ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 1992 वर्ल्‍ड कप की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया

विराट कोहली की अगुआई में तीन वनडे, तीन टी20 और चार टेस्‍ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया पुराने रंग में नजर आएगी. 27 नवंबर को टीम वनडे सीरीज के साथ अपने दौरे का आगाज करेगी और उससे पहले टीम को नया किट मिल गयी है. हाल ही में टीम इंडिया को नया किट स्पॉन्सर मिला है। टीम इंडिया की किट स्पॉन्सर अब ऑनलाइन गेम कंपनी MPL है, जिसका जर्सी पर लोगो भी है। भारतीय टीम की जर्सी का रंग नेवी ब्लू है।भारतीय टीम इसी रंग की जर्सी 80 के दशक में पहनती थी।

1985
दरअसल, जब क्रिकेट की शुरुआत हुई थी, तब सभी टीमें सफेद रंग की जर्सी पहनकर ही मैदान में उतरती थीं। मगर साल 1985 में ऑस्ट्रेलिया की टीम इस चलन को बदला और पहली बार रंगीन जर्सी पहनकर मैदान पर खेलने उतरी। इसके बाद सभी टीमों ने अपनी-अपनी जर्सी का रंग बदलना शुरू किया। वर्ष 1985 में पहली बार टीम इंडिया रंगीन जर्सी पहनकर क्रिकेट के मैदान में उतरी थी। उस समय उसका रंग नीला और पीला था। हालांकि, उस समय जर्सी पर न तो देश और न ही किसी खिलाड़ी का नाम लिखा हुआ था।

1991-92
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पर खिलाड़ियों के नाम और देश का नाम लिखा था।

1992 वर्ल्ड कप
साल 1992 में पहली बार विश्व कप कलरफुल ड्रेस में खेला गया। इसके बाद 1992 के वर्ल्ड कप में भारतीय प्लेयर्स की जर्सी इंडिगो कलर की थी, जिस पर शोल्डर्स पर कलरफुल स्ट्राइप्स बनी हुई है। इसके अलावा ड्रेस के आगे टीम का नाम और पीछे प्लेयर का नाम लिखा होता था।

1994
न्यूजीलैंड के दौरे पर टीम इंडिया पीली और नीली जर्सी में दिखाई दी थी। इसी साल श्रीलंका में खेली गई सिंगर वर्ल्ड सीरीज में हल्के नीले रंग का आगमन फिर से हुआ। इस सीरीज में भारतीय टीम पीले और हल्के नीले रंग की ड्रेस में दिखाई दी थी।

1995
इस साल न्यूजीलैंड में खेली गई सेंचुरी सीरीज में पहली बार टीम की जर्सी पर भारतीय तिरंगे की झलक दिखाई दी थी।

1996 वर्ल्ड कप
1996 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जर्सी पीले और आसमानी रंग के कॉम्बिनेशन में नजर आई। इस जर्सी में पीले रंग के कॉलर थे और सफेद और पीले रंग की सीधी पट्टियां थीं। इसके अलावा ड्रेस पर सतरंगी रंग के तीर जैसा बैंड प्रिंट थे, जो छाती से होते हुए नीचे बांह तक आते थे।

1997
श्रीलंका के दौरे पर पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में गहरे रंगों की छाप दिखी। इसी जर्सी में रॉबिन सिंह ने अपने करियर की एकमात्र शतक जड़ा था।

1998
इस साल फिर टीम इंडिया की जर्सी में थोड़ा बदलाव हुआ। भारतीय टीम हल्के नीले रंग की टी-शर्ट और डार्क ब्लू कलर के लोअर्स में दिखाई दी थी। टी-शर्ट की दोनों बाहों पर तिरंगे की छाप थी।

1999 वर्ल्ड कप
इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी पर बीसीसीआई के लोगो की दिखी।

2000
साल 2000-2001 तक ये जर्सी भारतीय टीम की जर्सी बनी रही। इसी साल आसमानी/स्काई ब्लू कलर को आधिकारिक तौर पर भारतीय टीम की जर्सी का कलर चुन लिया गया था।

