
10 नवम्बर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और दवा कम्पनी ‘फाइजर’ पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले जानबूझकर कोविड-19 टीके की घोषणा नहीं की गई, क्योंकि इससे उनकी जीत हो सकती थी।ट्रंप ने ट्वीट किया कि चुनाव से पहले अमेरिका का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और डेमोक्रेट्स उन्हें टीके का श्रेय नहीं देना चाहते थे, क्योंकि इससे उन्हें चुनाव में जीत हासिल हो सकती थी. इसलिए ही इसकी घोषणा पांच दिन बाद की गई.
बता दें कि दवा कम्पनी ‘फाइजर’ ने कहा था, कि उसे टीके के विश्लेषण से पता चला है कि वह कोविड-19 को रोकने में 90 प्रतिशत तक कारगर हो सकता है. फाइजर ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया है लेकिन कहा कि अध्ययन के अंत तक परिणाम में बदलाव हो सकता है. फाइजर के क्लीनिकल डेवलपमेंट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ बिल ग्रूबेर ने कहा था, ‘हम अभी किसी तरह की उम्मीद जगाने की स्थिति में नहीं है. हालांकि, हम नतीजों से काफी उत्साहित हैं.’ ट्रंप ने आरोप लगाया, ‘अगर जो बाइडन राष्ट्रपति होते तो, आपको अगले चार साल तक टीका नहीं मिलता और ना ही एफडीए ने इसे तुरंत मंजूरी दी होती. नौकरशाही तंत्र ने लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया होता.’ इस बीच, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि इस घोषणा से अगले वर्ष के बेहतर होने की उम्मीद जगी है. बाइडन ने ट्वीट किया, ‘मैं उन शानदार महिलाओं और पुरुषों को बधाई देता हूं जिन्होंने इसे विकसित करने और हमें ऐसी उम्मीद देने के लिए काम किया. साथ ही, यह समझना भी जरूरी है कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अभी कुछ महीने और चलेगी.’
फाइजर ने कोविड-19 टीका के असरदार होने के संकेत दिए
बता दें कि अग्रणी दवा कंपनी फाइजर ने कहा है कि उसके टीका के विश्लेषण से पता चला है कि यह कोविड-19 को रोकने में 90 प्रतिशत तक कारगर हो सकता है. इससे संकेत मिलता है टीके को लेकर कंपनी का परीक्षण सही चल रहा है और वह अमेरिकी नियामक के पास इस संबंध में एक आवेदन दाखिल कर सकती है. इस बीच अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने फाइजर को बधाई दी है. कंपनी की घोषणा के बाद जारी वक्तव्य में बाइडन ने कहा कि ‘वह इस महत्वपूर्ण खोज में मदद करने वाले और हमें उम्मीद देने वाले विलक्षण महिलाओं एवं पुरुषों को बधाई देते हैं.’
कंपनी द्वारा सोमवार को की गयी घोषणा का यह मतलब नहीं है कि टीका जल्द आ जाएगा. स्वतंत्र तौर पर डाटा के विश्लेषण से यह अंतरिम निष्कर्ष निकला है. अध्ययन के तहत अमेरिका और पांच अन्य देशों में करीब 44,000 लोगों को शामिल किया गया. फाइजर ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया है और कहा है कि अध्ययन के अंत तक परिणाम में बदलाव हो सकता है. फाइजर के क्लीनिकल डेवलपमेंट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ बिल ग्रूबेर ने कहा, ‘हम अभी किसी तरह की उम्मीद जगाने की स्थिति में नहीं है. हालांकि, हम नतीजों से काफी उत्साहित हैं.’
फाइजर और जर्मनी की उसकी सहायक कंपनी बायोएनटेक भी कोविड-19 से रक्षा के लिए टीका तैयार करने की दौड़ में है. एक और अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने भी कहा है कि इस महीने नियामक खाद्य और औषधि प्रशासन के पास आवेदन दाखिल करने की संभावना है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी फाइजर की घोषणा का स्वागत किया. हालांकि साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि नए संभावित टीके ने केवल एक अवरोध पार किया है इसलिए सतर्कता बनाये रखनी होगी. उन्होंने लोगों से लॉकडाउन के नियमों का पालन करने को कहा.