उज्जैन मेला: ऑटो सेक्टर में जबरदस्त तेजी, इंदौर के डीलरों ने मंगाया नया स्टॉक, मारुति-टाटा से लग्जरी कारों तक 50% तक छूट से रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद

उज्जैन मेले को लेकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शहर के ऑटो डीलर कंपनियों से नए वाहनों का स्टॉक मंगाने में जुट गए हैं। बीते वर्षों के अनुभव को देखते हुए डीलरों ने इस बार डीलरों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ग्राहक भी अभी से अपनी पंसदीदा वेरियंट और कलर की बुकिंग करवाने में जुट गए है। खास तौर से मारुति और टाटा के डीलरों के यहां पर अभी से उज्जैन मेले की डील फाइनल होने लगी है।

जानकारी के अनुसार अगले महीने से लगने वाले इस मेले के लिए डीलरों के यहां पर ग्राहक आ रहे है। शासन द्वारा नो​टिफिकेशन के बाद इसमें तेजी आ गई है। इंदौर ऑटो मोबाइल डीलर एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने कहा कि बीते वर्षों के बिक्री आंकड़ों के अनुसार उज्जैन मेले में सबसे अधिक कारें टाटा और मारुति की बेची गई है। खासतौर पर एंट्री लेवल और मिड-सेगमेंट कारों की मांग लगातार बनी हुई है। हम इसके लिए तैयारी कर रहे है। कंपनी से लगातार नया स्टॉक बुलाया जा रहा है। एक्सचेंज बोनस, कम डाउन पेमेंट और आसान फाइनेंस विकल्पों के चलते बड़ी संख्या में ग्राहक मेले के दौरान वाहन खरीदते है। यही वजह है कि इस बार भी कंपनियों से अतिरिक्त स्टॉक मंगवाया जा रहा है और फाइनेंस कंपनियों को पहले से अलर्ट किया गया है।

इस बार भी बेहतर कारोबार की उम्मीद पमनानी ने बताया कि पुराने ट्रेंड और बढ़ती पूछताछ को देखते हुए डीलरों को उम्मीद है कि इस बार भी उज्जैन मेला ऑटो सेक्टर के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। यदि ग्राहकों का रुझान पिछले वर्षों जैसा रहा, तो मेले के दौरान रिकॉर्ड बुकिंग और डिलीवरी होने की संभावना जताई जा रही है।

महंंगी कारों पर ज्यादा फायदा परिवहन विभाग के अ​धिकारियों ने बताया कि इस मेले में बजट और एसयूवी कार के खरीदारों का फायदा होता ही है। इसके अलावा जो प्रीमियम और हाईएंड कारें हैं। जिन पर लाखों का टैक्स आता है, उनको भी काफी फायदा होता है। रेंज रोवर, मर्सडीज, बीएमडब्लू और ऑडी जैसी कारों की भी पहले से बुकिंग हो जाती है।

बीते साल मिला था सरकार को 186 करोड़ का राजस्व

बीते साल इस मेले का दूसरा साल था। जिसमें सरकार की तरफ से रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने का लोगों ने जमकर फायदा उठाया, जिसका असर 43 दिनों में 36313 वाहन (28451 कार, 7772 स्कूटर/ बाइक) बिकने के रूप में दिखा। इससे प्रदेश सरकार को 186 करोड़ की आय हुई और इतनी ही राशि की छूट ग्राहकों ने पाई। जबकि 2024 में जब पहली बार यह मेला लगा था तब 40 दिन में 23705 वाहन बिके थे।

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