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🌹🙏जय श्री राम🙏🌹
🌞 सुप्रभातम् 🌞
📜««« आज का पञ्चांग»»»📜
कलियुगाब्द……………………..5124
विक्रम संवत्…………………….2079
शक संवत्………………………1944
मास……………………………….माघ
पक्ष……………………………….कृष्ण
तिथी…………………………….अष्टमी
संध्या 07.39 पर्यंत पश्चात नवमी
रवि…………………………..उत्तरायण
सूर्योदय…………..प्रातः 07.09.37 पर
सूर्यास्त…………..संध्या 06.03.00 पर
सूर्य राशि………………………….मकर
चन्द्र राशि………………………….तुला
गुरु राशि……………………………मीन
नक्षत्र………………………………चित्रा
संध्या 07.00 पर्यंत पश्चात स्वाति
योग……………………………….सुकर्मा
प्रातः 11.44 पर्यंत पश्चात धृति
करण……………………………..बालव
प्रातः 07.39 पर्यंत पश्चात कौलव
ऋतु……………………….(तप:) शिशिर
दिन………………………………रविवार
🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
15 जनवरी सन 2023 ईस्वी ।
मकर संक्रान्ति का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, दक्षिणायण को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात् सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। ऐसी धारणा है कि इस अवसर पर दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है। इस दिन शुद्ध घी एवं कम्बल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। जैसा कि निम्न श्लोक से स्पष्ठ होता है-
माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥
मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगास्नान एवं गंगातट पर दान को अत्यन्त शुभ माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गयी है। सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छ:-छ: माह के अन्तराल पर होती है। भारत देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। मकर संक्रान्ति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होता है अर्थात् भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी कारण यहाँ पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है। किन्तु मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अन्धकार कम होगा। अत: मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्य शक्ति में वृद्धि होगी। ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है।
मकर संक्रान्ति का ऐतिहासिक महत्व
ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूँकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रान्ति का ही चयन किया था। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं।
☸ शुभ अंक…………………….6
🔯 शुभ रंग…………………….नीला
अभिजीत मुहूर्त :-
दोप 12.14 से 12.57 तक ।
👁🗨राहुकाल :-
संध्या 04.38 से 05.58 तक ।
🌞 उदय लग्न मुहूर्त :-
धनु
05:05:03 07:16:42
मकर
07:16:42 08:57:18
कुम्भ
08:57:18 10:31:19
मीन
10:31:19 12:02:33
मेष
12:02:33 13:43:17
वृषभ
13:43:17 15:41:55
मिथुन
15:41:55 17:55:37
कर्क
17:55:37 20:11:47
सिंह
20:11:47 22:23:36
कन्या
22:23:36 24:34:16
तुला
24:34:16 26:48:53
वृश्चिक
26:48:53 29:05:03
🚦 दिशाशूल :-
पश्चिमदिशा – यदि आवश्यक हो तो दलिया, घी या पान का सेवनकर यात्रा प्रारंभ करें ।
✡ चौघडिया :-
प्रात: 08.33 से 09.53 तक चंचल
प्रात: 09.53 से 11.14 तक लाभ
प्रात: 11.14 से 12.35 तक अमृत
दोप. 01.55 से 03.16 तक शुभ
सायं 05.57 से 07.37 तक शुभ
संध्या 07.37 से 09.16 तक अमृत
रात्रि 09.16 से 10.55 तक चंचल ।
💮 आज का मंत्रः
।। ॐ पूष्णे नम: ।।
संस्कृत सुभाषितानि :-
यथा हि एकेन चक्रेण न रथस्य गतिर्भवेत् ।
एवं पुरूषकारेण विना दैवं न सिध्यति ॥
अर्थात :
जिस प्रकार एक पहिये वाले रथ की गति संभव नहीं है, उसी प्रकार पुरुषार्थ के बिना केवल भाग्य से कार्य सिद्ध नहीं होते हैं ।
🍃 आरोग्यं सलाह :-
नीम के पत्ते खाने से लाभ –
1. विषाक्त पदार्थों को करे बाहर –
नीम के पत्ते खाने के फायदे से शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद मिलती है और हमें एक स्पष्ट त्वचा मिलती है। नीम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो संक्रमण, जलन और किसी भी तरह की त्वचा की समस्याओं का इलाज करते हैं। इसके अलावा आप नीम के पत्तों और हल्दी के पेस्ट का उपयोग करके कीट के काटने, खुजली, एक्जिमा और त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है।
पत्तियों को चबाने से आपको पोषण, शुद्ध और चमकदार त्वचा भी मिल सकती है। यह मुंहासे और डार्क सर्कल की समस्याओं का भी इलाज कर सकता है। यदि नीम की कड़वाहट आपको परेशान करती है, तो उसमें आप शहद मिलाएं।
⚜ आज का राशिफल :-
राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में विशेषकर स्त्रियां सावधानी रखें। कार्यों की गति धीमी रहेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। निराशा हावी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। लाभ होगा।
🐂 राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आशंका-कुशंका के चलते कार्य की गति धीमी रह सकती है। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। सभी ओर से सफलता प्राप्त होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ होगा।
राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
जीवनसाथी से कहासुनी हो सकती है। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर होगी। करियर बनाने के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। पारिवारिक सहयोग से कार्य में आसानी होगी। दूसरों के कार्य में दखल न दें। प्रमाद से बचें।
🦀 राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ के असवर हाथ आएंगे। यात्रा में सावधानी रखें। किसी पारिवारिक आनंदोत्सव में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद न करें। बेचैनी रहेगी।
🦁 राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
धन का नुकसान या कोई बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। पारिवारिक चिंताएं रहेंगी। मेहनत अधिक तथा लाभ कम होगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग नहीं मिलेगा। कुसंगति से बचें, हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। प्रमाद न करें।
🏻 राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
मित्रों की सहायता कर पाएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता रहेगी। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। समय अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी।
⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
दूर से अच्छी खबर प्राप्त हो सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर में अतिथियों पर व्यय होगा। किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी।
🦂 राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से कार्य में रुकावट होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। निवेश में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। जरूरी वस्तु गुम हो सकती है।
🏹 राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। यात्रा में जल्दबाजी न करें, नुकसान संभव है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। स्वास्थ्य पर बड़ा खर्च हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। आय में कमी रहेगी। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी।
🐊 राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
विवेक का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। कोई बड़ी बाधा से सामना हो सकता है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। रुका हुआ धन मिल सकता है। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी अपने के व्यवहार से दु:ख होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी का ध्यान खुद की तरफ खींच पाएंगे।
🏺 राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
समाजसेवा में रुझान रहेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई आर्थिक नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। पुरानी व्याधि से परेशानी हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। समय अनुकूल है। लाभ लें। प्रमाद न करें।
राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
राजकीय अवरोध दूर होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। धर्म-कर्म में मन लगेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
।। 🐚 शुभम भवतु 🐚 ।।
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय 🚩🚩