इंदौर प्रेस क्लब में युवक-युवतियों से मारपीट, कालिख पोती गई धर्मांतरण के आरोप में बजरंग दल का हंगामा, पुलिस ने जांच शुरू की

इंदौर के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए 8 युवक-युवतियों के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की है। युवतियों से भी धक्का-मुक्की की गई। इन पर धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगा है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवक युवती के साथ मारपीट की।

जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें भीड़ से बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला। मीडियाकर्मियों ने भी बीच-बचाव किया। बाद में पुलिस युवक-युवतियों को अपने साथ थाने लेकर गई।

बजरंग दल के विभाग संयोजक अविनाश कौशल ने बताया कि देवास के जंगलों में बड़ी संख्या में धर्मांतरण हो रहा है। ये लोग जब इंदौर आए तो इन्हें हमने समझाने की कोशिश की। इस पर ये हमें ही धमकाने लगे। बड़ी संख्या में युवतियों को ईसाई बना रहे हैं।

पुलिस ने कहा कि धर्मांतरण के मामले में विवाद हुआ है। हम जांच कर रहे हैं।

मामले से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए –

प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए युवक-युवतियों से मारपीट की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जब युवक-युवतियां एक समाचार पत्र के दफ्तर पहुंचे तो यहां भी इनके साथ मारपीट की गई।

युवक-युवतियों के मुंह पर कालिख भी पोत दी गई।

बजरंग दल ने देवास पुलिस के सामने पीटा इंदौर प्रेस क्लब में पिटाई के बाद सौरभ बनर्जी अपने आठ दूसरे साथियों के साथ एक अखबार के दफ्तर में पहुंचे। यहां से वे थाने में शिकायत करने जा रहे थे। लेकिन इस बीच देवास पुलिस वहां पहुंच गई। सभी नौ लोगों को अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रही थी, इसी बीच बजरंग दल के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।

दो दर्जन कार्यकर्ताओं ने सौरभ बनर्जी का नाम पूछा और सभी पर एक साथ टूट पड़े। इस बीच देवास पुलिस ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सौरभ बनर्जी और उनके साथी वहां से भागने लगे।

लेकिन बजरंग दल ने उन्हें भागते हुए पकड़ा और फिर पीट दिया। बजरंग दल ने सौरभ और उनके साथियों का मुंह भी काला किया। इस बीच पुलिस ने सभी को एक-एक कर अपनी गाड़ी में बैठाया और देवास ले गई।

जंगल में रहकर धर्म परिवर्तन करवाने का है आरोप देवास‎ के बरोठा थाना क्षेत्र के शुक्रवासा गांव के हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस को शिकायत की थी। उनका कहना था कि गांव से लगे जंगल में टपरी बनाकर 8 युवक और 2 ‎युवतियां रह रही हैं। उनकी गतिविधियां ‎संदिग्ध हैं। यह लोग जरूरतमंद लोगों ‎को पहचान कर उन्हें लालच देकर अपने‎ साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने धर्मांतरण की आशंका जाहिर की थी।

आदिवासी से दो हजार रुपए में किराए पर जमीन ली ‎शिकायत पर बुधवार को पुलिस गांव पहुंची और युवकों से पूछताछ की। पता चला कि इन लोगों ने शुक्रवासा के देवराज ‎भील की साढ़े 6 बीघा जमीन सिर्फ दो हजार रुपए के किराए पर ली है। इसका उपयोग ‎यह लोग कर रहे हैं। यहीं पर एक टपरी भी बना रखी है। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप और ‎अन्य संसाधन जब्त कर मामले को जांच में लिया है।

प्रारंभिक पड़ताल में इन्होंने खुद को पढ़ा-लिखा बताया, लेकिन कोई डिग्री मौके पर नहीं दिखा सके।

देवास के जंगल में मिला था अस्थायी घर, जहां युवक रह रहे थे।

खुद पर लगे आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे इस पूरे मामले को लेकर सौरभ बनर्जी और उनके साथ एक युवती गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने इंदौर आए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले ही बजरंग दल के लोगों ने सौरभ और युवती के साथ मारपीट कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बचाया, वहीं कुछ ही देर में सेंट्रल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। सौरभ बनर्जी पत्रकार है। 2018 में फ्री प्रेस अखबार से निकलने के बाद अभी ग्लोबल हैराल्ड में काम कर रहे हैं।

युवक-युवती को खुलेआम धमकी , मीडिया से मिलने से रोका आरोप है कि बजरंग दल कार्यकर्ता खुलेआम मीडिया के सामने ही सौरभ और उनके साथ आई युवती को जान से मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद उन्होंने सौरभ को मीडिया से बात नहीं करने की चेतावनी दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रेस क्लब के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आरोप है कि सौरभ के साथ आए अन्य युवकों के साथ भी मारपीट की गई।

बजरंग दल ने पुलिस को इस मामले में शिकायती आवदेन पत्र दिया था।

युवक बोला- हम पर लगाए गए आरोप झूठे हैं पुलिस के साथ जाने से पहले सौरभ बनर्जी ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने बताया कि वे भी पूजा-पाठ करते हैं और धर्मांतरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन पर विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वे जो भी सामाजिक काम करते हैं, वे सभी प्रशासन की जानकारी में होते हैं। उनके लगाए शिविरों की जानकारी भी प्रशासन को दी गई है।

पुलिस को कोई दस्तावेज, आईडी नहीं मिले बुधवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए चार युवकों को हिरासत में लिया, जबकि कुछ अन्य लोग पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। पुलिस को इन लोगों के पास से कोई वैध दस्तावेज या आईडी नहीं मिली है। पूछताछ में इनका मुख्य व्यक्ति सौम्य बनर्जी नाम का युवक बताया जा रहा है।

टीआई अजय गुर्जर ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हर एंगल से पूछताछ और जांच की जा रही है। जंगल में रह रहे युवक अलग-अलग शहरों के रहने वाले हैं, जिनमें शहडोल और पश्चिम बंगाल के युवक शामिल हैं। वहीं, दोनों युवतियां इंदौर की रहने वाली बताई जा रही हैं।

पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध होने से मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर जांच की जा रही है। टीम का मुख्य व्यक्ति सौरभ बनर्जी इंदौर में रहता है, उसे लेने इंदौर पहुंचे हैं। इनके मकसद की गहराई से जांच की जा रही है।

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