे हैं। इस संबोधन में उनके ईरान के साथ जारी युद्ध और आगे की रणनीति पर बात करने की उम्मीद है।

ट्रम्प पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यह युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है, ऐसे में उनके बयान पर पूरी दुनिया की नजर है।

06:23 am 2 अप्रैल 2026

ट्रम्प बोले- ईरान से किसी डील की जरूरत नहीं

ट्रम्प ने कल यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है।

उन्होंने कहा था- ईरान को कोई डील करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते, तब हम वहां से निकल जाएंगे। डील हो या न हो, अब यह जरूरी नहीं है।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम बचा है, उससे उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वह जमीन के अंदर है और आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है।

फ्रांस बोला- NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना

NATO के कई देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रम्प नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई उसके साथ नहीं आया।

वहीं फ्रांस की मंत्री एलिस रूफो ने साफ किया है कि NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना है और होर्मुज में सैन्य कार्रवाई करना उसके दायरे में नहीं आता।

ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है।

इसमें दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और संभावना है कि भारत भी इसमें भाग ले सकता है, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतें इस क्षेत्र पर काफी निर्भर हैं।

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