
कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। वहीं, भारत, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों में भी वैक्सीन पर कामयाबी मिलने की उम्मीद है। चीन की एक नई कोरोना वायरस वैक्सीन (Corona virus vaccine) का एंटीबॉडी पर अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिला है. गुरुवार को ‘दि लैंसेट इंफेक्शियस डिसीज जर्नल’ में इसकी एक रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है.रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक पर कारगर साबित हुई है।
खबरों के मुताबिक, वैक्सीन के बारे में लैेंसेट में प्रकाशित परिणाम एक छोटे क्लीनिकल ट्रायल के शुरुआती चरण का हिस्सा था, जो निष्क्रिय किए गए SARS-CoV-2 वायरस पर आधारित है। इस वैक्सीन का नाम है- BBIBP-CorV, जिसका चीन में 29 अप्रैल से 30 जुलाई के बीच इस वैक्सीन कैंडिडेट का ट्रायल हुआ था। इस क्लिनिकल स्टडी में ‘बीजिंग इंस्टिट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स’ समेत कई बड़े संस्थानों के शोधकर्ता शामिल हुए थे।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने शुरुआती चरण के ट्रायल में शामिल 42 वॉलेंटियर्स में एंटीबॉडी का अच्छा इम्यून रेस्पॉन्स नोट किया गया है। बता दें कि पहले चरण के ट्रायल में दो उम्र समूह के लोग शामिल हुए। 18 से 59 साल की उम्र के 96 लोग और 60 से 80 साल के उम्र के 96 लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई थी।
दूसरे चरण के ट्रायल में 18 से 59 साल के 448 वॉलेंटियर्स को वैक्सीन की डोज दी गई थी। दि लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि यह वैक्सीन असरदार तो है ही, साथ ही ट्रायल के दौरान किसी वॉलंटियर में इसके गंभीर साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिले हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि शुरुआती चरणों के ट्रायल का उद्देश्य वैक्सीन की सुरक्षा और इम्यून रिस्पॉन्स की जांच करना रहा है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, क्लीनिकल ट्रायल के शुरुआती स्टेज पर मिले ये आंकड़े तीसरे चरण के ट्रायल में बेहद उपयोगी साबित होंगे। हालांकि अभी इस बारे में पूरी तरह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि यह वैक्सीन लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पर्याप्त है या नहीं। मालूम हो कि चीन की चार अन्य वैक्सीन भी तीसरे यानी अंतिम चरण के ह्यूमन ट्रायल में है।