न्यू ईयर पर टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में सफारी के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों को ठगने ठगों ने वेबसाइट और अन्य तरीके से झटका देना शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि पर्यटक ठगी से बचें और सिर्फ एमपी ऑनलाइन के प्लेटफार्म के माध्यम से ही टिकट बुकिंग करें। सिर्फ एमपी ऑनलाइन प्लेटफार्म के ही टिकट मान्य हैं।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग केवल MPOnline के माध्यम से ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यंत सतर्क रहें और केवल अधिकृत MPOnline पोर्टल के माध्यम से ही सफारी बुकिंग करें।
ठगी से शिकार होने से बचें और विभाग को भी बताएं
वन अफसरों ने पर्यटकों से अपील की है कि यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है या बुकिंग संबंधी कोई अन्य शिकायत है, तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे। शिकायतों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिये राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजा जाएगा। विभाग इस प्रकार की अनियमित और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए एक्टिव है।
वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफार्म से बुकिंग के दावे
मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी बुकिंग के लिए कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। इसकी जानकारी सामने आने के बाद मध्यप्रदेश वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ये वेबसाइट्स अनधिकृत हैं। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने कहा है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।