मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक छात्र की कनाडा में कॉलेज के छात्रों ने हत्या कर दी। 10-12 युवकों ने पहले छात्र की पिटाई की, फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। छात्र को गंभीर चोटें आई थीं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वारदात 14 मार्च को फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई।
मनोचा परिवार के रिश्तेदार शोक जताने उनके घर पहुंच रहे हैं
जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान गुरकीरत सिंह मनोचा के रूप में हुई है, जो देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वे कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। CM मोहन यादव ने दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
दोस्त के फोन से परिवार को मिली जानकारी
रायपुर निवासी प्रबकीरत सिंह ने बताया कि वह गुरकीरत के बड़े भाई हैं। उन्हें कनाडा में ही रह रहे गुरकीरत के एक दोस्त ने देर रात फोन कर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि गुरकीरत की मौत हो गई है। इसके बाद प्रबकीरत सिंह ने परिवार को सूचना दी। स्थानीय पुलिस और अस्पताल से संपर्क किया।
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गुरकीरत की असामयिक मौत से परिजन का बुरा हाल है।

मारपीट के बाद गाड़ी चढ़ाकर हत्या की गई
प्रबकीरत सिंह ने बताया कि गुरकीरत वॉलमार्ट में काम करते थे। ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र उन्हें अपने साथ ले गए थे। छात्रों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद बताया जा रहा है। झगड़े के दौरान गुरकीरत भी उसमें फंस गए। कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
वारदात में 10-12 युवक शामिल थे
उन्होंने बताया कि वारदात में करीब 10-12 युवक शामिल थे। स्थानीय पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में 7-8 लोगों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने अस्पताल में शव की पहचान करवाई, जिसमें पुष्टि हुई कि मृतक गुरकीरत सिंह मनोचा ही हैं।
तीन सप्ताह में भारत लाया जाएगा शव
प्रबकीरत सिंह ने बताया कि कनाडा पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गुरकीरत के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए करीब तीन सप्ताह का समय बताया गया है। परिवार ने सरकार से शव को जल्द भारत लाने में मदद की अपील की है।
आखिरी बार शुक्रवार को पिता से बातचीत
परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले शुक्रवार को उनकी आखिरी बार अपने पिता गुरजीत सिंह मनोचा से बात हुई थी। उस समय उनके पिता दिल्ली से उज्जैन लौट रहे थे। वे दिल्ली में आयोजित एक फूड एग्जीबिशन देखने गए थे, जिसको लेकर गुरकीरत से सामान्य बातचीत हुई थी।
परिवार ने बताया कि कनाडा में पढ़ाई के नियम के तहत सप्ताह में चार दिन पढ़ाई और तीन दिन नौकरी करना अनिवार्य होता है। गुरकीरत भी इसी व्यवस्था के तहत पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी कर रहे थे।
गुरकीरत सिंह मनोचा के बारे में जानिए
उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा ने अपनी स्कूली शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, उज्जैन से पूरी की थी। उन्होंने विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उच्च शिक्षा के लिए वे कनाडा गए थे। उन्हें कनाडा गए करीब सवा साल ही हुआ था।
कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के साथ फूड सप्लाई के पारिवारिक व्यवसाय में भी हाथ बंटाते थे। इसी क्षेत्र में उनकी रुचि थी। परिवार के अनुसार उनका भविष्य में कनाडा में ही सेटल होने का प्लान था। पढ़ाई के साथ-साथ वे कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर पद पर कार्यरत थे।