
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज लेखक और निर्देशक सागर सरहदी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. सागर सरहदी को ‘कभी कभी’, ‘चांदनी’ और ‘सिलसिला’ जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए जाना जाता है. सागर सरहदी काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और खबरों के मुताबिक उन्होंने आखिरी दिनों में खाना-पीना भी छोड़ दिया था. सागर सरहदी ने अपने मुंबई स्थित सायन इलाके में अपने घर पर आखिरी सांस ली है. सागर सरहदी के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है. सोशल मीडिया पर फैंस से लेकर बॉलीवुड सेलेब्स तक सभी सागर सरहदी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने ट्वीट के जरिये सागर सरहदी को श्रद्धांजलि दी है.
उन्होंने कहा कि सागर सरहदी का अंतिम संस्कार आज दोपहर सियोन शवदाह गृह में किया जाएगा. पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर के निकट बफ्फा शहर में पैदा हुए सरहदी का नाम गंगा सागर तलवार था. सीमांत प्रांत से संबंध होने के चलते उन्होंने अपने नाम के आगे ‘सरहदी’ जोड़ लिया था. 12 साल की आयु में वह दिल्ली आकर रहने लगे थे. सरहदी ने उर्दू लघु कथाओं से अपने करियर की शुरुआत की और फिर उर्दू नाट्य लेखक बन गए. फिल्मकार यश चोपड़ा की 1976 में आई अमिताभ बच्चन तथा रेखा अभिनीत फिल्म ‘कभी कभी” से उन्होंने बॉलीवुड में प्रवेश किया.
सागर सरहदी ने चोपड़ा की ‘सिलसिला (1981)’ और श्रीदेवी तथा ऋषि कपूर अभिनीत ‘चांदनी’ जैसी फिल्मों के लिए संवाद लेखन किया. 1982 में सरहदी ने निर्देशन में हाथ आजमाए और सुप्रिया पाठक शाह, फारूक शेख, स्मिता पाटिल तथा नसीरुद्दीन शाह अभिनीत फिल्म ‘बाजार’ का निर्देशन किया. सरहदी ने 1992 में आई अभिनेता शाहरुख खान की पहली फिल्म ‘दीवाना’ और ऋतिक रोशन की पदार्पण फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ के संवाद भी लिखे.