हरदा में हुआ पुस्तक “सबका कमल” का विमोचन …कौशल किशोर चतुर्वेदी

हरदा में हुआ पुस्तक “सबका कमल” का विमोचन …

मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल पर केंद्रित पुस्तक “सबका कमल” का विमोचन हरदा में 6 अक्टूबर 2023 को हुआ। यह मेरे द्वारा लिखित तीसरी पुस्तक है। पहली पुस्तक काव्य संग्रह “जीवन राग” का विमोचन 2018 में हुआ था। दूसरी पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” पुस्तक का विमोचन 14 सितंबर 2022 को हुआ था। और तीसरी पुस्तक “सबका कमल” का विमोचन 6 अक्टूबर 2023 को हरदा में हुआ। इसी वर्ष जल्दी ही मेरी चौथी पुस्तक राजनैतिक व्यंग्य संग्रह का प्रकाशन होने जा रहा है। “सबका कमल” पुस्तक मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल की राजनीतिक यात्रा और उनके जीवन के विविध पहलुओं पर एक नजर डालती है। इसमें एक युवा नेतृत्व के बतौर 1993 में पहले चुनाव में ही कांग्रेस के दिग्गज नेता को हराना, फिर लगातार चार चुनाव जीतना और एक पराजय के बाद 2018 में फिर जीतकर पहले पांच मंत्रियों में शपथ लेना शामिल है। तो पहली बार विधायक बनकर ही कांग्रेस सरकार में हरदा को जिला बनवाने में सफलता हासिल करना कमल पटेल के बिना संभव नहीं था। इसमें उनके जीवन के प्रतिकूल समय का भी जिक्र है। पुस्तक को दस भागों में कमल एक परिचय, नर्मदा पुत्र कमल, रातातलाई, आतंक से मुक्त हुआ हरदा, राजस्व मंत्री के रूप में रचा इतिहास, किसानपुत्र कमल, कोरोनाकाल में सबकी चिंता, हरदा का समग्र विकास, समर्पण भाव और अलग-अलग रंग शामिल हैं।

पुस्तक “सबका कमल” भाजपा के उस पीढ़ी के नेता का चेहरा सामने लाती है, जिसने विपरीत स्थितियों में जनसेवा के दम पर अपना राजनैतिक मुकाम हासिल किया। होशंगाबाद जिले की हरदा तहसील के रातातलाई गांव में जन्मे कमल पटेल का जीवन संघर्षों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। होश संभालने के बाद ही कमल पटेल ने जनसेवा को जीवन का जरिया बनाया, तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हरदा अब देश का सौ फीसदी सिंचित जिला बनने की तरफ अग्रसर है। हरदा का किसान समृद्ध है। तीन फसलें ले रहा है। खेती लाभ का धंधा बनकर हरदा के किसानों की खुशहाली का माध्यम बन गई है। मां नर्मदा का आशीर्वाद कमल पटेल के साथ हरदा जिले की जनता को मिल रहा है। कमल पटेल पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और सेवा, समर्पण, त्याग और अथक संघर्ष और मां नर्मदा में आस्था के साथ विधायक बन गए। उनकी सहजता, सरलता और विनम्रता के सब कायल हैं। पांच बार विधायक रहने और तीन बार मंत्री रहकर उन्होंने जो कार्य किए हैं, वह इतिहास में दर्ज हो गए हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री, राजस्व मंत्री और कृषि मंत्री के रूप में उनकी उपलब्धियां अनेक रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पृष्ठभूमि से आए कमल पटेल का आचरण भारतीय संस्कारों का पर्याय है। उनके विचार राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हैं। और राष्ट्रसेवा में उनकी राजनैतिक यात्रा निर्बाध रूप से चल रही है। सेवा के इस दौर में जब-जब उनके मार्ग में बाधाएं आईं, तब-तब वह और मजबूत होकर राष्ट्रसेवा की राह में आगे बढ़ गए। पुस्तक में कमल पटेल के जीवन के विविध पहलुओं और हरदा के विकास में उनकी भूमिका में झांकने का प्रयास किया गया है।

पुस्तक लेखन के इस क्रम में मुझे आलोचना और सराहना से परहेज नहीं है। पर मेरी अपेक्षा यही है कि लेखन का सिलसिला लगातार जारी रहे। मां सरस्वती एक दिन मुझे सभी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आशीर्वाद दें। ताकि आलोचना में तपकर सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने में सफलता पा सकूं।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

 

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