उज्जैन और श्री महाकालेश्वर की महिमा -पं.अजय व्यास

 

 

उज्जैन स्वर्ग है क्यो है? जानते हैं

एक मात्र स्थान जहाँ शक्तिपीठ भी है, ज्योतिर्लिंग भी है, कुम्भ महापर्व का भी आयोजन किया जाता है ।
*यहाँ साढ़े तीन काल विराजमान है
“महाँकाल,कालभैरव, गढ़कालिका और अर्धकाल भैरव।”
*यहाँ तीन गणेश विराजमान है।
“चिंतामन,मंछामन, इच्छामन”
*यहाँ 84 महादेव है,यही सात सागर है।।
“ये भगवान कृष्ण की शिक्षा स्थली है।।”
ये मंगल ग्रह की उत्पत्ति का स्थान है।।
“यही वो स्थान है जिसने महाकवी कालिदास दिए।”
उज्जैन विश्व का एक मात्र स्थान है जहाँ अष्ट चरिंजवियो का मंदिर है,यह वह ८ देवता है जिन्हें अमरता का वरदान है (बाबा गुमानदेव हनुमान अष्ट चरिंजीवि मंदिर)
“राजा विक्रमादित्य ने इस धरा का मान बढ़ाया।।”
विश्व की एक मात्र उत्तर प्रवाह मान क्षिप्रा नदी!!
“इसके शमशान को भी तीर्थ का स्थान प्राप्त है चक्र तीर्थ।

और तो और पूरी दुनिया का केंद्र बिंदु (Central Point) है महाकाल जी का मंदिर
_महाभारत की एक कथानुसार उज्जैन स्वर्ग है।।

हर हर महादेव
जय श्री महाकाल
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