
सुप्रीम कोर्ट ने डीजीसीए के क्रेडिट शेल माध्यम से यात्रियों के टिकट रिफंड के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर लॉकडाउन के दौरान यात्रा का टिकट था तो यात्रियों को एयरलाइन कंपनियां तुरंत रिफंड करें। इसके अलावा अगर यात्रियों ने लॉकडाउन के बाद की यात्रा के लिए टिकट कैंसिल कराया है तो उसका भी पैसा तीन हफ्ते के भीतर वापस करना होगा।
केंद्र सरकार यह प्रस्ताव लेकर आई है कि लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए एयरलाइनों द्वारा 15 दिनों के भीतर पूरी राशि वापस दी जानी चाहिए, और यदि कोई एयरलाइन वित्तीय संकट में है और ऐसा करने में असमर्थ है तो उसे 31 मार्च, 2021 तक यात्रियों की पसंद की यात्रा क्रेडिट शेल प्रदान किया जाना चाहिए। घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी एयरलाइनों में लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए पूर्ण राशि वापस करने का प्रस्ताव दिया गया है। 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान टिकट बुकिंग के लिए एयर किराए की वापसी से संबंधित आदेश सुरक्षित रख लिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को DGCA के सिफारिशों को मंजूरी दे दी, जिसमें लॉकडाउन के कारण रद्द किए गए टिकट के पैसों को यात्रियों को रिफंड करना है। जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि ट्रेवल एजेंटों द्वारा टिकट खरीदा गया है तो रिफंड की प्रक्रिया भी वैसी ही होगी। कोर्ट ने कहा कि जहां भी एजेंटों के जरिए वाउचर जारी हुए हैं, वह भी केवल एजेंटों के जरिए ही इस्तेमाल किए जाएंगे।
DGCA ने स्पष्ट किया है कि, यदि टूर ऑपरेटर ने ग्राहक के लिए टिकट खरीदने के लिए एयरलाइन को पहले ही पैसे का भुगतान कर दिया है, लेकिन ग्राहक ने अभी तक एजेंटों को भुगतान नहीं किया है तो टिकट को रद्द करने और इसे क्रेडिट शेल में परिवर्तित करने पर, यात्री के नाम पर टिकट रहेगा और यदि यात्री क्रेडिट शेल का इस्तेमाल करता है तो वह एजेंट को भुगतान करेगा और एयरलाइन को नहीं। हालांकि, अगर यात्री 31 मार्च 2021 तक क्रेडिट शेल का उपयोग नहीं करता है, तो एयरलाइन को पैसे वापस करनी होगी।
प्रस्तावित प्रस्ताव के अनुसार राशि और पैसा एजेंट के उसी अकाउंट में वापस जाएगा, जहां से एयरलाइन को टिकट राशि का भुगतान किया गया था। यह योजना उन सभी यात्रियों पर लागू होगी, जिन्होंने घरेलू वाहकों से व्यक्तिगत रूप से या ट्रैवल एजेंट के माध्यम से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर यात्रा के लिए टिकट खरीदा किया है (बशर्ते उड़ान भारत से शुरू हो)। अगर एयरलाइंस विदेशी हैं, क्रेडिट शेल योजना लागू नहीं होगी और यात्री 15 दिनों के भीतर किराया वापस पाने के हकदार होंगे।
याचिकाकर्ता प्रवासी लीगल सेल का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट जोस अब्राहम ने कहा कि याचिकाकर्ता सभी टिकटों (घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी कैरियर्स) के लिए पूर्ण वापसी का निर्देश देने वाली केंद्र सरकार की पहल का खुशी से स्वागत करता है। सरकार का दृष्टिकोण बहुत संतुलित है, क्योंकि क्रेडिट शेल का समय भी 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाया गया है। यात्री टिकट बुकिंग के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और क्रेडिट शेल न लेने पर मामूली ब्याज के साथ पूरा रिफंड मिलेगा और यह वास्तव में एक स्वागत योग्य कदम है।