आदिपुरुष देख निराश हुए दर्शक – मामला हाई कोर्ट पहुँचा

नई दिल्‍ली: प्रभास और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ विवादों में घिरती नजर आ रही है. हिंदू सेना ने ‘आदिपुरुष’ के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर मांग की है कि फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित नहीं किया जाए. हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने शुक्रवार को ‘आदिपुरुष’ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की.

‘आदिपुरुष’ को इसके ‘वीएफएक्स’ (विजुअल इफेक्ट्स) की गुणवत्ता और भगवान हनुमान की भूमिका निभाने वाले अभिनेता द्वारा बोले गए ‘टपोरी’ शैली के संवादों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. समीक्षकों ने फिल्म की गंभीरता से समीक्षा की और इसे पुरानी फिल्मों का मिला-जुला रूप बताया है. उधर, नेपाल के फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने ‘सीता को भारत की बेटी’ बताने संबंधी संवाद पर आपत्ति जताई है.

दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका में, श्री गुप्ता ने कहा, “यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित याचिका के रूप में एक रिट याचिका है, जिसमें उत्तरदाताओं को निर्देश की प्रकृति में एक उपयुक्त रिट जारी करने की प्रार्थना की गई है. धार्मिक नेताओं/चरित्रों/आकृतियों को गलत तरीके से चित्रित करने वाले आपत्तिजनक दृश्यों को हटाना की मांग की गई है. साथ ही प्रतिवादियों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फीचर फिल्म आदिपुरुष को प्रमाणित नहीं करने और इस तरह के अन्य या आगे के आदेश को पारित करने का निर्देश देने के लिए मांग की गई है.”

याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि फिल्म ‘धार्मिक नेताओं/पात्रों/आंकड़ों को गलत और अनुचित तरीके से चित्रित करके हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करती है.’

हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने याचिका में रामायण, भगवान राम और देश की संस्कृति का मजाक बनाने का आरोप लगाया है. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट से ‘आदिपुरुष’ में रावण, राम, सीता और हनुमान के कई अपमानजनक सीन्स भी हटाने के लिए आदेश देने की मांग की है.

फिल्म आदिपुरुष देखने के बाद ट्रोलर्स के निशाने पर आए मनोज मुंतशिर शुक्ला और डायरेक्टर हैरान करने वाली है वजह
Adipurush : मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला का नाम चर्चा में हैं। वजह है ‘आदिपुरुष’ के लिए उनके द्वारा लिखे गए डायलॉग्स।

भारतीय संस्कृति और धर्म का फूहड़ मज़ाक़ उड़ाने वाले डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पर भी कार्यवाही हो । फ़िल्म के कई दृश्य काल्पनिक है मनोरंजन के नाम पर संस्कृति का मज़ाक़ ठीक नहीं है ।

मुंबई : Adipurush : फैंस बेसब्री से प्रभास और कृति सेनन स्टारर आदिपुरुष का इंतजार कर रहे थे। कल यानी शुक्रवार को फैंस का इंतजार खत्म हुआ और फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज हुई। लेकिन इस फिल्म ने दर्शकों के अरमान पर पानी फेर दिया। इस फिल्म को VFX से लेकर डायलॉग तक सभी चीजों के लिए ट्रोल होना पड़ रहा है। फिल्म देखने के बाद यूजर्स सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। ऐसे में अब इस फिल्म के लिए डायलॉग लिखने वाले लेखक ,डायरेक्टर , प्रोडूसर भी ट्रोलर्स के निशाने पर आ गये ।

इतिहास के साथ गंभीर छेड़खानी की गई । हमारे आराध्य को हसी का पात्र बताया गया है जो की असहनीय है । नई पीढ़ी के सामने बढ़ी विचित्र कहानी पेश की गई है ।
धर्म और समाज के ठेकेदार अभी तक इस के विरोध मैं आगे क्यों नहीं आये है ?

आदिपुरुष” को देखकर दर्शकों की हर उम्मीद चूर चूर , मिट्टी करके रख दी “पावन रामायण”, न राम जचा न रावण जचा 🟡ओम राउत के निर्देशन में बनी हिन्दी फीचर फिल्म “आदिपुरुष” सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो गई है। प्रचार तंत्र की सफलता रही कि सिनेमाघरों में भीड़ देखने को मिली। उम्मीद थी तकनीकी गुणवत्ता के सहारे नए अंदाज में रामायण के प्रसंगों को देखने को मिलेगा, लेकिन अफसोस हर उम्मीद चूर-चूर हो गई। न कथानक में कसावट न अभिनय में गरिमा, न दृश्यों में कोई तालमेल। वाल्मिकी के महाकाव्य ‘रामायण’ पर बनी इस फिल्म में ना तो दर्शकों को प्रभु श्रीराम के किरदार में प्रभास पसंद आ रहे हैं और ना ही ‘रावण’ में रूप में सैफ अली खान का लुक लोगों को पसंद आ रहा है। हाँ उनका अभिनय जरूर कुछ प्रभावी है। फिल्म देखने के बाद दर्शकों द्वारा “आदिपुरुष” की तुलना रामानन्द सागर के धारावाहिक रामायण से की जा रही है और कहा जा रहा है कि धारावाहिक तकनीकी युग में न होते हुए भी बहुत प्रभावशाली था। अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और अरविन्द त्रिवेदी ने अपने अभिनय से इन पौराणिक किरदारों को हमेशा के लिए अमर बना दिया।
ओम राउत की आदिपुरुष की हर मोर्चे पर आलोचना हो रही है। इस फिल्म के संवादों को सुनकर बहुत हंसी आ रही है। दर्शकों का यह कहना था कि क्या हनुमान, रावण, रावण पुत्र के मध्य इस प्रकार के संवाद हुए होंगे, जो ओम राउत ने अपनी फिल्म में रखे हैं

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