इंदौर में वन्यजीवों की बढ़ती हलचल: सिल्वर स्प्रिंग-2 के सीसीटीवी में तेंदुआ कैद, रालामंडल–चोरल से शहरी इलाकों की ओर तेज हुआ मूवमेंट

इंदौर के देवगुराड़िया क्षेत्र की एक कॉलोनी के बाद अब सिल्वर स्प्रिंग-2 टाउनशिप के पास सिल्वर नेचर में तेंदुआ देखा गया। यह कॉलोनी रालामंडल अभयारण्य से लगी हुई है। बुधवार रात को सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ टाउनशिप के खाली प्लॉट में घूमता नजर आया, जिससे वहां के लोग दहशत में आ गए

टाउनशिप कमेटी ने निवासियों को सुबह और शाम की सैर के दौरान अलर्ट रहने की सलाह दी है। रालामंडल के एसडीओ योहन कटारे का कहना है कि गर्मी बढ़ने के कारण जानवर पानी और भोजन की तलाश में जंगल से बाहर निकल आते हैं, जिससे वे कई बार शहरी इलाकों तक पहुंच जाते हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ दिखाई दिया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि वह रालामंडल से आया है या किसी और क्षेत्र से, क्योंकि बायपास के पास तीन से चार पहाड़ियां हैं। रालामंडल में पहले भी तेंदुओं की मौजूदगी के प्रमाण मिल चुके हैं।

वन विभाग का कहना है कि इंदौर में जहां-जहां तेंदुए देखे गए हैं, वे सभी अलग-अलग तेंदुए हैं। इंदौर डिवीजन में कुल 60 तेंदुए हैं, जिनका मूवमेंट इंदौर, महू, मानपुर और चोरल क्षेत्र में रहता है। रालामंडल में सबसे ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी होती है, क्योंकि वहां घने जंगल हैं और शिकार के लिए खरगोश, नीलगाय, लकड़बग्घा, लोमड़ी, चीतल, जंगली सूअर, सियार, चिंकारा जैसे जानवर मिलते हैं। तेंदुआ इंसानों पर सीधे हमला नहीं करता।

सिल्वर स्प्रिंग-2 टाउनशिप के पास सिल्वर नेचर में तेंदुआ देखा गया।

हर साल शहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों का मूवमेंट बढ़ रहा

इंदौर वन विभाग रेंज के तहत 71,000 हेक्टेयर के जंगल में 13,000 से ज्यादा वन्यजीव मौजूद हैं। पिछले कुछ सालों में शहरी क्षेत्रों में तेंदुओं और अन्य जानवरों का मूवमेंट लगातार बढ़ रहा है।

इन इलाकों में दिखे तेंदुआ

  • जनवरी 2023 – सुपर कॉरिडोर (टीसीएस और इंफोसिस के पास)
  • मार्च 2023 – कैट रोड (वन विभाग को पंजों के निशान मिले)
  • 2024 की शुरुआत – देवगुराड़िया क्षेत्र की कॉलोनियों में दो बार तेंदुआ दिखा
  • 2023 में – IIT परिसर, आर्मी कैंपस महू, सिल्वर स्प्रिंग फेस-2 टाउनशिप के पास सिल्वर वुड और सिल्वर नेचर में भी तेंदुआ दिखा

इंदौर वन क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या

इंदौर वन रेंज

  • 5 तेंदुए
  • 12 लकड़बग्घे
  • 4572 मोर
  • 226 बंदर
  • 152 खरगोश
  • 23 भेड़िए
  • 21 सियार

रालामंडल क्षेत्र

  • 3 तेंदुए
  • 78 नीलगाय
  • 6 बार्किंग डियर (भौंकने वाले हिरण)
  • 55 काले हिरण
  • 22 लकड़बग्घे
  • 25 लोमड़ी
  • 75 चीतल
  • 45 जंगली सूअर
  • 16 सियार
  • 5 चिंकारा
  • 18 बिलाव

चोरल के जंगलों में 10 तेंदुए के मूवमेंट

चोरल के जंगलों में 10 तेंदुए मौजूद हैं। जिनका मूवमेंट लगातार शहरी क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि, इंदौर-खंडवा रोड का काम तेज गति से चल रहा है। इस रोड पर टनल बनाने का काम भी चल रहा है। टनल बनाने का काम जंगल के रास्ते में किया जा रहा है, जिससे जानवरों का मूवमेंट लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यह आंकड़े जंगलों में वन्यजीवों के पग चिन्ह यानी पैरों के निशानों की संख्या पर आधारित है।​​​​​​

वन्य जीवों की संख्या

  • 10 तेंदुए
  • 50 नीलगाय
  • 300 सियार
  • 50 लोमड़ी
  • 500 खरगोश
  • 500 जंगली सूअर
  • 20 हिरण

मानपुर वन क्षेत्र

  • 9 तेंदुए
  • 1 बाघ
  • 38 लकड़बग्घे
  • 168 सियार
  • 196 भेड़िए
  • 364 नीलगाय
  • 2965 मोर

महू के जंगलों में 2 हजार 530 वन्यप्राणी

  • 30-35 तेंदुए
  • 80 लकड़बग्घे
  • 345 नीलगाय
  • 80-100 लोमड़ी
  • 300 सियार
  • 400 भेड़िए
  • 200 खरगोश
  • 1000 से ज्यादा लंगूर

4 रेंज में 5 बाघों का मूवमेंट

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, महू, मानपुर और चोरल रेंज में 5 बाघों का मूवमेंट देखा गया है। ये बाघ देवास, इंदौर और बड़वाह वन मंडल के बीच घूमते रहते हैं।

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