
महाराष्ट्र के यवतमाल में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस के चालक का साहस महंगा पड़ गया. उमरखेड के पास बाढ़ के पानी में एक बस बह गई, यह घटना दहागाव में हुई है. ड्राइवर नाले का सही अंदाज़़ नहीं लगा पाया. उसने ना सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाली ,बल्कि बस में सवार लोगों की जान भी खतरे में डाल दी. इस घटना में ड्राइवर और कंडक्टर सहित चार लोगों की मौत की खबर है. दोनों यात्री नागपुर के रहने वाले थे. दो लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बचाव कार्य शुरू है. MH 14 BT 5018 नंबर की बस नांदेड़ से नागपुर की तरफ जा रही थी.
यह घटना आज (28 सितंबर, मंगलवार) सुबह साढ़े आठ बजे की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह बस कल सुबह नागपुर से निकली थी. रात के वक्त यह नांदेड़ पहुंची. आज सुबह सवा पांच बजे यह नांदेड़ से नागपुर के लिए निकली थी. रास्ते में उमरखेड में रूक कर वहां से साढ़े सात बजे निकली. टिकट मशीन के जीपीएस ट्रैकिंग से जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक बस में 8 यात्री सवार थे. दहागांव के पास जब बस पहुंची तो बाढ़ की वजह से नाले के ऊपर स्थित पुल पर भी पानी बह रहा था. ऐसे में ड्राइवर ने रिस्क लेकर बस आगे बढ़ाई. नाले और पुल के बीच का उसे अंतर समझ नहीं आया और बस नाले में समा गई.
ड्राइवर के पास था पिछले 24 साल का अनुभव:-ड्राइवर का नाम सतीश सूरेवार (53) और कंडक्टर का नाम भीमराव लक्ष्मण नागरीकर (56) था. ड्राइवर के पास पिछले 24 साल का अनुभव था. ड्राइवर के नाम आज तक एक भी एक्सीडेंट की घटना दर्ज नहीं है. मंजे हुए ड्राइवर होने की वजह से अति आत्म विश्वास की वजह से शायद वो बस नाले की तरफ ले गया और यह हादसा हो गया.
रात भर ज़ोरदार बारिश से आई बाढ़, नाले के पुल के ऊपर से बह रहा था पानी:-रात भर यहां ज़ोरदार बारिश हुई. इस वजह से नाले में पानी भर गया और पुल के ऊपर से बहने लगा. ड्राइवर ने जोखिम लेकर बस बढ़ाई लेकिन नाले के ऊपर से बहते हुए पानी में धार अधिक होने की वजह से बस बह गई. इस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही वहां तहसीलदार आनंद देऊलगावककर, थानेदार अमोल मालवे और बचाव दल के अधिकारी और कर्मचारी पहुंच गए. अब तक एक व्यक्ति का शव मिला है. दो लोगों को बचाने में कामयाबी मिली है. तीन लोग लापता हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक उनके बह जाने की आशंका जताई जा रही है.
गांव-गांव, शहर-शहर, बारिश और बाढ़ का कहर:-मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक सोमवार शाम से ही मराठवाडा और विदर्भ क्षेत्र के इलाकों में मूसलाधार बरसात शुरू है. यहां नदी, नाले, तालाब पूरी तरह से भर गए हैं. कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं. बाढ़ का पानी गांव के अंदर आ गया है. लोग अपने-अपने घर की छत पर आ गए हैं. बीड़, परभणी, बुलढाणा, औरंगाबाद, अकोला, नांदेड़ जिलों में बरसात ने जम कर कहर बरपाया है.