इंदौर में रात्रिकालीन सराफा चौपाटी का मामला गरमाता जा रहा है। गुरुवार रात नगर निगम की टीम फिर कार्रवाई करने पहुंची। इस दौरान जिनकी दुकानें नहीं लगने दी जा रही थीं, वे विरोध करने लगे। चौपाटी में जाने का रास्ता रोककर जमीन पर बैठ गए। साथ ही नारेबाजी करने लगे। हंगामा देखते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई। उन्होंने लोगों को समझाइश दी।
इससे पहले बुधवार को निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। गुरुवार को नगर निगम की टीम यहां फिर कार्रवाई करने पहुंची।
मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इंदौर की ऐतिहासिक एवं परंपरागत पहचान सराफा चौपाटी में व्यवस्थित व्यापार और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम इंदौर द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। महापौर इन काउंसिल में संकल्प पारित करते हुए तय किया गया था कि सराफा चौपाटी में केवल परंपरागत रूप से चिह्नित दुकानों को ही व्यवसाय करने की अनुमति दी जाएगी।
महापौर के निर्देशन में महापौर परिषद सदस्यों की उपस्थिति में एक विशेष समिति का गठन किया गया था। यह समिति सराफा चौपाटी क्षेत्र का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करते हुए व्यापारिक गतिविधियों, सुरक्षा मानकों, भीड़ प्रबंधन एवं मूलभूत आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए नियुक्त की गई थी।
समिति ने निरीक्षण के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम को प्रस्तुत की। रिपोर्ट में लोगों की सुरक्षा, स्वच्छता, स्थान की क्षमता एवं परंपरागत व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए।

दुकानों के खुलने-बंद होने का समय तय होगा
समिति की रिपोर्ट को आधार मानते हुए नगर निगम इंदौर द्वारा शीघ्र ही सराफा चौपाटी के लिए नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। जिनमें परंपरागत सूचीबद्ध दुकानों के खुलने और बंद होने का निर्धारित समय, सुरक्षा के अनिवार्य मानक, अग्नि सुरक्षा प्रावधान, भीड़ प्रबंधन व्यवस्था, स्वच्छता एवं कचरा निपटान व्यवस्था जैसे बिंदुओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाएगा।
तीन तस्वीरें देखिए

जमीन पर बैठे विरोध कर रहे दुकानदार

नारेबाजी भी कर रहे हैं।
