ओमिक्रॉन को लेकर WHO ने दी चेतावनी, कही ये बात

विश्व स्वास्थ्य संगठन  कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट  को लेकर बार-बार दुनिया के सभी देशों को आगाह कर रहा है और कह रहा है कि खतरा अभी टला नहीं है. WHO ने एक बार फिर कहा है कि दुनिया के कई देशों में ओमिक्रॉन की लहर का पीक  आना भी बाकी है इसलिए कोविड-19 प्रतिबंधों  में धीरे-धीरे छूट दी जानी चाहिए. मंगलवार को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की कोविड-19 पर बनी टेक्निकल लीड ने यह सुझाव दिया है.

ऑनलाइन ब्रीफ्रिंग में WHO की अधिकारी मारिया वेन ने कहा कि, हम सभी से यह अपील कर रहे हैं कि कई देशों में ओमिक्रॉन वेरिएंट की लहर का पीक आना अभी बाकी है. कई देशों में कोरोना वैक्सीनेशन की दर बेहद कम है और इन देशों की कमजोर आबादी को कोविड-19 वैक्सीन नहीं लगी है. इसलिए ऐसे समय में एक साथ सभी प्रतिबंधों को हटाना नहीं चाहिए.

मारिया वेन ने कहा कि, हमने हमेशा से सभी देशों से यह अपील की है कि कोविड-19 प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट दी जाए. क्योंकि यह वायरस शक्तिशाली है.वहीं WHO के महासचिव ने कहा कि, कुछ देशों में यह धारणा विकसित हो रही है कि बेहतर वैक्सीनेशन दर और ओमिक्रॉन के कम घातक होने के चलते खतरा टल गया है. यह वेरिएंट अति संक्रामक जरूर है लेकिन ज्यादा घातक नहीं है इसलिए इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा सोचना गलत है. उन्होंने कहा कि, संक्रमण बढ़ने से मौत का आंकड़ा भी बढ़ सकता है.

हालांकि हम यह नहीं कह रहे हैं कि फिर से देशों में लॉकडाउन लगाया जाए. लेकिन हम सभी देशों से यह आग्रह करते हैं कि वे अपने नागरिकों से कहें कि कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करें. क्योंकि ऐसा नहीं है कि सिर्फ वैक्सीन ही इस महामारी से लड़ने का एकमात्र हथियार है. उन्होंने यह भी कहा कि, हमने कोरोना महामारी के खिलाफ जंग जीत ली है ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है.

WHO के इमरजेंसी चीफ माइक रियान ने सभी देशों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए हर देश को अपने मौजूदा हालात का आकलन करके जरूरी कदम उठाना चाहिए. ऐसा नहीं है कि कोई और देश नियमों में ढील दे रहा है तो हम भी उसका अनुसरण करें.

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