सबका मन जीत रहा सदन पूरा चलाने का सामूहिक विजन… कौशल किशोर चतुर्वेदी

सबका मन जीत रहा सदन पूरा चलाने का सामूहिक विजन…

लंबे समय से मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ते रहे हैं। ऐसे में जब सत्र लगभग सभी बैठकें होने का साक्षी बनता है तब पूरा मध्य प्रदेश खुशी का अनुभव करता है। सदन को अधिकतम समय तक चलाने के प्रयासों में सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के संग पूरा मध्य प्रदेश खड़ा है। मुद्दा चाहे फर्जी अधिकारी का हो या फिर ग्वालियर के किले में होटल बनाने का विरोध हो, मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंडस्ट्रियल बेल्ट तय करने की बात हो या कुबरेश्वर धाम में दो लोगों की मौत का मामला हो… मध्य प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की उम्मीद यही है कि उनके पैसे से चल रहे सदन में ज्यादा से ज्यादा जन-सरोकारों पर चर्चा हो सके। जनता के पैसे की बर्बादी पर जनप्रतिनिधि विधानसभा सत्र को पिकनिक मनाने का केंद्र बनाकर जिम्मेदारियां से दूर ना भागें। विपक्ष भी हंगामा कर जनता की प्रति अपनी जवाबदारी पर कहर‌ न बरपाए। और फील गुड की बात यह है कि 16वीं विधानसभा में सत्र जन-जन की उम्मीदों पर खरा उतरने की दिशा में लगातार कदम आगे बढ़ा रहे हैं। यह सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है जिसमें विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका प्रमुख है। तो विधानसभा अध्यक्ष के चलते ही पक्ष और विपक्ष में कम से कम सदन चलाने को लेकर बनी सहमति सराहनीय है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन सिटी में हमारी प्रायोरिटी इंडस्ट्रियल बेल्ट तय करने की है। सरकार ने तय किया है कि रोजगारपरक उद्योग लगाएंगे। महिला कर्मचारियों को 6000 और पुरुष कर्मचारी को 5000 रुपए इंसेंटिव दिया जाएगा। जहां इंडस्ट्री लगती हैं, वहीं हॉस्टल बन जाएंगे तो महिलाएं रात में भी काम कर सकेंगी। इसके लिए सरकार श्रम विभाग के माध्यम से कानून में बदलाव कर रही है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज के कैंपस में आईटी पार्क बनाने पर काम करेंगे। इसरो की तर्ज पर मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक रिसर्च सेंटर बने, इसके लिए भी काम शुरू कराया है। उज्जैन में साइंस सिटी भी बनाई जा रही है। मेट्रोपॉलिटन एक्ट पर चर्चा के बाद यह पारित कर दिया गया।
तो संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि ग्वालियर के किले में होटल नहीं खुलेगा। पर्यटन विभाग द्वारा एक एमओयू किया गया है, जिसके माध्यम से ग्वालियर के अलग-अलग महलों का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।
विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में कहा कि जबलपुर में विक्टोरिया हॉस्पिटल के अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता फर्जी है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि जांच रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता फर्जी नहीं बताई गई है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर दिया।
कुबरेश्वर धाम में दो लोगों की मौत के मामले पर सीहोर विधायक सुदेश राय ने कहा कि भीड़ प्रबंधन में कोई कमी नहीं थी। बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से हादसा हो जाता है। मैं जाकर देखता हूं कि क्या हुआ है।
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि क्या सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर विचार कर रही है? इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि इस किले में सिखों का पवित्र स्थल गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ है। पुराने शासकों की छतरियां हैं। इस ऐतिहासिक किले में कोई होटल न खोला जाए।
मानसून सत्र का मंगलवार को सांतवा दिन था। सदन में तीन अहम विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए गए। मंत्री चेतन कुमार कश्यप ने ‘मध्य प्रदेश जन विश्वास संशोधन विधेयक’ पेश किया, वहीं मंत्री गौतम टेटवाल ने दो विधेयक- ‘मध्य प्रदेश माध्यस्थम संशोधन विधेयक’ और ‘कमजोर वर्गों के लिए विधिक सहायता एवं विधिक सलाह विधेयक’ सदन में रखे। चर्चा के बाद तीनों विधेयकों को बिना किसी विरोध के पारित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में विकास और निवेश को लेकर सरकार का विजन साफ किया। उन्होंने कहा कि एमपी में लैंड बैंक, बिजली, पानी और सड़क जैसी हर जरूरी सुविधा मौजूद है, और अब राज्य तेजी से औद्योगिक हब बनता जा रहा है। उन्होंने इंदौर की रफ्तार को ‘जेट गति’ से चलती बताकर तारीफ की और कहा कि शहरीकरण की दिशा में चारों ओर विकास हो रहा है। भोपाल को जीआईएस के लिए चुने जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पीएम मोदी भी इसके लिए रातभर शहर में रुके थे। सीएम ने कहा कि दुनिया अब एमपी का माल खरीद रही है, चाहे वो कोदू-कुटकी जैसे मोटे अनाज हों या पर्यटन के जरिए रोजगार के मौके। उन्होंने बताया कि अब इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में ही आईटी पार्क बनेंगे ताकि पढ़ाई के साथ युवाओं को वहीं काम भी मिल सके।
तो मुद्दा यह नहीं है कि किन जल मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सदन में जो भी मुद्दा आएगा उसे जन-जन का हित अवश्य जुड़ा होगा। ऐसे में सदन को अधिकतम समय तक चलाने का सरकार, विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष का मिला-जुला विजन अब प्रदेश के जन-जन का मन जीत रहा है… क्योंकि बिना सामूहिक उत्तरदायित्व के यह संभव भी नहीं है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *