इंदौर पुलिस की पकड़ में एक ऐसा चोर आया है। जिस पर सौ से ज्यादा केस दर्ज हैं। वह एसआईआर के लिए अपने माता-पिता की जानकारी लेने अकोला से इंदौर आया था। लेकिन यहां पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

पुलिस की गिरफ्त में अब्दुल रशीद उर्फ तलवारसिंह।
जोन-3 के डीसीपी राजेश व्यास ने अब्दुल रशीद की गिरफ्तारी पर कहा कि पलासिया थाना पुलिस ने आरोपी से 7 लाख 50 हजार रुपए का चोरी का माल बरामद किया है। इसमें सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपए की कीमत की चोरी की बाइक शामिल है।
अब्दुल पर इंदौर और महाराष्ट्र में चोरी, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे 100 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। 2006 में चोरी में पकड़े जाने के बाद वह अकोला भाग गया था। वहीं रहने लगा और वारदातें करने लगा।
10 दिन पहले वह एसआईआर का फॉर्म भरने इंदौर आया तो यहां एक बाइक चुराई। फिर गीतानगर में हॉस्टल संचालिका के फ्लैट में घुस गया। वहां से 10 लाख रुपए के गहने चुराए और चोरी की बाइक से ही अकोला भाग गया।
800 सीसीटीवी खंगाले और लगातार निगरानी की तो पकड़ाया
पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर शिकंजा कसने के लिए विशेष प्लानिंग बनाई थी। 800 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए, मुखबिरों को सक्रिय किया गया और कई दिनों की निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा गया।
पुलिस की पकड़ में आने के बाद बदमाश ने कबूला कि वह फॉर्म भरने इंदौर आया था। तभी उसने चोरी की योजना भी बना ली। पहले उसने तिलक नगर से एक बाइक चुराई। इसके बाद पलासिया इलाके की मल्टियों के आसपास घूमता रहा।
यहां से गीतानगर के गायत्री अपार्टमेंट पहुंचा। यहां सूना फ्लैट दिखा तो ताला तोड़कर घुस गया। यहां लाखों के जेवर और नकदी मिली। फिर बहन के घर पहुंचा और एक दिन रुका। अगले दिन उसी बाइक से अकोला भाग गया।
गर्दन काटकर थाने लाया तो नाम पड़ा तलवार सिंह
अब्दुल नॉर्थ तोड़ा में पैदा हुआ। 19 साल की उम्र में छोटी-मोटी चोरियां करने लगा। अकोला भागा तो वहां शादी कर ली और चोरियां भी करने लगा। फेमस होने के लिए वर्धा क्षेत्र में एक व्यक्ति की तलवार से गर्दन काट दी। गर्दन लेकर थाने में पेश हुआ था, तब से उसका नाम तलवार सिंह पड़ गया। टीआई रघुवंशी के अनुसार, बदमाश के खिलाफ अभी तक 61 वारदातों का रिकॉर्ड मिला है।