विभाग को आशंका है कि प्रॉपर्टी में अघोषित निवेश के जरिए कम से कम 50 करोड़ रुपए की आयकर चोरी इन्होंने की है। जिसके लिए मल्टी वेंचर्स कंपनी बनाकर उसमें खुद की भूमिका पार्टनर के रूप में रखी थी और इसी के जरिए अघोषित निवेश और कैश ट्रांजैक्शन किया जा रहा था।
आयकर विभाग ने 18 दिसंबर को त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश शर्मा के ठिकानों पर छापा मारा था।
आयकर विभाग ने राजेश शर्मा और उसकी पत्नी राधिका शर्मा के खिलाफ आयकर अधिनियम की धारा 132 (4) और 132 (9) में पूछताछ की है। सर्च के दौरान और इसके बाद दोनों के जो बयान लिए गए हैं, उसे रिकाॅर्ड किया गया है। इसी में आयकर की बड़ी चोरी का खुलासा हुआ है।
18 दिसंबर को क्वॉलिटी ग्रुप, ईशान ग्रुप और राजेश शर्मा एंड ग्रुप के ठिकानों की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई थी। सर्चिंग के बाद की जांच में विभाग ने पाया है कि राजेश शर्मा और उनकी संस्थाओं ने बड़े पैमाने पर राजस्व चोरी की है। इसके लिए अघोषित निवेश और फर्जी ऐक्सपैंडीचर मिला है। अकेले प्रॉपर्टी में निवेश के जरिए 50 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी किए जाने की स्थिति विभाग के संज्ञान में आई है।
राजेश शर्मा के नाम की ये प्रॉपर्टी अटैच

राधिका को नहीं पता उनके नाम कौन-कौन सी प्रॉपर्टी विभाग की जांच में यह भी सामने आया है कि अनंत मल्टी वेंचर्स और ट्राइडेंट मल्टीवेंचर्स में राजेश शर्मा की पत्नी राधिका सुरजीत सिंह की बेटी के रूप में पार्टनर थी। उन्होंने आयकर विभाग से कहा है कि उनका कोई बिजनेस नहीं है और क्या प्रॉपर्टी उनके नाम पर है, यह भी जानकारी में नहीं है।
विभाग ने धारा 132 (4) में उनका बयान रिकॉर्ड किया है। विभाग को यह भी साफ हो गया है कि राजेश शर्मा और राधिका शर्मा की ओर से आईटीआर फाइल किए जाने के दौरान फर्जी जानकारी भरी जा रही है। इसके जरिए ये साल-दर-साल इनकम टैक्स चोरी कर रहे थे।
बिल्डर राजेश शर्मा के करीबियों के बयान लिए जा रहे आयकर विभाग के अफसरों ने राजेश शर्मा और राधिका शर्मा के बयान के साथ उनके करीबियों के बयान लेना भी शुरू कर दिया है। इसमें इनकी वेंचर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी और उनके परिजन मसलन ड्राइवर, अकाउंटेंट, बिजनेस के लिए ऑथोराइज किए गए राजेश शर्मा के डमी कैंडिडेट्स शामिल हैं। इनके बयानों के आधार पर भी आयकर विभाग अधिकतम टैक्स चोरी की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
राधिका शर्मा के नाम पर यह प्रॉपर्टी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट 18 दिसंबर को राजेश शर्मा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में मिले दस्तावेजों और कर चोरी के अनुमान की रिपोर्ट एमपी के आयकर विभाग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को भेजी है। इसके बाद इस मामले में अब आयकर निदेशालय से मिले निर्देशों को भी आधार बनाकर जांच की जा रही है।
अबतक 24 प्रॉपर्टी अटैच कर चुका आयकर विभाग आयकर विभाग भोपाल में मौजूद राजेश शर्मा और उनकी पत्नी राधिका शर्मा के नाम की 24 प्रॉपर्टी अटैच कर चुका है। इसमें 16 प्रॉपर्टी राधिका के नाम पर हैं, जबकि 8 राजेश शर्मा के नाम पर हैं।