Turkey Parliament Clash: नए न्याय मंत्री की शपथ पर बवाल, तुर्की संसद बनी जंग का मैदान; सांसदों में लात-घूंसे, VIDEO वायरल

Turkey Parliament Clash: विपक्षी सांसदों ने इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक (चीफ प्रॉसिक्यूटर) अकिन गुरलेक को संसद में न्याय मंत्री के पद की शपथ लेने से रोकने की कोशिश की.

Turkey Parliament Clash: तुर्की के सांसदों में जमकर चले लात-घूंसे

तुर्की की संसद में बुधवार, 11 फरवरी को उस समय हंगामा मच गया जब कैबिनेट फेरबदल के बीच न्याय मंत्रालय में एक विवादास्पद चेहरे की नियुक्ति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आपस में भिड़ गए. यहां माननीय वो सबकुछ कर बैठे जिसकी उम्मीद उनसे नहीं की जाती. सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो चुके वीडियो में दोनों पक्ष के सांसद एक दूसरे को मुक्के और लात मारते दिख रहे हैं. यहां ध्यान देने वाली बात थी कि हिंसा पर केवल कुछ सांसद नहीं उतरे थे बल्कि दर्जनों सांसदों की भीड़ इसमें शामिल थी.

आखिर संसद में क्यों मचा बवाल?

दरअसल विपक्षी सांसदों ने इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक (चीफ प्रॉसिक्यूटर) अकिन गुरलेक को संसद में नए न्याय मंत्री के पद की शपथ लेने से रोकने की कोशिश की. अकिन गुरलेक को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने नए न्याय मंत्री के रूप में नियुक्त किया है. इसी बात पर गुस्सा बढ़ता गया और बात हिंसा तक आ गई. सांसदों को एक-दूसरे को धक्का देते हुए और घूंसे मारते हुए देखा गया.

इस्तांबुल के चीफ प्रॉसिक्यूटर के रूप में गुरलेक ने मुख्य विपक्षी दल, रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के कई सदस्यों के खिलाफ उच्च-प्रोफाइल ट्रायल की अध्यक्षता की थी. इन ट्रायल को तुर्की के विपक्ष ने लंबे समय से राजनीति से प्रेरित बताया है. अब वही अकिन गुरलेक न्याय मंत्री के रूप में शपथ ले रहे थे. इसपर विपक्ष आगबबूला है. राष्ट्रपति एर्दोगन ने आंतरिक मंत्री के रूप में पूर्वी प्रांत एर्जुरम के गवर्नर मुस्तफा सिफ्टसी को भी नामित किया है

बता दें कि विपक्षी दल, रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के कंट्रोल वाली नगर पालिकाओं के सैकड़ों अधिकारियों को भ्रष्टाचार की जांच में गिरफ्तार किया गया है. उनमें इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू भी शामिल थे, जिन्हें व्यापक रूप से एर्दोगन के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता है, जिन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था. सरकार का कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से काम करती है.

मंत्रालय में अब बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है. हालांकि सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक राजपत्र में कहा गया कि मौजूदा मंत्रियों ने अपने कर्तव्यों से “मुक्त होने का अनुरोध” किया था. तुर्की में ये नई और विवादास्पद नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब तुर्की संभावित संवैधानिक सुधारों पर बहस कर रहा है और दशकों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके के साथ शांति पहल कर रहा है.

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