2002 चैंपियंस ट्रॉफी
इस टूर्नामेंट में पहली बार सभी टीमें बिना किसी स्पॉन्सर के लोगो की जर्सी पहनकर खेलने उतरीं थीं। टीम इंडिया की जर्सी भी तब सबसे सिंपल लुक में दिखाई दी थी।

2003 वर्ल्ड कप
साल 2003 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी बिल्कुल बदल गई या ऐसा कहिए स्टाइलिश और अच्छी हो गई थी। जर्सी के दोनों साइड काले रंग की मोटी पट्टियां बनाई गई थीं। तिरंगे के ब्रश प्रिंट ने ड्रेस में जान डाल दी थी और बिल्कुल बीच में लिखे इंडिया से यह जर्सी बेहद खास लग रही थी। इसके अलावा ट्रैक पैंट्स के दोनों तरफ छोटा सा भारतीय तिरंगा लगाया गया था।

2004
इस साल टीम इंडिया की जर्सी पर तिरंगे को पेंट ब्रश स्ट्रोक के साथ अब टीम के स्पॉन्सर ‘सहारा’ का भी नाम लिखा जाने लगा था।

2007 वर्ल्ड कप
साल 2007 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी को पहले से भी ज्यादा स्टाइलिश बनाने की कोशिश की गई। अब भारतीय तिरंगा बीच से हटकर थोड़ा ऊपर चला गया। इसके साथ ही ड्रेस में से काली पट्टियां हटा दी गईं। INDIA को भी नए फॉन्ट में लिखा गया।

2009
इस साल न्यूजीलैंड के दौर पर जाने से पहले टीम की जर्सी को बदला गया और तब इसमें हल्के नीले रंग की जगह गहरे नीले रंग को चुना गया।

2011 वर्ल्ड कप
2011 वर्ल्ड कप की जर्सी टीम इंडिया के लिए लकी साबित हुई। 28 साल बाद भारत ने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया था। इस बार जर्सी का कलर डार्क और लाइट ब्लू के बीच का था और तिरंगा स्ट्राइप्स दोनों साइड थीं। इसके अलावा इंडिया को ऑरेंज कलर से लिखा गया था।

2013
इस बार टीम के स्पॉन्सर Nike ने टीम इंडिया के लिए जर्सी बनाई थी।

2014
वर्ल्ड कप से पहले टीम का स्पॉन्सर स्टार इंडिया बन गया। टीम की जर्सी पर उसका लोगो दिखाई देने लगा।

2015 वर्ल्ड कप
2015 के वर्ल्ड कप में फिर से जर्सी में बदलाव किए गए। अब जर्सी पर कही भी तिरंगा नहीं था। प्लेन ब्लू टीशर्ट पर फ्रंट में स्पॉन्सर और टीम का नाम लिखा था। इसके अलावा ट्रैक पैंट्स की पॉकेट में ओरेंज कलर की लाइनिंग थी। इस जर्सी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह रिसाइकल्ड प्लास्टिक की बोतलों से बनी थी।

2017
इस साल भारतीय टीम को ओपो के रूप में नया स्पॉन्सर मिला। इस जर्सी के बीच में और बाजूओं पर स्पॉन्सर का नाम लिखा था।

2019 वर्ल्ड कप
इस साल वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च की गई। टीम इंडिया मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ परंपरागत नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरी थी। इसी साल सितंबर में टीम इंडिया की जर्सी पर ओपो की जगह बायजूस दिखने लगा।

साल 2020
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया नई जर्सी में उतरेगी। हाल ही में टीम इंडिया को नया किट स्पॉन्सर मिला है। टीम इंडिया की किट स्पॉन्सर अब ऑनलाइन गेम कंपनी MPL है, जिसका जर्सी पर लोगो भी है। इससे पहले टीम इंडिया की किट स्पॉन्सर नाइकी थी। MPL हर मैच के लिए बीसीसीआई को 65 लाख रुपये देगी। भारतीय टीम की जर्सी का रंग नेवी ब्लू है। भारतीय टीम इसी रंग की जर्सी 80 के दशक में पहनती थी। 1992 वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया ने इसी तरत की जर्सी में दिखाई दी थी।

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