
किसान मामले में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यूटर्न लेते हुए मोदी सरकार के प्रयासों की सराहना की है। त्रुदो ने मोदी से फोन पर बात करते हुए कहा कि किसानों की चिंताएं दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना लोकतंत्र के मुताबिक उठाया कदम है।मोदी और ट्रूडो के बीच बुधवार को कोरोना वायरस संकट समेत अनेक मुद्दों के बारे में फोन पर बात हुई थी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने किसानों के प्रदर्शन के सिलसिले में भारत सरकार द्वारा लोकतंत्र के लिहाज से उपयुक्त संवाद का रास्ता अपनाने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने (ट्रूडो ने) कनाडा में भारतीय राजनयिक परिसरों और अधिकारियों को सुरक्षा उपलब्ध करवाने में अपनी सरकार की जिम्मेदारी भी स्वीकार की.”
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्री के बीच फोन पर हुई बातचीत में किसान प्रदर्शन का मुद्दा उठा. हालांकि, भारत की ओर से इस बारे में जारी बयान में ऐसा कोई जिक्र नहीं किया गया. कनाडा की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए कनाडा और भारत की प्रतिबद्धता, हालिया प्रदर्शनों और बातचीत के जरिए मुद्दों के समाधान के महत्व पर चर्चा की.”ट्रूडो ने दिसम्बर में कहा था कि कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करता रहेगा और साथ ही उन्होंने स्थिति को लेकर चिंता भी व्यक्त की थी. पिछले हफ्ते विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा था कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने किसानों से संबंधित मुद्दे पर टिप्पणी की है और कनाडा को बता दिया गया है कि भारत के आंतरिक मामलों पर ऐसी टिप्पणी करना ‘‘गैरजरूरी” और ‘‘अस्वीकार्य” है.