भरोसे की दाल में मजबूरी का तड़का…!कौशल किशोर चतुर्वेदी

भरोसे की दाल में मजबूरी का तड़का…!

सूचियां जारी करने में भाजपा ने बाजी मार ली है। 9 अक्टूबर को चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को एक चरण में सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव संपन्न होंगे। इसके साथ ही 9 अक्टूबर को भाजपा ने अपनी चौथी सूची भी जारी कर, कांग्रेस को सूची जारी करने के मामले में कोसों पीछे छोड़ दिया है। भाजपा की चौथी सूची में विधानसभा क्रमांक 9 से लेकर विधानसभा क्रमांक 230 तक 57 टिकट घोषित किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और मंत्री अरविंद भदौरिया (विधानसभा क्रमांक 9) से लेकर ओमप्रकाश सखलेचा (विधानसभा क्रमांक 230) तक 24 मंत्री शामिल हैं। इस सूची में अभी 9 मंत्रियों को जगह नहीं मिल पाई है। इनमें बृजेन्द्र सिंह यादव (मुंगावली) ,सुरेश धाकड़ (पोहरी), महेन्द्र सिंह सिसौदिया (बमोरी), इंदर सिंह परमार (शाजापुर), उषा ठाकुर (महू), ओपीएस भदौरिया (मेहगांव), गौरीशंकर बिसेन (बालाघाट) और रामखेलावन पटेल (अमरपाटन) शामिल हैं। इनके अलावा यशोधरा राजे सिंधिया पहले ही चुनाव लड़ने से इंकार कर चुकी हैं।

तो तस्वीर साफ है कि भाजपा 2023 का रण जीतने के लिए फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने दूसरी सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मैदान में उतारा है। और मोदी-शाह की जोड़ी मध्यप्रदेश से परिवारवाद को खत्म करने की गारंटी की गारंटी बनकर प्रकट हुई है। हालांकि अपवाद की गुंजाइश को नकारा नहीं जा सकता। यह प्रयोग कितना सफल होता है, यह चुनाव परिणाम बताएंगे। 3 दिसंबर 2023 यानि रविवार को छुट्टी के दिन आने वाले चुनाव परिणामों में सामने आ जाएगा कि किसकी छुट्टी हुई और कौन रणविजेता बना।

हालांकि भाजपा की चौथी सूची में कई नाम ऐसे हैं, जिनको लेकर तस्वीर थोड़ी धुंधली सी नजर आ रही है। और यदि गुजरात मॉडल पर चुनाव की यह सूची जारी होती तो खास तौर पर कई टिकट या तो कट गए होते या फिर बड़े स्तर पर सीटें बदल गई होती। जैसे जयसिंह नगर से विधायक जयसिंह मरावी को जैतपुर व जैतपुर की विधायक मनीषा सिंह को जयसिंह नगर से प्रत्याशी बनाया गया है। इस अदला-बदली का पूरा फायदा भाजपा को मिलने वाला है। पर ऐसी अदला-बदली की हिम्मत चौथी सूची में बाकी जगह देखने को नहीं मिली। और कई नाम तो ऐसे हैं, जो जीत गए तो यह तय हो जाएगा कि भाजपा दो सौ पार ही कर गई है। खैर ऐसा चमत्कार हो पाना बहुत आसान नहीं है। इस सूची में ऐसे नाम राजनीति में पैठ रखने वाले और विधानसभाओं में जाकर मतदाताओं की नब्ज टटोलने वाले सभी की नजरों में तैर रहे होंगे।

यही कहा जा सकता है कि चौथी सूची में वर्तमान विधायकों पर भाजपा ने भरोसा जताया है। 57 विधायकों को तनावमुक्त कर अपने खेत यानि विधानसभा क्षेत्र जीतने के लिए तन, मन और धन से जुटने की हरी झंडी पार्टी ने दे दी है। पर कहीं न कहीं भरोसे की इस दाल में मजबूरी का तड़का भी लगा नजर आ रहा है। जिसका विश्लेषण छुट्टी के दिन आने वाले चुनाव परिणामों के बाद हो सकेगा। और तब भरोसे की इस दाल में मजबूरी के तड़के पर मुहर लग जाएगी। अन्यथा परिणाम चमत्कृत करने वाले ही होंगे, जिसमें शुभंकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की ऐतिहासिक परिणाम के दावों पर मुहर लगेगी। तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पांचवीं पारी का दावा भी पुख्ता नजर आएगा…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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