दिसंबर तक वैक्सीन की 2 अरब डोज उपलब्ध होने के दावों पर वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग ने जताया संदेह

देश एक तरफ कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर झेल रहा है. सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि अगस्त से दिसंबर के बीच पांच महीनों में देश में दो अरब से अधिक खुराक उपलब्ध कराई जाएंगी, जो पूरी आबादी का टीकाकरण  करने के लिए पर्याप्त हैं. हालांकि, भारत के प्रख्यात वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर गगनदीप कांग  ने कहा कि वह केंद्र के इस दावे को लेकर संशय में हैं कि अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन की 2 अरब खुराक मिल जाएगी.उन्होंने कहा कि देश के वैक्सीन उत्पादक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया  और भारत बायोटक ने अपनी प्रोडक्शन कपैसिटी अब तक नहीं बढ़ाई है. भारत सरकार ने हाल ही में कहा था कि अगस्त से दिसंबर 2021 की 5 महीने की अवधि में 2 अरब से अधिक डोज देश में उपलब्ध होंगी, जो पूरी आबादी को वैक्सीनेट करने के लिए काफी होगी.

मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में गगनदीप कांग ने कहा कि अब तक भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन और जाइडस कैडिला की डीएनए वैक्सीन की प्रभावी क्षमता को लेकर पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मैं इस प्रोजेक्शन को संशय से देखती हूं. अगर आपको याद हो, तो हमें पिछले साल कहा गया था कि दिसंबर तक सीरम इंस्टीट्यूट 10 करोड़ से ज्यादा और भारत बायोटेक 1 करोड़ से अधिक डोज तैयार कर लेगी. लेकिन हमें पता है, ऐसा हुआ नहीं.”

गगनदीप कांग वैक्सीन के रिसर्च और इस्तेमाल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन  की सलाहकार समिति की भी सदस्य हैं. डॉ कांग ने सरकार की सूची में शामिल दूसरी वैक्सीन को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि अब तक उनके पास डेटा नहीं हैं. इससे पहले उन्होंने क्लीनिकल ट्रायल के दौरान ही भारत बायोटेक को मंजूरी देन पर भी सवाल उठाया था. हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों कोरोना वायरस के खिलाफ प्रभावी हैं.

कई राज्यों ने जारी किए ग्लोबल टेंडर:-नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने 13 मई को कहा था अगले साल की पहली तिमाही तक यह संख्या 3 अरब होने की संभावना है. उन्होंने कहा था कि अगस्त से दिसंबर के बीच कोविशील्ड की 75 करोड़ डोज का उत्पादन अनुमानित है, जबकि कोवैक्सीन की 55 करोड़ खुराक उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा, बायोलॉजिकल ई द्वारा 30 करोड़ डोज, जायडस कैडिला 5 करोड़, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा नोवावैक्स की 20 करोड़ डोज और भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ डोज जबकि जेनोवा 6 करोड़ खुराक और स्पुतनिक V 15.6 करोड़ खुराक उपलब्ध कराएगी.

देश में अभी तक केवल दो वैक्सीन- भारत बायोटेक की “कोवैक्सीन” और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया  द्वारा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की बनाई जा रही “कोविशील्ड” ही मुख्यतौर पर इस्तेमाल में लाई जा रही है. पिछले शुक्रवार को स्पुतनिक-V वैक्सीन की शुरुआत भी की गई, लेकिन वैक्सीन डोज बड़े पैमाने पर उपलब्ध नहीं है. वैक्सीन की कमी के बाद उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक सहित कई राज्य सरकारों ने डोज के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी किए.

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