इंदौर: शहर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं। तीन दिन पहले ही श्रीनगर एक्सटेंशन में सुबह कॉलेज जा रही एक छात्रा पर एक साथ चार कुत्तों ने हमला कर दिया। इस बीच उसकी सहेली ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कुत्तों ने छात्रा को गिराकर उसके पैर को नोंच डाला और काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
छात्रा ने पहले तो हिम्मत दिखाते हुए संघर्ष किया और उन्हें भगा दिया, लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद कुत्तों का झुंड दोबारा आ गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना शनिवार (12 जुलाई) सुबह 6:30 बजे की है।
छात्रा को चक्कर आए तो वहीं बैठ गई छात्रा कॉलोनी से कॉलेज जा रही थी, तभी दूर से एक साथ चार कुत्ते उसकी ओर लपके। वह संभलती, उससे पहले ही वे उस पर टूट पड़े और उसे गिरा दिया। इस दौरान छात्रा ने संघर्ष किया, लेकिन कुत्तों ने उसके पैरों में काट लिया। आपाधापी के बीच कुत्ते बार-बार भागते और फिर उस पर लपकते रहे।
इस दौरान आगे स्कूटी से जा रही उसकी सहेली रुकी, गाड़ी खड़ी की और छात्रा के पास पहुंचकर कुत्तों को भगाया। घायल छात्रा काफी घबरा गई थी और चक्कर आने पर वहीं बैठ गई।
रहवासी दंपती विशाल और शैफाली अग्रवाल उसे अपने घर ले गए और उसके पैरों के जख्मों को साफ किया। उन्होंने बताया कि छात्रा सुबह एग्जाम देने जा रही थी, तभी कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। काटने से छात्रा का एक पैर में गहरा जख्म हो गया है। इसके बाद वह अपनी सहेली के साथ इलाज के लिए रवाना हो गई।
कॉलेज छात्रा पर कुत्तों के हमले की तीन तस्वीरें देखिए

पहली बार हमला करने के बाद कुत्तों का झुंड दोबारा लौट आया।

छात्रा की सहेली ने गाड़ी रोकी, वहां पड़े पत्थर उठाकर कुत्तों को भगाया।

जूठन फेंकने से बढ़ी आवारा कुत्तों की संख्या दंपती सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस पॉश कॉलोनी में आवारा कुत्तों का काफी आतंक है। उनका आरोप है कि इसका कारण पास की सोनिया गांधी नगर के रहवासियों द्वारा रोज यहां नॉनवेज, जूठन फेंकना है। नगर निगम की गाड़ी रोज कचरा उठाने आती है, लेकिन रात को फिर वहां के रहवासी यहां खुले में जूठन फेंक देते हैं। इससे नगर निगम की सफाई टीम भी परेशान है।
रहवासी आनंद बागोरा व अन्य ने बताया कि कई बार निगम के 311 एप पर शिकायत की तो कचरा उठा लिया जाता है, लेकिन खाद्य पदार्थ के फेंकने से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है और वे हमला करने लगे हैं।
6 माह में 24 हजार लोगों पर कुत्तों ने किया हमला सरकारी हुकुमचंद अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 13 जुलाई तक करीब 24 हजार लोगों को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। राहत की बात यह है कि एंटी रैबीज वैक्सीन के इलाज के बाद लगभग सभी पीड़ित अब स्वस्थ हैं, लेकिन कुत्तों के काटने का सिलसिला नहीं रुक रहा है।