महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने वापस ली अपनी शिकायत

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली मुंबई की महिला ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत वापस ले ली है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने जांच करने वाले अधिकारी से कहा है कि वह मुंडे के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले रही है, हालांकि महिला ने यह नहीं बताया कि उसके इस फैसले के पीछे वजह क्या है.

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता को इस संबंध में एक नोटरीकृत हलफनामा सौंपने को कहा है। महिला ने सामाजिक न्याय मंत्री मुंडे (45) के खिलाफ 11 जनवरी को शिकायत देकर उनपर 2006 में शादी के नाम पर दुष्कर्म करने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच शुरू की थी और महिला अपना बयान दर्ज कराने के लिए ओशिवरा थाने पहुंची थी। राकांपा के नेता मुंडे ने दुष्कर्म के आरोपों से इनकार किया था और इसे उन्हें ‘ब्लैकमेल’ करने का प्रयास बताया था।

हालांकि, मंत्री ने माना था कि उनका शिकायतकर्ता की बहन के साथ संबंध था। यह मामला सामने आने के बाद भाजपा ने मंत्रिमंडल से मुंडे के इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि, राकांपा ने आरोप साबित होने तक मुंडे के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई से इनकार किया था।

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुंडे के खिलाफ दुष्कर्म के आरोपों की असलियत सामने आने तक इंतजार करने का निर्णय सही था। पवार ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ‘‘ राज्य की महाविकास अघाड़ी नेतृत्व वाली सरकार को गिराने का प्रयास दिल्ली से हो रहा है।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा कि राज्य सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने (महिला) शिकायत वापस लेने की खबरें देखी हैं। मुझे विस्तार से नहीं पता है, लेकिन मुंडे और अधिकारियों से बात करने के बाद हमें लगा था कि पहले घटना की असलियत का पता लगाने की जरूरत है।’’ शुरुआत में दुष्कर्म के आरोपों को गंभीर बताने वाले राकांपा प्रमुख ने कहा कि मामले में कुछ दस्तावेज देखने के बाद पार्टी ने आरोपों की विस्तृत जांच की पैरवी की थी।

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