हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का केस UP पुलिस के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम  में होगा शामिल

उत्तर प्रदेश को जुलाई माह में बेहद चर्चा में लाने कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू कांड को अब प्रदेश पुलिस के शीर्ष अधिकारी हमेशा अपने जेहन में रख सकेंगे। प्रदेश सरकार ने इसको लेकर बड़ा इंतजाम किया है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में चर्चित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे केस को अब पुलिस अकैडमी में आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों को पढ़ाया जाएगा. इसके साथ ज्योति हत्याकांड को भी किताबों के सिलेबस में शामिल किया जाएगा.

दरअसल, आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, जिसने यह सुझाव सरकार को दिया है. इस सुझाव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे नवंबर के अंत तक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा.

नए बैच के आईपीएस और पीपीएस अफसर इसको पढ़कर बेहतर पुलिसिंग के गुर सीखेंगे. स्टडी के मुताबिक, बिकरू कांड में पुलिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी तभी उसने ताबड़तोड़ हमला कर 8 पुलिस वालों को मार दिया था. इस पूरे प्रकरण में पुलिस की तरफ से दबिश और जांच की कई खामियों का खुलासा हुआ था.

क्यों की जा रही है कवायद:-इस घटनाक्रम की स्टडी की गई और इन खामियों के बारे में बताने, इनको दोबारा न दोहराने और इनका कैसे मुकाबला किया जाए, इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी. इस रिपोर्ट के जरिए अफसरों को ज्यादा बेहतर ढंग से काम करने लायक बनाने के लिए इसे पाठ्यक्रम में जोड़ने की कवायद की जा रही है.

बता दें कि इसी साल 2 जुलाई को कानपुर में विकास दुबे और उसके गैंग ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसी के बाद विकास दुबे फरार हो गया और करीब एक हफ्ते के बाद जब उसे मध्य प्रदेश से पकड़ा गया तो कानपुर लाते वक्त पुलिस एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया गया. पुलिस का कहना था कि कानपुर के पास विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और विकास दुबे ढेर हुआ.

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