
अयोध्या मै जश्न का माहौल, चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात, बरसों का इंतज़ार ख़त्म होने को ,भगवान श्री राम के मंदिर की निव रखी जाएगी प्रधान मंत्री सहित सभी अतिथी का इंतज़ार ।
आज राम काज का दिन है। 492 साल पहले बाबर के कहने पर अयोध्या में विवादित ढांचा बना था। 1885 में पहली बार यह मामला अदालत में गया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके ठीक नौ महीने बाद अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है।
दोपहर 12:30 बजे इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। वही मोदी, जिनकी पार्टी भाजपा ने 10 में से 8 लोकसभा चुनाव में यही वादा दोहराया था।…और सबसे खूबसूरत बात यह कि इसका सबसे पहला न्योता उन इकबाल अंसारी को भेजा गया, जो बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे थे।

आजादी के बाद मोदी इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो इस पद पर रहते हुए रामलला के दरबार में होंगे। उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी और खुद नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं कर पाए।
अयोध्या को थाइलैंड से आए ऑर्किड और बेंगलुरु के अपराजिता फूलों से सजाया
अयोध्या को 400 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। थाईलैंड से ऑर्किड तो बेंगलुरु से अपराजिता के फूल मंगाए गए हैं। वहीं, नारंगी और लाल रंग के डबल टोन्ड गेंदा के फूल कोलकाता से आए हैं। भूमि पूजन स्थल और आसपास के मंदिरों को इनसे सजाया गया है। इसके अलावा, साकेत पीजी कॉलेज से नया घाट तक 50 से ज्यादा स्थानों पर रंगोली बनाने में फूलों का इस्तेमाल किया गया है।

दो करोड़ से ज्यादा लड्डू के पैकेट बांटे जाएंगे
भूमि पूजन के बाद प्रसाद के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 1.11 लाख लड्डू बनाए गए हैं। इसके अलावा पटना के महावीर ट्रस्ट ने एक करोड़ रामलड्डू पैकेट बनवाए हैं। इनके अलावा, सांसद लल्लू सिंह ने साढ़े तीन लाख लड्डुओं के पैकेट बनवाए हैं।
मंच पर सिर्फ 5 लोग
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भूमिपूजन के लिए एक मंच बनाया गया है। इस पर सिर्फ पांच लोग प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मौजूद रहेंगे।
इनके अलावा, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी, समाजसेवी और पद्मश्री मोहम्मद शरीफ, कोठारी बंधु की बहन पूर्णिमा कोठारी भूमि पूजन में शामिल होंगी।
अयोध्या में स्नाइपर्स की तैनाती
अयोध्या में स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। तीन सुरक्षा घेरे में 3500 पुलिसकर्मी, 40 कंपनी पीएसी, 10 कंपनी सीआरपीएफ लगाई गई है। कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षा व्यवस्था में 45 साल से कम उम्र के सुरक्षाकर्मी ही तैनात किए गए हैं। शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं।
माना जा रहा था कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कुछ बड़े नेताओं को ज़रूर बुलाया जाएगा लेकिन लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह सरीखे कई नेताओं को उनकी अधिक उम्र की वजह से नहीं बुलाया गया है.