
कोटा के विज्ञान नगर इलाके से कोचिंग छात्रा के किडनैप के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। छात्रा ने दोस्तों के साथ मिलकर ही साजिश रची थी। बदमाशों ने लड़की के पिता के वॉट्सऐप नंबर पर किडनैप की जानकारी दी थी। लड़की की फोटो भी भेजी थी। फोटो में लड़की के हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे। छात्रा को छोड़ने के एवज में 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। लड़की मध्य प्रदेश के शिवपुरी की रहने वाली है।
कोटा में नीट की तैयारी कर रही काव्या धाकड़ (20) के अपहरण का मामला सोमवार को सामने आया था। वह मूल रूप से शिवपुरी (MP) के बैराड़ की रहने वाली है। किडनैपर ने छात्रा के पिता रघुवीर धाकड़ को मैसेज कर फोटो भेजा था। फोटो में छात्रा को रस्सी से बांधा हुआ था।
मैसेज के जरिए 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। फिरौती की रकम नहीं देने पर छात्रा को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद छात्रा के पिता कोटा आए और थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। छात्रा की मां भी कोटा आई। पुलिस ने दोनों के बयान लेकर जांच शुरू की, इसके बाद हर सवाल पर एक सवाल खड़ा हो गया।
छात्र और उसके एक दोस्त की तलाश
एसपी अमृता दुहान ने बताया कि मामले में हर फैक्ट को चेक करने के बाद क्लियर हो गया है कि छात्रा के साथ कोई वारदात नहीं हुई है। छात्रा अपने दो दोस्तों के साथ थी। एक लड़के को इस मामले में राउंडअप कर लिया गया है। लड़का इंदौर का ही रहने वाला है। हालांकि मामले में पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लड़के का नाम जाहिर नहीं किया है। एसपी ने बताया कि छात्रा तब से ही इंदौर में थी। जो फोटो उसके पिता को भेजे गए थे, छात्रा के वो फोटो उसके दोस्त के ही मकान की रसोई में लिए गए थे और भेजे गए थे।
मंगलवार रात तक इंदौर थी छात्रा
एसपी ने बताया कि छात्रा के पकड़े गए साथी से पूछताछ में सामने आया कि छात्रा मंगलवार रात तक इंदौर में ही थी। 17 मार्च को छात्रा जयपुर में थी, 18 को फिर इंदौर गई। वहां से फोटो लेकर छात्रा के पिता को भेजे। मंगलवार रात तक छात्रा इंदौर में थी।
विदेश में जाना चाहते थे तीनों
राउंडअप किए गए युवक के अनुसार छात्रा और उसके दोनों दोस्त विदेश जाना चाहते थे। वह यहां नहीं पढ़ना चाहते थे। इसके चलते यह पूरा प्रकरण हुआ। हालांकि इस मामले में अभी और ज्यादा जानकारी देने से एसपी ने मना कर दिया है। उनका कहना है कि छात्रा के दस्तयाब होने के बाद ही और फैक्ट क्लियर हो सकेंगे।
कोटा में किसी कोचिंग में नहीं लिया था एडमिशन
एसपी ने बताया कि छात्रा तीन दिन किस हॉस्टल में रही थी अभी उसकी भी पुष्टि करवा रहे हैं। जो हॉस्टल पहले घर वाले बता रहे थे वह उस हॉस्टल में नहीं थी। कोटा से छात्रा इंदौर जाकर अपने दोस्तों से मिली और वहीं रहने लगी। एसपी अमृता ने बताया कि छात्रा ने किसी कोचिंग में भी एडमिशन नहीं लिया था।

18 मार्च को कोटा में हुई थी रिपोर्ट दर्ज
शिवपुरी (MP) के बैराड़ निवासी रघुवीर धाकड़ ने 18 मार्च की रात को कोटा के विज्ञाननगर थाने में रिपोर्ट दी थी। रघुवीर बैराड़ (शिवपुरी, MP) स्थित लार्ड लखेश्वर स्कूल के संचालक हैं। रिपोर्ट में रघुवीर ने पुलिस को बताया- मेरी बेटी काव्या धाकड़ (20) का अपहरण कर लिया गया था। 18 मार्च को दोपहर 3 बजे मेरे मोबाइल (वॉट्सऐप) पर बेटी की किडनैपिंग का मैसेज आया था। बेटी के हाथ-पैर और मुंह बंधा फोटो भी बदमाशों ने भेजी थी। कुछ फोटो में बेटी के चेहरे पर खून भी नजर आ रहा था।
मांगी थी 30 लाख की फिरौती
फोटो भेजने वाले ने मैसेज में लिखा था- रघुवीर की बेटी को किडनैप कर लिया गया है। उसे जिंदा छोड़ने के एवज में 30 लख रुपए की फिरौती मांगी गई है। मैसेज भेजने वाले ने बैंक खाते की डिटेल भी भेजी है। सोमवार शाम तक रुपए जमा करने को कहा था। मैंने इतने रुपए नहीं होने और बंदोबस्त करने के लिए समय मांगा। इसके बाद मैसेज भेजने वाले ने बेटी को जान से मारने की धमकी दी। मैंने फौरन कोटा पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस को फोटो और मैसेज भेजकर मैं खुद शिवपुरी से कोटा के लिए रवाना हो गया था।
पिछले साल सितंबर में आई थी कोटा
रघुवीर ने रिपोर्ट में बताया था कि बेटी को सितंबर 2023 में नीट की तैयारी के लिए कोटा छोड़कर गए थे। विज्ञान नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में उसका एडमिशन करवाया था। इसी इलाके में उसे रूम भी दिलवाया था। आखिरी बार बेटी दीपावली पर घर आई थी। उससे रोज फोन पर बात होती थी।
कोचिंग संस्थान ने अपना स्टूडेंट मानने से किया था इनकार
पीडब्ल्यू कोचिंग के कोटा हेड दिनेश जैन ने कहा था- लड़की के नाम (काव्या धाकड़) से कोचिंग में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। उधर, लड़की के पिता रघुवीर ने कहा था कि काव्या का एडमिशन उन्होंने कोचिंग में कराया था। अब कोचिंग संस्थान इससे इनकार कर रहा है। काव्या टेस्ट देने गई थी। टेस्ट के लिए कोचिंग से मैसेज आया था। इसको लेकर कोचिंग प्रबंधन ने कहा कि कोचिंग से मैसेज नहीं भेजा गया है।
कोचिंग संस्थान प्राइवेट नंबरों से मैसेज नहीं भेजता है। ऐसे में पूरी घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, हॉस्टल संचालक पारस कुमार ने भी काव्या के अपने यहां रुकने की बात से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि काव्या नाम की लड़की कभी हॉस्टल आई ही नहीं है।
इंदौर में मिल रही थी धमकी, कोटा किया था शिफ्ट
छात्रा के पिता रघुवीर धाकड़ ने बताया- दो साल पहले बेटी इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। यहां जरियाखेड़ा (MP) गांव के रहने वाला रिंकू धाकड़ ने बेटी को परेशान किया था। इसकी शिकायत इंदौर पुलिस में दर्ज कराई थी। इसके बाद बेटी के नंबर पर अनुराग सोनी और हर्षित नाम के लड़कों ने धमकी दी थी। इसके बाद बेटी को इंदौर से वापस शिवपुरी बुला लिया था। बेटी 6 महीने तक शिवपुरी रही थी। इसके बाद सितंबर 2023 में नीट की तैयारी के लिए कोटा भेज दिया था।