
वर-वधु का एक जोड़ा शादी के मंडप में बैठा। सारी रस्में निभाई। लेकिन, दूल्हे ने दुल्हन की मांग नहीं भरी। मंगलसूत्र भी नहीं पहनाया। न ही दोनों ने सात फेरे लिए।
जब दूल्हा-दुल्हन से पूछा गया कि ऐसा क्यों किया। तो उन्होंने बताया कि उनकी शादी अगले साल फरवरी महीने में तय है। यहां तो वे विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के कहने पर आए हैं। दूल्हा-दुल्हन का वीडियो भी सामने आया है। वे कह रहे हैं कि हम लोगों से कहा गया था कि 49 हजार रुपए का चेक मिलेगा।
ये मामला उज्जैन जिले के नागदा का है। जहां मंगलवार को देवउठनी एकादशी पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। 81 जोड़ों के विवाह और निकाह हुए।
मामले में उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने खाचरोद नगर पालिका के सीएमओ घनश्याम माचार को नोटिस देकर जांच कराने की बात कही है।

हमसे कहा गया सिर्फ आ जाओ, 49 हजार रुपए मिलेंगे सामूहिक विवाह में रतलाम के इस जोड़े ने शादी की प्रमुख रस्में नहीं निभाईं। दोनों ने शादी के लिए खाचरोद नगर पालिका से रजिस्ट्रेशन कराया था।
दूल्हा-दुल्हन और इनके परिवार के लोग जब पकड़े गए तो उन्होंने इसका ठीकरा स्थानीय विधायक बहादुर सिंह और नगर पालिका के अध्यक्ष राकेश राठौर पर फोड़ दिया। कहा कि विधायक और अध्यक्ष ने बोला था कि आप तो बैठ जाओ, मांग और फेरे की रस्म मत करना।

दुल्हन ने बताया
खाचरोद में बैठक हुई थी। इसमें हमें बुलाया गया था। हमारा विवाह फरवरी 2025 में होने वाला है। हमसे कहा गया कि आप तो सामूहिक विवाह में शामिल हो जाओ। सिर्फ फार्म भर दो। 49 हजार रुपए का चेक मिलेगा।
विधायक बोले- हर परिवार की अपनी रस्में
विधायक तेज बहादुर से उनका पक्ष जाना, उन्होंने कहा-